अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस अनोखा आइलैंड

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आईलैड का एक समूह संयुक्त अरब अमीरात की औद्योगिक राजधानी दुबई की खाड़ी में बनाया जा रहा है। यहां करीब 300 द्वीप समूह बनाए जा रहे हैं, जो 9.5 किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है। इस परियोजना के तहत मैरिन विलेज को भी विकसित किया जा रहा है। यहां रहने वाले लोगों और आगुतंकों के लिए उचित भोजन की व्यवस्था, खरीदारी के लिए रिटेल शॉप, 150 कमरों का मॉडर्न व शानदार होटल, स्पा जैसी कई आधुनिक सुख सुविधाएं उपलब्ध होंगी। समुद्र की अथाह गहराइयों में दुनिया बसाना आसान नहीं होता। एक्सट्रीम इंजीनियरिंग के प्रयोग से समुद्र की अतल गहराइयों में द्वीप समूह बनाने के लिए समुद्री बालू का इस्तेमाल किया जाता है। अनुमान है कि इसे बनाने में करीब 320 मिलियन क्यूबिक मीटर बालू की जरूरत होगी।

दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतुम  और नखील प्रॉपर्टी ने इसे जीवंत कर दिया है। इस आइलैंड को आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह के उपयोग के लिए बनाया है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी परियोजना से जुड़ी कंपनियां ज्यादा संजीदा है। वे ऐसा सुरक्षा तंत्र बनाना चाहती है जो विश्व में उदाहरण बन सके। इस आइलैंड को लेकर इतनी जिज्ञासा है कि यहां के करीब 50 प्रतिशत द्वीपों को विश्व भर की प्रसिद्ध हस्तियों ने खरीद लिया है। यहां प्राइवेट रिजॉर्ट, रेस्टोरेंट, याचेट क्लब, स्कूबा डाइविंग, मैरिस, बिच क्लब जैसी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके बनने के साथ ही यहां आधुनिक सुख सुविधाओं से लैस 40 लग्जेरियस रिजॉर्ट होंगे, जो यहां के माहौल को और भी रंगीन बना देंगे। दुनिया भर की प्रसिद्ध ब्रांडेड कंपनियां यहां अपनी सेवाएं देंगी। इस जगह का एक आइलैंड की कीमत 15 मिलियन डॉलर से लेकर 50 मिलियन डॉलर तक है। एक प्रसिद्ध आइलैंड की कीमत तो करीब 250 मिलियन डॉलर आंकी गई है। यहां द्वीपों को कई श्रेणियों में बांटा गया है और प्रत्येक श्रेणी की दुनिया भी अलग अलग अंदाज में होगी। अपने अनोखेपन के कारण यह द्वीप समूह रियल एस्टेट की दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका है। अनुमान है कि आने वाले समय में इसकी लोकप्रियता का ग्राफ काफी ऊंचा होगा। यह पर्यटन उद्योग के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।

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