फ्लैट बुकिंग

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क्या आप फ्लैट बुक कराने जा रहे हैं तो आपके मन में भी कुछ न कुछ दुविधा ज़रूर होती होगी। उदाहरण के लिए, बिल्डर को पूरा पेमेंट एक साथ करें या किस्तों में बिल्डर समय से पजेशन देगा  या नहीं और भी न जाने क्या-क्या।  मन की दुविधा को खत्म करने के लिए आपको हम यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें बताने जा रहे हैं।
++++++++++प्रॉपर्टी की दुनिया के बारे में जानकारों का स्पष्ट कहना है कि प्रॉपर्टी के लेन-देन और खरीद-ब्रिकी में आप शुरूआत में ही सावधानी बरतें तो वर्तमान के साथ भविष्य भी सुरक्षित रह सकता है। इस मामले में कहा जा सकता है कि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। प्रॉपर्टी के समस्या को आप समय रहते निवारण करना चाहते हैं और सुख-चैन की जि़न्दगी  जीना चाहते हैं तो कुछ महत्वपूर्ण बातों को गांठ बांध ले। खासकर, निर्माणाधीन मकान को लेने से पहले हर स्तर पर जांच पड़ताल करें। सुरक्षा संबन्धित बातों को किसी भी हालात को नज़र अंदाज़ न करें। हालांकि इस मामले में डेवलपर्र्स भी संजीदा हैं लेकिन स्वयं की जांच-पड़ताल ज़रूरी है।
पेमेंट वन टाइम या कंस्ट्रक्शन लिंक्ड
अगर आपको चॉइस दी जा रही है तो कंस्ट्रक्शन लिंक्ड पेमेंट प्लान ही चुनने की कोशिश करें। अगर बिल्डर कंस्ट्रक्शन बीच में ही रोक देता है तो आपके ऊपर आगे  की पेमंट करने का कोई प्रेशर नहीं होगा । अगर आप लोन ले रहे हैं तो बैंक को भी इसी तरह के पेमेंट में सुविधा होती है। अग र पूरा पेमेंट एक साथ कर रहे हैं तो प्रॉजेक्ट की हालत देख लें। अगर लगे  कि काफी काम हो चुका है , तभी पूरे पेमेंट का ऑप्शन चुनें। वैसे बूम के टाइम पर कई ऐसे मामले हुएए जब बिल्डर्स ने बिना काम पूरा हुए ही तय वक्त पर इनवेस्टर्स से अपनी किस्त  ले ली।
कंस्ट्रक्शन लिंक्ड में भी लोचा
जो बिल्डर्स कंस्ट्रक्शन लिंक्ड पेमेंट की बात करते हैं, वह एक छोटा सा खेल और खेल सकते हैं। स्कीम में स्लैब का काम होने तक ही बिल्डर 80 फीसदी पेमेंट ले लेते हैं। आजकल जिस टेक्नॉलजी का यूज किया जा रहा है, उसमें स्लैब का काम पूरा होने में बहुत कम समय लग ता है। स्लैब का काम पूरा हो जाने के बाद जो काम होता है, उसमें कंस्ट्रक्शन के लिए निर्धारित कुल समय का 80 फीसदी समय लग ता है। ऐसे में काफी काम बचा होने के बावजूद बिल्डर इनवेस्टर से पूरा पैसा हासिल कर लेता है।
बुकिंग  कैंसल 
अग र एक बार फ्लैट बुक कराने के बाद आप बुकिंग  कैंसल करते हैं, तो आपको पेनल्टी देनी होगी। पेनल्टी कितनी देनी होगी, यह बिल्डर पर निर्भर करता है। वैसे देखा जाय तो पेनल्टी का जिक्र आपके कॉन्ट्रैक्ट में होना चाहिए, लेकिन कई बार बिल्डर ऐसा नहीं करते ताकि वक्त पडऩे पर मनमाफिक पेनल्टी वसूली जा सके। अग र पजेशन मिलने से पहले ही आप अपने फ्लैट को किसी और के नाम ट्रांसफर करना चाहते हैं तो इसके लिए भी बिल्डर आपसे कुछ रकम चार्ज करेगा ।
बारगेनिंग  
बिल्डर फ्लैट की जितनी कीमत कोट करते हैं ,इस मामले में आपको जितना हो बारगेन कर लेना चाहिए। कई बार बिल्डर लोगों  को आकर्षित करने के लिए फ्लैट की बुकिंग  के वक्त कोई आकर्षक गिफ्ट रख देते हैं। ध्यान रखें कि यह गिफ्ट फ्री नहीं होता। अगर बिल्डर आपको गिफ्ट दे रहा है तो बारगेनिंग में वह थोड़ा टाइट हो जाएगा । ऐसे में गिफ्ट ऑफर से बहुत ज्यादा  प्रभावित होने की ज़रूरत नहीं है ।

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