शिक्षा जगत का मोती-oxford-university

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  • नाम- यूनिवर्सिटी ऑफ  ऑक्सफोर्ड
  • लैटिन नाम- Universitas Oxoniensis
  • मोटो- डोमिनुस इल्लुमिनातियो मीया (लैटिन)
  •  द लॉर्ड इज़ माय लाइट (अंग्रेज़ी)
  • स्थापना के बारे में- अज्ञात, 1096 ई. में अध्यापन कार्य शुरू
  • प्रकार-सरकारी
  • वृतिदान (Endowment) -£4.3 billion (inc. colleges)
  • वाइस चांसलर-एन्ड्र्यू हैमिल्टन
  • छात्रों की संख्या-करीब 21,535
  • अंडर ग्रेजुएट की संख्या-11,723 करीब
  • पोस्ट ग्रेजुएट-लगभग 9,327
  • अन्य छात्रों की संख्या-461
  • यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड  इंग्लैंड के प्रसिद्ध शहर सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड में स्थित है। यह इंग्लिस स्पीकिंग वल्र्ड में सबसे पुरानी यूनिवर्सिटी है। यह विश्व के टॉप टेन यूनिवर्सिटी की लिस्ट में शुमार है। हालांकि इसकी स्थापना के बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी नहीं है। 11  वीं शताब्दी आते-आते यह प्रमुख शिक्षा का केन्द्र बन चुका था। इसके ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को देखे तो स्पष्ट है कि जब 1167 ई. में हैनरी द्वितीय ने इंग्लैंड के छात्रों को यूनिवर्सिटी ऑफ पेरिस में पढ़ाई को प्रतिबन्ध कर दिया और उसके बाद ऑक्सफोर्ड विकास के पथ पर तेज़ी से वृद्धि करता चला गया। ऑक्सफोर्ड के नाम से पहले इसका नाम Oxon था। Oxon  शब्द का प्रयोग ऑफिशियल पब्लिकेशन के रूप में किया जाता था। जैसे अपने देश में नालंदा विश्वविद्याालय और विक्रमशीला विश्वविघालय का स्थान था, ठीक उसी प्रकार का गौरव ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को भी मिला हुआ है। यह क्लासिक यूनिवर्सिटी है। यह यूनिवर्सिर्टी का स्वरूप ग्लोबल है, विश्व के करीब 140 देशों के छात्र और छात्राएं पढऩे आते हैं। इनकी संख्या यहां के कुल छात्रों की करीब वन थर्ड है। यूनिवर्सिटी विश्व के कई प्रसिद्ध व्यक्तियों को अपने ज्ञान से सिरमौर बनाया है। यहां पर  करीब पच्चीस ब्रिटिश प्रधानमंत्री और कम से कम इतने ही देशों के राजनयिकों, प्रसिद्ध लेखकों, वैज्ञानिकों ने इसके गौरव को यहां पर पढ़कर बढ़ाया है। यहां के एलुमनि की लिस्ट को आप देखें तो आपको पता चल जाएगा कि क्यों ऑक्सफोर्ड विश्व में प्रसिद्ध है। ऑक्सफोर्ड के एलुमनिज में कई देशों के  प्रधानमंत्री और राजनयिकों  के साथ-साथ प्रसिद्ध लेखक, कवि, वैज्ञानिक भी शामिल हैं। इतना ही नहीं, 47 नोबेल प्राइज विजेता, 50 के करीब ओलंपिक मेडल विजेता भी ऑक्सफोर्ड से जुड़े रहे हैं। स्टीफन हॉकिंग, रिचर्ड डॉकिंस और प्रसिद्ध अभिनेता हू ग्रांट, केट बिंसले, डूडली मूर आदि वे नाम हैं, जिन्हें ऑक्सफोर्ड से पढऩे का गौरव प्राप्त है। इसके एलुमनिज की लिस्ट में भारतीय राजनयिक इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह के अलावा, बुकर अवॉर्ड विजेता विक्रम सेठ का नाम भी शुमार है। स्वाभाविक है कि इन सब खासियत के कारण ही एकडेमिक दुनिया में ऑक्सफोर्ड का नाम बड़े सम्मान से लिया जाता है। यूनिवर्सिटी से जुडऩा और शिक्षा प्राप्त करना हर एक स्टूडेंट का सपना होता है। आपको यहां हम बता रहे हैं कि आप अपने सपने को कैसे साकार कर सकते हैं।
ऑक्सफोर्ड में इंट्री का द्वार यूयूकास 
यूके में पढ़ाई के लिए आप यूयू कास UUCAS  (Universities & Colleges Admissions Service) के जरिए आवेदन  कर सकते हैं।  यह एक प्रकार का चैरिटेबल संस्थान है। यह संस्थान फुलटर्म अंडर ग्रेजुएट डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई को लेकर स्टूडेंट्स को यूके यूनिवर्सिटी और कॉलेज में दाखिला के लिए उत्तरदायी होती है। जहां तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में दाखिले की बात है, तो अंतरराष्ट्रीय  कैंडिडेट्स को इसके लिए यूयूकास आवेदन दाखिल करना होता है। इस फॉर्म को ऑनलाइन भरा जाता है। इसके लिए वेबसाइट www.ucas.com है। ऑनलाइन फॉर्म भरने के साथ-साथ आपको अलग से ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी का फॉर्म भरकर इसे वापस यूनिवर्सिटी के एडमिशन ऑफिस को भी भेजना होता है। हां, एक बात का आप ज़रूर ध्यान रखें कि डेडलाइन के अंदर ही अपना अप्लिकशॅन भेजें। इस मामले में दो बातें महत्वपूर्ण है, पहली यह कि आपने जो फॉर्म भरा है। वह डेडलाइन को पार तो नहीं कर गया  है। इसके बारे में जानकारी ज़रूर प्राप्त करें। दूसरी महत्वपूर्ण बात, आपने अपने अप्लिकेशन में कोई सूचना अधूरी तो नहीं छोड़ी है। अप्लिकेशन फॉर्म भरते समय अन्य दस्तावेज, जैसे-रेफॅरेंसेस, रिट्न वर्क, सर्टिफिकेट्स और अन्य जानकारियों को आवेदन के साथ संलग्न ज़रूर करें। इन सभी बातों का क्रॉस चैक करने से आगे का सफर आसान हो जाता है।
  एडमिशन की प्रक्रिया
ऑक्सफोर्ड में एडमिशन की प्रक्रिया में स्टूडेंट्स को टफ कंपटिशन से गुजरना होता है। एडमिशन लेने से पहले आपको यूनिवर्सिटी को कुछ प्रामाणिक दस्तावेज या सर्टिफिकेट्स भी उपलब्ध कराना होता है। इस प्रोसेस में स्टूडेंट्स को अपनी एजुकेशनल बैकग्राउंड रिलेटेड डॉक्यूमेंट्स प्रमाणित करने होते हैं। हालांकि इस प्रोसेस में यूनिवर्सिटी छात्रों से किसी विषय विशेष या क्लास में अंक प्राप्ति या ग्रेड्स की अर्हता की डिमांड नहीं करती, लेकिन सभी कैंडिडेट्स के मेरिट को अलग से जांचने के लिए कुछ टेस्ट के प्रावधान हैं। रिटेन एग्जाम और इन्टरव्यू के जरिए कैंडिडेट्स की अंग्रेजी भाषा पर पकड़ और संबन्धित विषय (जिसमें कैंडिडेट दाखिला लेना चाहता है) कि जांच की जाती है। यहां के एडमिशन की प्रक्रिया पूरी दुनिया में चर्चित है और इस कारण यहां सख्त और पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाती है।
अंग्रेज़ी हो बेहतर तो बात बने
यहां पर पढ़ाई का मुख्य माध्यम अंग्रेज़ी ही है। इसलिए ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के लिए आपको अंग्रेज़ी भाषा पर अच्छी पकड़ होनी चाहिए। साथ ही यहां के लिए फर्राटेदार अंग्रेज़ी बोलने की
क्षमता भी होनी चाहिए।  इस बारे में विशेष तैयारी से आप अपनी अंग्रेज़ी को काफी दुरुस्त कर
सकते हैं। नहीं तो आपको विशेष तौर पर अंग्रेज़ी भाषा से संबन्धित टेस्ट में बेहद अच्छे अंकों से पास करना होगा।
कोर्स का चुनाव कैसे करें?
कॉलेज के प्रॉस्पेक्टस से आप यहां पढाए जाने वाले तमाम कोर्सेस की जानकारी ले सकते हैं। हालांकि, इनमें से सूटेबल कोर्स का चयन करना थोड़ा पेचीदा काम हो सकता है। इसलिए कोई भी कोर्स चुनने से पहले आपको इस बात का खास ख्याल रखना होगा कि आप संबन्धित कोर्स की सारी रिक्वॉयरमेंट्स को भली-भांति पूरा करते हैं या नहीं! वैसे कोर्स के स्ट्रक्चर की जानकारी  आप यूनिवर्सिटी की वेबसाइट से आसानी से ले सकते हैं। यूनिवर्सिटी का वेबसाइट http://www.ox.ac.uk/ है।
कोर्स का क्षेत्र
मास्टर कोर्स या रिसर्च के लिए छात्र मैथमेटिक्स, फिजिकल ऐंड लाइफ साइंसेस डिवीजन (क्लिनिकल मेडिसिन को छोडकर) विषयों का चुनाव कर सकते हैं।
किस कॉलेज में एडमिशन?
अब सवाल उठता है कि आपको किस कॉलेज में एडमिशन लेना चाहिए? वैसे आप यूनिवर्सिटी के किसी भी कॉलेज में एडमिशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लेकिन अगर आप अपनी जानकारी से संतुष्ट नहीं हो पा रहे हैं, तो इसके लिए भी यूनिवर्सिटी छात्रों को एक ओपन एप्लिकेशन उपलब्ध कराती है, जिसकी मदद से आप कॉलेज में उपलब्ध सीट्स आदि की जानकारी ले सकते हैं।
तीन टर्म में होती हैं पढ़ाई
ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई करने के लिए आपको सबसे पहले यह जानना ज़रूरी है कि एकेडमिक ईयर की शुरुआत कब होती है। आपको बताते चलें कि यहां पर एक एकेडमिक ईयर में तीन टर्म पढ़ाई होती है। यहां सभी एकेडमिक टर्म को खास प्रकार के नियम और कायदे से संचालित किये जाते हैं। इस एकेडमिक टर्म को मिचेलमस, हिलेरी और तीसरा ट्रिनिटी टर्म,  इन नामों से जाना जाता है। पहला टर्म अक्टूबर से दिसम्बर तक चलता है, दूसरा टर्म जनवरी से मार्च तक और तीसरा टर्म अप्रैल से जून तक का होता है।  इन टर्म के अन्तर्गत प्रत्येक साल आठ सप्ताह की पढ़ाई होती है, जिसे फुल टर्म कहा जाता है। इस टर्म को कौसिंल द्वारा निर्धारित किया जाता है। इस टर्म के तहत अंडर ग्रेजुएट की पढ़ाई भी होती है। गौरतलब है कि यह टर्म इंग्लैंड के अन्य यूनिवर्सिटी से छोटी होती है। इन टर्म में स्टूडेंट्स को क्रिसमस, इस्टर के अलावा अन्य कार्यों के लिए छुट्टी  भी मिलती है।
अफिलिएटेड कॉलेज
यूनिवर्सिटी कैंपस में 39 इंडिपेंडेंट और सेल्फ-गवर्निग कॉलेज हैं। इन कॉलजों के विकास का ग्राफ  यूनिवर्सिटी की नित नये गौरव की कथा लिख रहा है। यह कॉलेज ही यहां की सफलता का मुख्य आधार हैं। यूनिवर्सिटी का कॉलेज दुनिया के देशों से आये समुदायों के प्रति सुविधाओं का विशेष ध्यान रखता है। यूनिवर्सिटी में वसुधैव कुटुम्बकम की भावना के माहौल बनाए रखने का विशेष प्रयास रहता है। यहां पर स्टूडेंट्स और टीचर्स को शिक्षा का बेहतर वातावरण मिलता है। बौद्धिक जगत में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी को इन सभी सुविधाओं के कारण ही विशेष दर्जा मिला हुआ है।  यहां के प्रसिद्ध कॉलेज की श्रेणी में यूनिवर्सिटी कॉलेज 4 न्यूफील्ड कॉलेज,टेम्पलटन कॉलेज 4 वुल्फसन कॉलेज,मॅर्टन कॉलेज 4 हैरिस मैनचेस्टर कॉलेज आदि आते हैं।
एडमिशन के समय कैसे करें तैयारी
यदि आप यूकास के चुन लिए गए हैं तो आपको नियत समय में ढेर सारी तैयारी करनी होती है। इसमें सबसे प्रमुख है कि आप निम्न डॉक्यूमेंट्स को अपने साथ लेकर जाएं। पासपोर्ट आकार का एक फोटोग्राफ, एकेडमिक रिजल्ट्स या अन्य एकेडमिक अवार्डस अंग्रेज़ी भाषा के टेस्ट-रिजल्ट्स। यूनिवर्सिटी केवल आपका फोटोग्राफ अपने रिकॉर्ड बुक में रख लेती है, बाकी डाक्यूमेंट्सको अच्छी तरह जांच लेने के बाद आपको वापस कर दिया जाता है।
ऑक्सफोर्ड ही क्यों?
ऑक्सफोर्ड के गौरवपूर्ण शैक्षणिक इतिहास, असाधारण शैक्षिक माहौल के कारण स्टूडेंट्स यहां जाना पसंद करते हैं। बौद्धिक जगत में गरीमामय मोती के रूप में प्रसिद्ध ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी मेडिसिन और साइंस के अन्य डिपार्टमेंट्स को पूरी दुनिया में अव्वल माना जाता रहा है। यहां की लाइब्रेरी, म्यूजियम और लैबोरेटरीज में विश्व स्तर की फैसिलिटीज और रिसोर्सेज मौजूद हैं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी आउटस्टैंडिंग इसलिए भी है, क्योंकि यहां का शैक्षिक माहौल दुनिया भर के स्कॉलर्स को टीचिंग और रिसर्च वर्कस के लिए पसंदीदा स्थान है। यह हमेशा से इनको आकर्षित करता रहा है। यहां पर क्लासरूम टीचिंग के अलावा, ट्यूटोरियल कोचिंग की भी व्यवस्था है। इसमें छात्रों को अपने व्यक्तिगत आइडियाज शेयर करने और उसे और समृद्ध करने का मौका मिलता है। कुछ खास आर्ट्स स्ट्रीम के विषयों जैसे पॉलिटिकल साइंस, साइकोलॉजी, म्यूजि़क, इंग्लिश आदि की पढाई के लिए यह विश्वविख्यात है। यहां की लाइब्रेरी और म्यूजि़यम सहज ही आकर्षित करता है। यहां मौजूद किताबें व कला और पुरातत्व विज्ञान से  जुड़े दुर्लभ संग्रह ज्ञान का भंडार है । ग्लोबल स्वरूप होने के कारण यहां के प्रोफेसर्स वल्र्ड की अन्य प्रसिद्ध यूनिवर्सिटीज जैसे येल, प्रिंसटन, यूनिवर्सिटी ऑफ एम्सटर्डम आदि से आते हैं। इस यूनिवर्सिटी के लगभग एक-तिहाई रिसर्च स्टॉफ दुनिया के देशों से ही होते हैं। इसका ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी नाम से अपना प्रेस भी है, जहां से प्रकाशित होने वाली डिक्शनरी को दुनिया के 50 देशों में अपनाया गया है। इस प्रेस का ब्रांच भारत में भी है। आर्ट्स हो या साइंस, यहां सभी विषयों में गहन रिसर्च को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है।
ऑक्सफोर्ड में भारतीयों के लिए आकर्षण
ऑक्सफोर्ड ने हाल ही में नए स्कॉलरशिप प्रोग्राम  (छात्रवृति योजना) की घोषणा की है। भारतीय छात्रों के बीच ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के प्रति बढ़ते रुझान को देखते हुए ऐसा किया गया है। इसके लिए कुछ अर्हताएं (योग्ताएं) निर्धारित की गई हैं। जैसे, स्टूडेंट्स की उम्र 30 वर्ष होनी चाहिए और किसी मान्यताप्राप्त संस्थान से साठ प्रतिशत अंकों के साथ बैचलर डिग्री में उत्तीर्ण भी होना चाहिए।
खर्चे की व्यवस्था
ऑक्सफोर्ड में स्टडी करने के लिए ज्यादा पैसों की ज़रूरत पड़ती है। इसलिए यहां पर पढऩे के लिए स्कॉलरशिप, फैलोशिप, एजुकेशन लोन आदि सुविधाओं की बदौलत से आप अपने सपना को साकार कर सकते हैं।

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