अजब-गज़ब जेल की निराली दुनिया

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मुकेश के झा

जेल के नाम आते ही जेहन में एक शब्दचित्र घूमता है कि एक विवश आदमी है, जो जंजीरों से जकड़ा हुआ है और उसके चारों ओर मोटे-मोटे लोहे के ग्रील लगे हुये हैं। खासकर, कैदी के इस रूप को शब्द और चित्रों के सहारे खूब भुनाया गया है। फिल्म चाहे विश्व में कहीं की हो लेकिन कैदी और जेल की तस्वीर हर जगह समान दिखती है। जेल के पीछे की जि़दगी को हमेशा नकारात्मक रूप में ही दिखाया गया है। प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक मधुर भंडारकर की फिल्म को ही आप उदाहरण के तौर पर देख सकते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व में कैदियों के रहने के स्थान यानि जेल ऐसी-ऐसी हैं कि आप एक बारिगी यहां की स्थिति को देखकर आप चौंके बिना नहीं रह सकते हैं। कुछ जेल को जेल के तौर पर आप मौज-मस्ती का केन्द्र कह सकते हैं तो कहीं-कहीं जेल तो सुविधाओं के मामले में फाइव स्टार होटल को भी पीछे छोड़ सकती है। यहां पर टॉप टेन जेल जो हैं, वह कुछ हटकर जेल हैं। इनकी खासियत इसे एक अलग पहचान देती है। इन जेलों के बारे में विस्तृत वर्णन दिया जा रहा है।

पॉश कॉलोनी जैसी जेल

अजब-गज़ब टॉप टेन जेल के फेहरिस्त में शुमार है-सान पेड्रो जेल। यह जेल बोलिविया के लापेज शहर में स्थित है। यहां पर करीब 1,500 कैदी रहते हैं। जेल में पूरी कॉलोनी बसी हुयी है। इस जेल में बच्चों के खेलने का स्थान, मार्केट स्टॉल, रेस्टोरेंट, हेयर ड्रेसर और होटल भी हैं। यहां की गलियां बोलिविया के प्रसिद्ध स्थान एल अल्टो से काफी मिलती जुलती है। यहां पर इन कैदियों को एक प्रकार से उनमुक्त जीवन जीने की छूट मिली है। जेल में कोई गार्डस नहीं होता है। यहां कोई यूनिफोर्म भी नहीं और जेल में कोई लोहे की छड़ भी लगी नहीं होती है। यहां कैदियों के सम्बन्धियों को यहां पर आने की आज़ादी मिली हुयी है। इस जेल में परिश्रम के हिसाब से सब कुछ मिलता है। परिश्रम से जितना पैसा यहां कैदी कमा पाते हैं, उसी अनुसार वे सुविधा भी उठा पाते हैं। यदि यहां के कैदी बेहतर पैसा कमा पाते हैं तो उनकी राजसी ठाट-बाट देखते ही बनती है। पैसेे होने के बाद कैदी पॉश कॉलोनी में रह सकते हैं। जहां पर रहने का स्थान पर सभी तरह की सुविधा प्रदान की जाती हैं। यहां पर कैदी को प्राइवेट बाथरूम, किचिन और केवल टीवी जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इस घर के बाहर बिलियर्ड टेबल, कियोस्क और फूड स्टॉल लगे रहते हैं। इस प्रकार के सेल्स जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है, उसमें रहने के लिये कैदी को 1,000 डॉलर से लेकर 1,500 डॉलर देने होते हैं। रहने की अवधि कैदी की सजा तक के लिये होती है।

                                                    संगीत की धुन पर नाचे कैदी

यहां दिये गये दृश्य संगीत समारोह का ही है लेकिन यह समारोह कहीं और नहीं जेल में आयोजित किया जाता है। आप सोच रहे होंगे कि ऐसा भी भला जेल हो सकती है, जहां पर कैदी भी डांस कर सकते हैं। यह अजब-गज़ब जेल फिलीपिन्स में है। इसका का नाम सेबु जेल है। इस जेल में करीब 1,500 कैदी विभिन्न अपराधों के लिये सजा काट रहे हैं। यहां की स्थिति को देखकर आप नहीं कह सकते हैं कि हत्यारे, ड्रग बेचने वाले और सेक्स अपराध करने वालों के लिये मनोरंजन की दुनिया नहीं होती है। फिलीपिन्स के इस जेल में कैदियों को माइकल जैक्सन के प्रसिद्ध एलबम ‘थ्रीलर’ पर पांव थिरकाते देखकर आप भले ही कुछ देर के लिये चौंके जायें लेकिन यह वास्तविक है। इस अनोखी जेल में कैदी गु्रप डांस करते हैं। वस्तुत: यह गु्रप डांस जेल में कसरत का एक हिस्सा है। कैदी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का परिचय देते हैं। कैदी चैरिटेबल कार्यक्रम और सांस्कृतिक कार्यक्रम में डांस प्रदर्शन करते हैं। उनके इस प्रदर्शन पर पैसा भी मिलता है। कुछ कार्यक्रमों का बकायदा लाइव टेलीकास्ट किया जाता है। यहां के महत्वपूर्र्ण कार्यक्रम का सीडी का आप चाहे तो यहां रहने वाले कैदियों से खरीद भी सकते है।

फाइव स्टार जेल

यह यह जेल आस्ट्रिया के स्ट्रीया प्रांत के लियोबेन जि़ले में स्थित है। इसका नाम जस्टिस सेंटर लियोबेन है। मशहूर आर्किटेक्ट जोसफ होहैनसिन्न ने इस जेल की डिज़ाइन तैयार किया है। इसे वर्ष 2005 में तैयार किया गया था। इस जेल की परिधि पर दो शिलालेख हैं, जिसमें प्रथम शिलालेख में उत्र्कीर्ण शब्द हैं ”मानव जाति स्वतंत्र पैदा होते हैं और वे सब बराबर की गरिमा व जीने के अधिकारी होते है’ यह शब्द अमेरिका के स्वतंत्रता के घोषणापत्र से लिया गया है। दूसरे शिलालेख पर उत्र्कीण शब्द हैं ”प्रत्येक व्यक्ति जो अपनी स्वतंत्रता से वंचित है, उसके साथ भी जन्मजात गौरव और सम्मान के साथ मानवीय व्यवहार करना चाहियेÓÓ। इस जेल को यहां स्थित कोर्ट बिल्डिंग के पास ही तार्किक रूप से बनाया गया है। जहां एक तरफ की जि़न्दगी दीवारों से सिमटी है तो दूसरी तरफ जेल से दिख रहा पूरा शहर की जि़न्दगी खुले आसमान में स्वछंद विचरण कर रही है। इस बात की गहराई समझाने के लिहाज से ही इस जेल का निर्माण किया गया है। इसे टाउनशिप योजना के तहत बनाया गया है। वास्तव में इस जेल को बनाने के पीछे एकमात्र ध्येय यह है कि यह न्याय का पैलेस तो नहीं है लेकिन एक आधुनिक और उज्जवल भविष्य की कामना हेतु आम नागरिकों की सेवा में समर्पित है। इस जेल में कैदियों को ये सभी सुविधाएं दी जाती है, जो आधुनिक युग की मांग है। जस्टिस सेंटर लियोबे में स्पा, जीमखाना, इंडोर कोर्ट, व्यक्तिगत अभिरूची के समान जैसी कई सुविधाएं हैं, जिसे देखकर आप चौंके बिना नहीं रह सकते हैं। इस लग्ज़ूरिस जेल में 205 कैदियों को रहने की अति उत्तम व्यवस्था है।

                                                  ओवर  क्राउडेड जेल

इस जेल का नाम क्रेस्टी है। यह विश्व में सबसे ज्यादा ऑवर क्राउडेड जेल के श्रेणी में आती है। रूस के सेंटपिट्सवर्ग में स्थित इस जेल में करीब 10,000 कैदी रह सकते हैं। लेकिन रूस के इस जेल में भारत जैसी स्थिति है। क्षमता से ज्यादा कैदी रखने की। के्रस्टी जेल में करीब 3,000 कैदी रखने की क्षमता है लेकिन यहां पर करीब क्षमता से तीन गुणा से ज्यादा संख्या में कैदी रहते हैं। यहां पर प्रत्येक कैदी को मात्र 4 स्क्वेयर मीटर का स्पेस और सप्ताह में मात्र 15 मिनट शॉवर के पास बिताने को मिलता है। इस जेल की स्थिति को देखते हुये वर्ष 2006 में रूस के राष्टï्रपति ब्लादिमीर पुतीन ने कहा था कि इस जेल से कैदी को सेंट पिट्सबर्ग से बहार कोलनिन्सकी जि़ले में ले जाया जा सकता है। जब तक पूरी तरह से एक अलग जगह जेल तैयार नहीं होती है तब तक कैदी को इसी माहौल में गुंजाइश करनी होगी। इस स्थान को संभवत: निलामी के द्वारा बेच दिया जाएगा। जहां संभव है कि यह जेल होटल कम इंटरटेनमेंट कॉम्प्लैक्स में तब्दिल हो जाये।

                                                   दुनिया की सबसे छोटी जेल

यह जेल दुनिया की सबसे छोटी जेल है। इसका नाम सार्क जेल है। इस अनोखी जेल में मात्र दो कैदी रह सकते हैं। यह जेल त्रह्वद्गह्म्ठ्ठह्यद्ग4आइलैंड के सार्क आइलैंड पर स्थित है। यह वर्ष 1856 में बनायी गयी थी। यहां पर दो कैदियों को रात भर कैद करके रखा जाता था. यदि फिर भी वे ना सुधरें तो उन्हें दूसरी बड़ी जेल भेजा दिया जाता था।

                                                 सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर न मार सके

यह जेल सख्ती के मामले में काफी प्रसिद्ध है। सुरक्षा व्यवस्था ऐसी की परिंदा भी पर न मार सके। यहां पर अमेरिका के प्रसिद्ध कैदी रहते हैं। इसका नाम एडीएक्स जेल है। यह अमेरिका के कॉलोरोडो राज्य में स्थित है। इस जेल को वर्ष 1994 में खोला गया था। बाद में यह जेल अमानवीय यातनाओं का स्थान बन गयी। कैदियों को सप्ताह में सिर्फ नौ घंटे जेल से निकलने का मौका दिया जाता है। कभी-कभार ही कैदी दूसरे लोगों से मिल सकते हैं। रहने वाले स्थान पर सूर्य का पर्याप्त प्रकाश भी नहीं पहुंच पाता है। यहां के ज्यादा रूम कंक्रीट के बने हुये हैं। रूम काफी कनजेस्टेड होने के कारण यहां पर कोई भी समान को इधर-उधर करना मुश्किल भरा काम है। छोटा सा सामान को भी यहां पर इधर-उधर करना लोहे के चने चबाने जैसा है। यहां पर कोई भी व्यक्ति यदि टॉयलेट जाने का प्रयास असमय करता है तो टॉयलेट अपने आप बंद हो जाता है और शॉवर अपने आप चल पड़ता है। फिर बाथरूम में बाढ़ जैसी हालात हो जाती है। अमेरिका में इस स्थान को सबसे घटिया जेल की श्रेणी में रखा गया है। यहां पर करीब 490 कैदी रहते हैं।

जेल की दीवारों पर मिक्की माउस

 

यह जेल भी कम अजूबा नहीं है। विश्व में यह एक मात्र ऐसी जेल है, जहां पर कैदी को फैमिली यूनिट के साथ रहने का मौका प्रदान किया जाता है। यह अनेाखी जेल स्पेन की राजधानी मैड्रिट से 40 किलोमीटर दूर है। इस स्थान पर 36 फैमिली सेल हैं। यह सेल सभी सुविधाओं से लगभग लैस है। इसका नाम अरांजुएज जेल है। जेल की दीवारों पर जहां डीज़नीलैंड के करेक्टर मिक्की माउस, वहीं घरों में तरह-तरह की खिलौने की भरमार होती है। बच्चों को यहां पर घर जैसा वातावरण मिलता है। इस प्रकार के जेल बनाने का उद्धेश्य यह है कि यदि मां-बाप दोनों ही कैदी हैं, तो ऐसी स्थिति में बच्चों की अच्छी परवरिस हो सकें ताकि वह भविष्य में एक बेहतर नागरिक बन सके।

                                                    इकोफ्रेंडली जेल

यह जेल Bastoey Island Low Security Prison यूनिक है। दुनिया में यह पहली ऐसी जेल है, जहां पर इकोफ्रेंडली कॉन्सेप्ट काम करता है। नार्वे की इस जेल में सुरक्षा व्यवस्था नरम है। जेल में जघन्य अपराध करने वाले कैदी भी रहते हैं लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि इन तरह के कैदियों को भी पृथ्वी को हरा-भरा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस जेल की फिजा को बदलने में इको-फ्रेंडली कॉन्सेप्ट काफी कारगर साबित हुआ है। पूरा का पूरा इलाका हरियाली से अच्छादित रहता है। ऊर्जा की ज़रूरत को सौलर पैनल से पूरा किया जाता है। यहां पर भोजन के लिये उपलब्ध खाद्य-पदार्थ को भी कैदियों द्वारा ही उपजाया जाता है। हर एक चीज़ की रिसाइक्लिंग की जाती है। ताकि कार्बन की मात्रा कम से कम उत्सर्जन हो और पर्यावरण सुरक्षित रह सके। कार्बन फुटप्रिंट के मापदंड पर आधारित पैमाने को ध्यान रखा जाता है। सौलर पैनल से उपलब्ध ऊर्जा यहां की आवश्यकता को लगभग 70 प्रतिशत तक पूरा कर देती है। यहां पर उगाए जाने वाले खाद्य-पदार्थ में कीटनाशक और रासायनिक खाद्ध का इस्तेमाल नहीं किया जाता है। इसके बावजूद यहां पर अच्छी गुणवत्तायुक्त फसलों का उत्पादन किया जाता है। यहां उगाए जान वाले फशलों का ज्यादातर इस्तेमाल यहां के भोजन में ही हो जाता है और बाकि बचे फशलों को अन्य जेलों में बेच दिया जाता है। इस आइलैंड की इको-फ्रेंडली रहन-सहन विश्व की मीडिया को आकर्षित करता रहा है। यहां पर कैदियों को बेहतर जीवन सुविधा के अतिरिक्त टेनिस, घुड़सवारी और स्विमिंग करने की भी छूट है। इस जेल को पर्यावरण संबन्धी कई पुरस्कार मिल चुके हैं।

                                            बेहतर लाइफ स्टाइल वाली जेल

यह जेल मैक्सिको में स्थित है। यहां के कैदी अहिंसावादी प्रवृति के हैं। इस जेल का नाम सरसो चेटुमल है। जेल में रहने वाले कैदी शिल्पकला और अन्य कला में दक्ष होते हैं। उनके इस कला में निखार के लिये बकायदा ट्रेनर रखे जाते हैं। वे अपनी शिल्पकला के प्रोडक्ट्स यहां आने वाले शैलानियों को बेचते भी हैं। समय-समय पर यहां के कैदी बॉक्सिंग के रिंग में अपने हुनर को दिखाकर बाहवाही भी बटोरते हैं। जेल में करीब 11 सौ कैदी रहते हैं। यहां पर कैदियों को बेहतर जीवन सुविधा के साथ-साथ बेहतर खाना और नाश्ता दिया जाता है। इन सभी सुविधाओं के कारण कैदी को यहां का जीवन रास आने लगता है। समय-समय पर यहां पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जाता है। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में सभी की भागीदारी होती है, क्या पुरूष और क्या महिला सभी एक ही रंग में नज़र आते हैं।

                                          जहां छंटे हुये बदमाश कैद किये जाते थे

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