अजब-गज़ब अनोखा आइलैंड

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Spiral Island
photo courtesy-https://steemit.com/l
आइलैंड की दुनिया भी कम अनोखी नहीं होती है। खासकर, मानव निर्मित आइलैंड की बात की जाय तो उसके स्वरूप ऐसे होते हैं कि आप सहसा विश्वास नहीं कर सकते हैं कि वास्तव में यह आइलैंड है या कुछ और। यहां पर कल्पनाओं की सुंदर योजनानओं को धरती पर उतारने के लिए मानव मस्तिष्क की भूमिका भी कम महत्वपूर्ण नहीं होती है। पानी के साथ इसका यह अनोखा संगम बरबस ही किसी को अपनी ओर खींचता है। इस अनोखे आइलैंड की दुनिया में फ्लोटिंग स्पाइरल आइलैंड भी कुछ इसी प्रकार का है। यह अनोखा आइलैंड मैक्सिको के दक्षिण कैरिबियन खाड़ी में स्थित है। यह स्थान कानकुन (Cancún)  सिटी के नाम से प्रसिद्ध है। स्पाइरल आइलैंड अनोखा होने के साथ-साथ सुंदर भी है। इस अनोखे आइलैंड का निर्माण कार्य की शुरूआत 1998 में की गई। ब्रिटिश प्रसिद्ध पर्यावरणविद् रिचार्ट सोवा आइलैंड के निर्माणकर्ता और वास्तुकार हैं। उन्होंने बेकार पड़े बोतलों और अन्य वज्र्य पदार्थ से इसका निर्माण किया। इस अवशिष्टï पदार्थ को लकड़ी और बांस के सहारे सुंदर रूप दिया गया। समुद्री बालू और कई पेड़ों के सहयोग से इस आइलैंड की नींव मज़बूत की गई।
समुद्री किनारे पर उगने वाले पेड़ मैंग्रोव ने स्पाइरल आइलैंड को स्थायित्व प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया। लेकिन इस खूबसूरत औैर अनोखा आइलैंड को वर्ष 2005 के समय हरिकेन नामक समुद्री तुफान ने नष्टï कर दिया। उसके बाद फिर सोवा ने मैक्सिको के इस्ला मुजेरेस नामक स्थान पर इसी प्रकार के एक आइलैंड का निर्माण किया। वर्तमान में जो वास्तविक रूप से जो तैरता  हुआ आइलैंड दिख रहा है, उसमें टू स्टोरी हाउस, एक सोलर ओवन, सेल्फ कंपाजिटिंग टॉयलेट है, जो तीन बिच से घिरा हुआ है। इसे बनाने में करीब ढ़ाई लाख बोतलों का इस्तेमाल किया गया है। यह आइलैंड 66 फीट लंबा और 54 फीट चौड़ा है।
आइलैंड को प्रकृति के साथ सांमजस्य बनाने में समुद्री किनारे पर उगने वाली पेड़ मैंग्रोव का महत्वपूर्ण योगदान है। कुछ पेड़ तो यहां 15 फीट तक ऊंचे हैं। इसके निर्माणकर्ता सोवा बहुमुखी प्रतिभा के धनी है। वह जहां अच्छे संगीतज्ञ हैं, वहीं कलाकार और कारपेंटर भी हैं। पर्यावरणविद् सोआ का मानना है कि कोई चीज़ बेकार नहीं होती है। बेकार चीज़ों से भी बेहतर संरचना बनाया जा सकता है। इनका मत है कि सिम्पलसिटी इज द बेस्ट। वह चीज़ो की रिसाइक्लिंग के सहारे प्रकृति की गोद में आशियाने बनाने की चाहत रखते हैं। यह आइलैंड अनोखा होने के कारण दुनिया भर की माडिया में स्थान पाता रहा है। इलेक्ट्रोनिक और प्रिंट दोनों में ही इसका जलवा दुनिया के लोगों ने देखा है। खासकर, टीवी चैनलों पर ‘बिलिव इट और बिलिव नोट’ के कार्यक्रमों में उसने जमकर लोकप्रियता बटोरी है। यह तैरता हुआ आइलैंड को इस प्रकार से बनाया गया है कि यह डूब नहीं सकता है। वैज्ञानिक तरीके से बनाया गया यह आइलैंड में ये सारी व्यवस्थाएं हैं जो इसे सुरक्षित और सुंदर रख सके। यहां चलने वाली हवा के गति को ध्यान में इसके हर एक भाग का निर्माण किया गया है। इस नए आइलैंड में बिच, पोखर, सोलर पावरर्ड वॉटर फॉल, कृत्रिम नदी और ऊर्जा की ज़रूरत को पूरा करने के लिए सोलर पैनल भी बनाए गए हैं। यह आइलैंड निर्माण की दुनिया को एक नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। दिन-प्रति-दिन उसके निर्माण कार्य में कुछ न कुछ नयी चीज़ जुड़ रही है। यह आइलैंड पूरी तरह से इकोफ्रेंडली है।

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