दरवाजा है संपूर्ण घर का आइना

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दरवाजे का हमारे जीवन में अहम् योगदान है। घर से बाहर निकलते या घर के अंदर प्रवेश करते समय सबसे पहले हमें दरवाजे से ही रूबरू होना  पड़ता है। दरवाज़े की बनावट तथा उसके रंग रूप, साज-सज्जा पर खास गौर किया जाता है। आपके घर की रहन-सहन का आंकलन दरवाजे की सजावट से ही हो जाता है, क्योंकि दरवाजे के सौदर्यं से आपके व्यक्तित्व के बारे में पता चलता है। यह यदि सुसज्जित हो तो मन प्रसन्न हो जाता है और उसी प्रसन्नता के साथ हम घर में प्रवेश करते हैं। कुछ समय पहले दरवाजे का मुख्यत: प्रयोग घरों और बिल्डिंगो में प्रवेश करने के तथा घरों को सुरक्षा प्रदान करने के लिये  किया जाता है। लकड़ी, ग्लास और मैटल से दरवाजों का बनाया जाता है। इस दरवाजे को खोलने और बंद करने के लिये इसमें कब्जा, स्लाइडिंग और बैरियर का प्रयोग किया जाता था। पर आज के समय में दरवाजे का परिभाषा बदल गया है। आज लोग दरवाजे का प्रयोग मात्र सिक्योरिटी के लिए ही नहीं बल्कि स्टाइल और ट्रेंड के रूप में होने लगा है। क्योंकि दरवाजा संपूर्ण घर का आइना होता है। वास्तुशास्त्र के हिसाब से किसी भी घर का दरवाजा की दिशा और ढांचा बहुत मायने रखता है। वर्तमान समय में दरवाजे को लेकर लोग सजग हो गये हैं। आप भी यदि घर के दरवाजे को बेहतर लुक देना चाहते हंै ताकि आपका आशियाना और भी सुंदर दिखे तो, आज बाज़ार में दरवाजे के अनेक वैरायइटी उपलब्ध हैं। आप अपने सुविधा के अनुसार दरवाजे का चयन कर सकते हैं।

इंट्री डोर: किसी भी घर का मुख्य द्वार उस घर की वैभवशीलता को प्रदर्शित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रवेश द्वार की बनावट ऐसी होनी चाहिए ताकि घर के बांकी हिस्सों से भी निरंतरता बनी रहे। दरवाजे को सजाने के लिए आप गोथिक स्टाइल में शीशे का दरवाजा या मल्टी पैनल दरवाजे का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

इंटीरियर डोर: घर के अंदर दरवाजा की बनावट सामान्य रखी जा सकती है। इसका मुख्य काम अंदर की कमरों को एक-दूसरे से जोडऩे होता है। अमूमन अदंर में फ्लस दरवाजा, ग्लास की दरवाजे को उपयोग में लाया जा सकता है। तथा इस तरह के दरवाजे को आप इंटीरियर डिजाइन के मदद से खूबसूरती दे सकते हैं। लोगों में आम तौर पर डिजाइनिंग को लेकर ऐसी अवधारणा होती है कि इंटीरियर डेकोरेशन के लिए बहुत अधिक धन की जरूरत होती है। लेकिन ऐसा नहीं है। कम पैसे में भी घर को रॉयल लुक दिया जा सकता है। आज बाज़ार में  ऐसी वस्तुओं की भरमार है जो कम कीमती होने के बावजूद आपके घर के दरवाजे को बेहतरीन लुक दे सकती है।
ग्लास डोर: साज-सज्जा सयुंक्त शीशे का दरवाजा एक बहुत ही अच्छा विकल्प माना जाता है।
क्योंकि इस तरह के दरवाजे में अलग-अलग तरह की नक्काशी देखने को मिलती है। शीशे की दरवाजे की सबसे बड़ी खासियत यह होती है कि इससे घर प्रकाशमान रहता है। मैटल डोर: यह दरवाजा बहुत ही आकर्षक होते हैं। इनका प्रयोग अदंर एवं बाहर दोनों दरवाजों के रूप में किया जा सकता है। यह बहुत ही मजबूत होता है। मुख्यत: कॉपर, ब्रॉन्ज, ब्रास आदि धातुओं से इस तरह के दरवाजे का निर्माण किया जा सकता है।
कर्वड डोर: क्लॉसिकल लुक देने के लिए कवर्ड डोर का लगा सकते हैं। जो घर ज्यादा भव्य और आलिशान होते हैं वहां पर कवर्ड डोर का ज्यादा उपयोग किया जाता है।
पैनल डोर: यह दरवाजा देखभाल की दृष्टि से उपयुक्त माना जाता है। इस प्रकार की दरवाजे किसी भी मौसम के लिये उपयुक्त होता है। इसकी देखरेख करने में ज्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता पड़ती है।
फैंच डोर: इस तरह के दरवाजे का प्रयोग गार्डन और दीवाल के बीच किया जाता है। खासतौर पर घरों में कमरे को दूसरे कमरे से मिलाने के लिए फ्रैंच डोर या स्लाइड डोर का उपयोग किया जाता है। ड्राइनिंग रूम को गार्डन से जोडऩे के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है।

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