भविष्य के शहर के लिए, भविष्य की बिल्डिंग

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मुकेश के झा

बिल्डिंग इन मोशन को भविष्य के शहर के लिए, भविष्य की बिल्डिंग की संज्ञा दी जा रही है। यह रोटेटिंग स्काई स्क्रैपर, जो लगातार अपनी आकृति बदलता रहता है, इटली की चरम सृजनात्मकता का एक अद्वितीय डिज़ाइन उत्पाद है। इतिहास में यह पहला भवन है, जो स्थिर नहीं बल्कि गतिशील है। इसकी आकृति इस तरह बनाई गई है कि आप किसी भी पल अपने बेडरूम से सूर्यादय और सूर्यास्त देख सकेंगे। मौसम के अनुसार नजारे भी  देख सकेंगे। इस बिल्डिंग का डिज़ाइनर इटैलियन आर्किटेक्ट डॉ. डेविड फिशर हैं। वह इटली के फ्लोरेंस में ही पले-बढ़े। फिशर ने अपने जीवन की शुरुआत एक कलाकार और मूर्तिकार के रूप में की और बाद में वे एक दिग्गज वास्तुशिल्पी और बिल्डर बन गए। डॉ. फिशर अपने रोटेटिंग टावर्स का वर्णन ”जीवन द्वारा आकार दिया गया, समय द्वारा डिजाइन किया गया’ कहकर करते हैं।

आपने डायनेमिक्स बिल्डिंग का नाम ज़रूर सुना होगा। यह एक ऐसी बिल्डिंग है, जो हमेशा गतिशील रहती है। इसकी गति को बदलते समय की मांग मान सकते हैं। समय की रफ्तार में तो हम आपकी जि़दगी भी चल पड़ी है, तो भला बिल्डिंग की रफ्तार क्यों रूकी रहे। बिल्डिंग बनाने का कॉन्सेप्ट नया ज़रूर है लेकिन वर्तमान में इसका स्वरूप कंपनियों को खूब भा रही है। इसकी चमक खासकर, विदेशों में जमकर दिखाई दे रही है। दुनिया के चुनिन्दा स्थानों पर बिल्डिंग इन मोशन ने जो रंग जमाया है, इसको देखकर तो यही कहा जा सकता है कि आने वाले समय में इस कॉन्सेप्ट के पर लगेंगे और अपनी चमक से निर्माण की दुनिया में नित नयी इबारत लिखेगी। इसका स्वरूप काफी व्यापक हो चुका है।
डायनेमिक्स बिल्डिंग्स आर्किटेक्चर के नए एक युग का सूत्रपात भी करती है। गौरतलब है कि पारंपरिक निर्माण वास्तुकला के लिए, जो अब तक पिंडों पर आधारित रही थी, इसके लिए यह कॉन्सेप्ट चुनौती से भरा हो सकता है।
डायनेमिक आर्किटेक्चर और बिल्डिंग्स इन मोशन एक यूनिक और गति के लॉजिक को एक नये सिरे से परिभाषित भी कर रही है। संभव है यह सिद्धांत हमारे शहरों की रूपरेखा और जीवन यापन की अवधारणाओं को बदल कर रख दे। बिल्डिंग्स इन मोशन हमारी लगातार बदलती रहने वाली जरूरतों, डिजाइन की हमारी अवधारणा और हमारे मनोभावों के अनुरूप एडजस्ट करने वाली है। बिल्डिंग इन मोशन प्रकृति की धुनों पर थिरकती हुई प्रतीत होती है, जो बसन्त से ग्रीष्म तक, सूर्योदय से सूर्यास्त तक दिशा और आकृति बदलते हैं और मौसम के अनुसार अपने आपको भी बदल सकती है। इसका बिल्डिंग इन मोशन निर्माण की दुनिया को एक जीवंत और आश्चर्यजनक स्वरूप भी प्रदान कर रही है। जिसे आप एक बार देखें तो दांतो तले अंगुली दबाने को मज़बूर हो जाएं। ऐसे भी देखा जाय तो वर्तमान में बिल्डिंग के चार महत्वपूर्र्ण आयाम होते हैं। इन आयामों में चौथा आयाम समय है। समय को इस यूनिट आर्किटेक्ट का सबसे प्रभावी अंग बनाया गया है। बिल्डिंग इन मोशन धरातलीय प्रकृति का स्वरूप बदल रहे हैं। यह निर्माण ऊंचे हो सकते हैं या नीचे भी। यह अपनी चमक रेसीडेंट, ऑफिस टावर्स या होटल सब में बिखर रही है।
इस निर्माण के प्रत्येक कमरे से आप प्राकृतिक सौन्दर्य का सुन्दर नजारा भी भलीभांती देख सकते हैं। इसका प्रत्येक फ्लोर अलग-अलग रूप-स्वरूप में घूमता है, इसलिए बिल्डिंग की आकृति लगातार बदलती रहती है। गति की इस दुनिया में फ्लोर प्लान किसी भी रूप का हो सकता है और प्रत्येक को अलग अलग गति में, या अलग अलग समय पर घुमाकर, आप पूरी तरह अलग अलग आकृतियां प्राप्त कर सकते हैं। यह आधुनिकता और वातावरण के बीच, विकास और चिर-स्थायित्व के बीच पारम्परिक संबन्ध स्थापित करने में सक्षम है। तकनीकी दृष्टि से रोटेट टावर की मुख्य विशिष्टता अपनी ऊर्जा स्वत: प्राप्त करने और अतिरिक्त ऊर्जा की आपूर्ति ऊर्जा नेटवर्क तक कर सकने की उसकी क्षमता है। बिल्डिंग इन मोशन सिर्फ अपनी जरूरतों के लिए ऊर्जा उत्पन्न नहीं करती, बल्कि ऊर्जा की अतिरिक्त मांग भी पूर्ति करती है।
इसके बारे में जानकारों का कहना है कि इस प्रकार का यूनिक कॉन्सेप्ट एक प्रकार से तीसरी औद्योगिक क्रान्ति का स्वरूप हो सकता है। यह प्री-फैब्रिकेशन-अचल सम्पत्ति के क्षेत्र में एक नया विचार-दर्शन है, जो फैक्टरी में बनाए गए हिस्सों से बना पहला भवन है, जो औद्योगिक उत्पादों के फायदे, ऊर्जा की बचत, निर्माण के समय और लागत में कमी, उपलब्ध कराता है। इस क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि बिल्डिंग के निर्माण को भी अन्य उत्पादों से भिन्न नहीं होना चाहिए और इसीलिए अब के बाद उनका निर्माण उत्पादन संयंत्रों में होना चाहिए। डायनैमिक आर्किटेक्चर, डिजाइन के किसी भी समाधान का कार्यशाला में उत्पादन किए जाने की सुविधा देता है। यह पहले से एसेम्बल किए गए खण्डों में बनाए जाते हैं, जो निर्माण स्थल पर शीघ्रता से इंस्टॉल किए जाने के लिए पहुंचा दिए जाते हैं। इसके हर ”यूनिट” को फैक्टरी में ही पूरी तरह फिनिश किया जाता है और इसमें प्लम्बिंग और बिजली कि सभी सिस्टम लगे होंगे, जिनमें फर्श से लेकर छत तक, बाथरूम्स, किचिन, केबिनेट, प्रकाश व्यवस्था और फर्नीचर शामिल हैं। निर्माण स्थल पर उन्हें एक दूसरे के साथ मशीनों के सहारे बस हुक कर दिया जाता है और बहुत कम समय में एक आधुनिक और समय की रफ्तार में तैयार बिल्डिंग उपलब्ध हो जाती है।
उत्पादन
इस यूनिक बिल्डिंग के लिए रॉ मैटेरियल का निर्माण रोटेटिंग टावर ग्रुप की इटली स्थित नई फैक्टरी में किया जाता है। निर्माण के बाद उसे विश्वभर में निर्यात किया जा रहा है । इस तकनीक से बनी बिल्डिंग का आप तत्काल रख रखाव कर सकते हैं क्योंकि सभी हिस्सों की आसानी से जांच पड़ताल और मरम्मत की जा सकती है। इस सुविधा के कारण बिल्डिंग इन मोशन की जीवन अवधि भी अधिक होगी, अन्य समकालीन बिल्डिंग की अपेक्षा काफी अधिक मज़बूत भी है।
मुख्य विशेषताएं
गुणवत्ता का उच्च स्तर।
– उच्च गुणवत्ता से फिनिश
– कोई भी डिज़ाइन समाधान और अनुकूलित (कस्टमाइज) किए गए घर
– साफ सुथरा और पर्यावरणीय निर्माण स्थल : सामग्री की सीमित अन- लोडिंग और मलबे की कोर्ई लोडिंग नहीं, न शोर, न धुआं, न धूल।
– निर्माण-कर्मियों के लिए काम करने की बेहतर स्थिति
– दुर्घटनाओं की कम जोखिम और इस प्रकार कम जन-हानि
– निर्माण के समय में 30 प्रतिशत से भी अधिक की कमी
– निर्माण की लागत में 10 प्रतिशत से भी अधिक की बचत
ग्रीन बिल्डिंग्स के कॉन्सेप्ट पर आधारित बिल्डिंग इन मोशन है। यह अपनी ऊर्जा की ज़रूरतों को प्राकृतिक तत्वों से पूरा करती है।
सूर्य और हवा से गत्यात्मक ऊर्जा
रोटेटिंग टावर, इतिहास में स्वत: ऊर्जा प्राप्त करने वाला पहली बिल्डिंग है, जो प्रकृति से अपनी ऊर्जा का उत्पादन स्वयं करती है।
हवा
रोटेटिंग टावर फ्लोर्स के बीच में क्षैतिज रूप से लगे वायु टरबाइन से बिजली उत्पन्न करता है। लम्बवत लगे पारंरिक वायु टरबाइन्स के काफी कुछ नकारात्मक वातावरणीय प्रभाव होते हैं। दृश्य, आकार, नींव, उन्हें बनाने और उनके रख रखाव के लिए बनाई जाने वाली सड़कें…किंतु ये सभी मुद्दे क्षैतिज टरबाइन्स पर जो फ्लोर्स के बीच में लगे होते हैं, लागू नहीं होते। वे भवन की ज़रूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त ऊर्जा की आपूर्ति करते हैं। इसके टरबाइन कार्बन फाइबर से बने होते हैं, जो अपने विशेष आकार के कारण शोर नहीं करते हैं। इस प्रकार के वायु टरबाइन्स, इस समय रोटेटिंग टावर्स की इटली-स्थित प्रौद्योगिकी फैक्टरी में विकसित किए जा रहे हैं, जिन्हें भविष्य में कई डायनेमिक आर्किटेक्चर टावर्स में लगाया जाएगा।
सूर्य
प्रत्येक घूमने वाले फ्लोर की छत पर फोटो वोल्टाइक सेल लगाए जाते हैं। रोटेटिंग सिस्टम के कारण, फोटोबोल्टाइक सेल्स पर सूर्य का अधिकतम प्रकाश पड़ सकता है। एयर कंडीशनिंग की सप्लाई के लिए सौर कन्वेक्टर्स का उपयोग किया जाता है।
सामग्री
अंदरूनी फिनिशिंग के लिए प्राकृतिक सामग्री, जैसे सेरामिक, ग्लास, लकड़ी, संगमरमर का उपयोग किया जाएगा। बचे हुए व्यर्थ पदार्थ को रिसाइकलिंग के लिए अलग कर लिया जाता है।
निर्माण
यह पहली बिल्डिंग है, जिसे फैक्टरी में तैयार किया जा रहा है, जिससे ऊर्जा, निर्माण में लगने वाले समय में बचत होगी और लागत घटेगी। प्री-फैब्रिकेशन के कारण, निर्माण-स्थल साफ-सुथरा और हरा रहेगा, शोर, धूल, धुआं, नहीं होगा, बेकार सामग्री नहीं बचेगी और निर्माण स्थल पर खतरे कम होंगे और हताहतों की संख्या सीमित होगी। निर्माण में कम समय लगने का यह अर्थ भी होगा कि ऊर्जा की खपत में भवन निर्माण के पारंपरिक तरीकों की तुलना में 1/50वां हिस्सा तक की कमी होगी।
ऊर्जा-कुशलता
बिल्डिंग्स की ऊर्जा कुशलता में और भी सुधार करने के लिए, इंसुलेटिंग ग्लास और संरचनात्मक इंसुलेटिंग पैनल्स का उपयोग किया जाएगा। बिजली के सभी उपकरण कम खपत वाले होंगे और कंप्यूटरीकृत स्मार्ट सिस्टम्स, उत्कृष्टï डोमोटिक सिस्टम, ऊर्जा कुशलता बढ़ाने में योगदान करेंगे। स्वत: ऊर्जा प्राप्त करने वाले बिल्डिंग के युग ने हमारे शहरों को अधिक हरित और हमारे जीवन को बेहतर बनाना शुरू कर दिया है।
रफ्तार में जि़दगी
वर्तमान में रोटेटिंग बिल्डिंग्स में से दो डिज़ाइन के उन्नत चरणों में है, जो विश्व के निर्माण के लिए लैंडमार्क हो जाएंगे। पहला : 80 फ्लोर का मिले जुले उपयोग वाली बिल्डिंग है, जिसे दुबई में बनाया जाएगा जबकि, दूसरा : रूस की राजधानी के नए केन्द्र मास्को शहर में बनाया जाने वाला 70 फ्लोर की बिल्डिंग है।
प्रत्येक बिल्डिंग की एक बिल्कुल अलग छवि होगी और यह अपनी आकृति लगातार बदलता रहेगा। यह जहां भी बनेगा वहां का एक अद्वितीय बिल्डिंग बन जाएगी। यह सभी नई वास्तुकला के प्रतीक बन जाएंगे, जो हमारे शहरों की रूपरेखा और जीवन-यापन की अवधारणा बदल देंगे।
परिक्रमणशील स्काई स्क्रैपर में प्री-फैब्रिकेशन इकाइयां होंगी, जिन्हें निर्माण स्थल पर असेम्बल करके, कंक्रीट के एक केन्द्रीय फिक्सड ट्रंक से हुक कर दिया जाएगा। प्रत्येक फ्लोर अलग अलग रोटेट करेगा और प्रति सेकेण्ड बिल्डिंग की आकृति बदल जाएगी।
इसलिए आप अपने बेडरूम में सूर्योदय को देखते हुए जाग सकते हैं और डिनर के समय समुद्र पर सूर्यास्त का आनन्द ले सकते हैं। आप बालकनी को नजारे और सूर्य के अनुसार एडजस्ट कर सकते हैं। प्रकृति का एक अंग बनकर।
इन दो टॉवरों में आप अपनी फरारी, अपने लग्जरी अपार्टमेंट के प्रवेश द्वार पर पार्क कर सकते हैं और विशेष कार-लिफ्ट से स्काई स्क्रैपर के ऊपर जा सकते हैं। लिफ्ट का दरवाजा ध्वनि से सक्रिय किए जाने वाले एक नियंत्रण सिस्टम से खुलेगा और कार आपके अपार्टमेंट की निजी पार्किंग में चली जाएगी। शीर्ष के अपार्टमेंट्स, जिन्हें ”विला” कहा जाता है, में से प्रत्येक 1,000 वर्गमीटर से अधिक के होंगे, जिनमें इन-डोर स्विमिंग पूल और ओपन गार्डन भी होंगे।
हर एक फ्लोर है खास
– प्राकृतिक सौन्दर्य का नजारा
– ध्वनि से सक्रिय किया जाने वाला नियंत्रण सिस्टम
– उत्कृष्ट एवं बारीक डिज़ाइन;
– अत्यधिक परिष्कृत इलेक्ट्रॉनिक उपकरण;
– किराएदार की व्यक्तिगत जरूरतों के अनुसार, पूरी तरह अनुकूलित लग्जरी अपार्टमेंटस;
– पूरी गारंटी और मुफ्त रख रखाव सेवा;
– अत्यधिक उन्नत सुरक्षा सिस्टम
– अपार्टमेंट्स में पूल और सॉना
– इटली में लियोनार्दो द विंची संयन्त्र के प्रेशर मार्बल वाले अनुकूलित बाथरूम
– एक अद्वितीय बिल्डिंग जो, अपनी आकृति लगातार बदल सकता है, वह भी विश्व के एक नए आइकॉन में रहने की शान के साथ।
दुबई डायनेमिक टावर
डायनैमिक आर्किटेक्चर ग्रुप के नेतृत्ववाली रोटेटिंग टावर टेक्रालॉजी कम्पनी का निर्माण दुबई के पहले डायनैमिक टावर के लिए आप फ्लोर रिजर्व कर सकते है। इसमें 80 फ्लोर होंगे। अपार्टमेंट्स आकार में 124 वर्गमीटर (1,334 वर्ग फुट) से लेकर 1,200 वर्ग मीटर (12,900 वर्ग फुट) के फ्लोर हाउस तक के होंगे, जो अपार्टमेंट के अन्दर पार्किंग स्पेस से परिपूर्ण होंगे। विश्व का पहला गतिशील टावर अपनी आकृति लगातार बदलता रहेगा। यह आर्किटेक्चर के एक नए युग की शुरुआत करेगा, जिसमें भवन गतिशील होंगे, जिसकी आकृति एक बैले नर्तकी की तरह लगातार बदलती रहेगी।
यह टॉवर दुबई का नया आइकॉन भी हो सकता है। दुबई के शासक और संयुक्त अरब एमिरेट्स के उप-राष्टपति, शेख मोहम्मद बिन मकतूम को बहुत से लोगों द्वारा भविष्य का पुरुष माना जाता है। डॉ. फिशर के विजन को शेख मोहम्मद से काफी प्रोत्साहन मिला, जिनका कहना है कि ”भविष्य का अपने पास आने का इंतजार न करें, भविष्य का सामना करें।” दुबई रोटेटिंग स्काई स्क्रैपर, जो 420 मीटर (1,380 फुट) ऊंचा 80 फ्लोर का टावर होगा, प्राइम लोकेशन में स्थित होगा और दुबई का सबसे प्रतिष्ठिïत बिल्डिंग हो सकती है।
रोटेटिंग स्काई स्क्रैपर की मुख्य विशेषताएं :-
कुल निर्मित क्षेत्र : 146,000 व.मी.
पहले 20 फ्लोर : कार्यालय भवन
उसके बाद के 15 फ्लोर : छह सितारा होटल
उसके बाद के 35 फ्लोर : लग्जरी अपार्टमेंट्स
ऊपर के 10 फ्लोर : विला
”विला” के लिए एक विशेष पार्किंग, फ्लोर स्तर पर ही स्थित होगी, जहां तक आप एक विशेष तेज एलिवेटर से पहुंच सकेंगे। रोटेट करने वाले प्रत्येक फ्लोर के बीच में हवा के फिट किए गए टरबाइन और छत के कुछ हिस्सों में लगे सौर्य पैनल, हवा और सूर्य के प्रकाश से ऊर्जा उत्पन्न करेंगे। पूरे सिस्टम से उत्पन्न की गई जरूरत से ज्यादा साफ सुथरी ऊर्जा आसपास के बिल्डिंग्स को बेची जाएगी।
बिल्डिंग की आधुनिक डिजाइन और विंग्स की कार्बन फाइवर की विशेष आकृति ध्वनि से संबन्धित मुद्दों पर नज़र रखेंगे। परियोजना अपार्टमेंट्स उपलब्ध कराएगी, जो आपको देंगे : आश्चर्यजनक नजारे : ”विला” के किराएदार बस एक ध्वनि द्वारा सक्रिय किए जाने वाले सिस्टम के जरिए, सूर्योदय से सूर्यास्त तक, सूर्य के अनुसार अपार्टमेंट को घुमा सकेंगे;
रोटेटिंग स्काई स्क्रैपर के निर्माण में, असेम्बली संयन्त्र में सिर्फ 600 लोगों और निर्माण स्थल पर सिर्फ 80 तकनीशियनों की जरूरत होंगी, जबकि उसी विशालता के सामान्य निर्माण स्थल में 2,000 कर्मचारी की जरूरत होगी। निर्माण वर्ष के अंत के पहले ही शुरू करने की योजना है और दिसम्बर 2010 तक इसे पूरा कर लेने का लक्ष्य है।संयुक्त अरब अमीरात के सबसे महंगे रिहायशी अपार्टमेंट्स और निश्चित रूप से अत्यंत अद्वितीय और प्रतिष्ठिïत बिल्डिंग होने के कारण कीमतें 3,000 अमरीकी डॉलर प्रति वर्ग फुट तक जाने का अनुमान है।
स्वपनद्रष्टा डेविड फिशर
डॉ. डेविड फिशर ने अपनी करियर की शुरुआत फ्लोरेन्स में की। फ्लोरेंस (इटली पुनर्जागरण का प्रतीक) में फेकल्टी ऑफ आर्किटेक्चर से ऑनर्स के साथ ग्रेजुएशन करने के बाद डॉ.फिशर ने उसी विश्वविद्यालय और स्कूल ऑफ स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में आर्किटेक्चर (वास्तुकला) पढ़ाया। उनकी शैक्षिक उपलब्धियों और अनुसंधान संबन्धी गतिविधियों के कारण, डॉ. फिशर को, कोलम्बिया विश्वविद्यालय (न्यूयार्क) के प्रो. डियो इंस्टीटयूट द्वारा पीएचडी की मानद उपाधि दी। पिछले तीन दशकों से वे प्रकृति में ढले हुए घर डिज़ाइन करने और बिल्डिंग्स की तकनीकी और प्रौद्योगिकीय चरम सीमा निर्धारित करने के लिए खासकर लंदन, मास्को, हांगकांग, पैरिस और दुबई जैसे शहरी केंद्रों में तल्लीनता से, काम कर रहे हैं।
इसके साथ साथ डॉ. फिशर प्राचीन स्मारकों का पुनरुद्धार करने और सार्वजनिक बिल्डिंग्स के डिजाइन से भी सम्बद्ध रहे हैं। फिटेको लि. जिसकी शुरुआत उन्होंने अस्सी के दशक के मध्य में की थी, के न्यूयार्क कार्यालय के जरिए, डॉ. फिशर प्री-फैब्रिकेशन और भवन निर्माण प्रौद्योगिकियों के साथ साथ होटल परियोजनाओं के निर्माण और विकास से भी संबद्ध हुए।
उन्होंने जो प्रौद्योगिकियां विकसित कीं उनमें शामिल हैं ”स्मार्ट बाथरूम्स बाई लियोनार्दो दा विंची” सिस्टम, जो लग्जरी होटलों और घरों के लिए एक पूरी तरह पहले से एसेम्बल किया जाने वाला बाथरूम सिस्टम है। भवन निर्माण में इसे पहला ”मैकेनिकल” सिद्धांत माना जाता है क्योंकि यह एकमात्र फैक्टरी-निर्मित और समेकित बाथरूम सिस्टम है। डॉ. फिशर के एलडीवी ग्रुप ने इस सिस्टम को पहली बार, दुबई के होटल ले मेरीडियन में उपयोग किया। उन्होंने अपने कार्यों का विस्तार, मिलान, लंदन, मास्को, पैरिस और हांगकांग जैसे विभिन्न स्थानों के निर्माण स्थलों तक किया। इनफिनिटी डिजाइन कंपनी उनका आर्किटेक्चरल कार्यालय है, जो फ्लोरेंस जहां वे अपने परिवार के साथ रहते हैं, में स्थित है। डॉ. फिशर को पारंपरिक अर्थों में आर्किटेक्ट नहीं जाना जा सकता : अपने जीवन में उन्होंने, भवन निर्माण के संसार में चौतरफा अनुभव प्राप्त किए हैं: शिक्षक से लेकर डिजाइनर तक, बड़ी बड़ी परियोजनाओं के लिए व्यवहार साध्यता (फीजिबिलिटी) अध्ययन तैयार करने से लेकर बड़े बड़े प्रायोजनों के लिए वित्त के आंवटन तक,बिल्डिंग निर्माण प्रबंधन से लेकर अचल संपत्तियों के विकास तक, उत्पाद डिजाइन करने से लेकर बड़े बड़े औद्योगिक संयंत्रों के निर्माण और प्रबंधन तक।
आर्किटेक्चर को वे साध्यता (फिजीबिलिटी),प्रकार्यात्मकता (फंक्शनलिटी) और इंजीनियरिंग का संयोजन मानते हैं। वस्तुत: उन्हें आर्किटेक्चर से जुड़े सभी पहलुओं को अनुभव करने का सुअवसर मिला है। अनुभवों के इस मिश्रण ने उन्हें इस क्षेत्र की विशाल तकनीकी जानकारी दी है और उन्हें भवन निर्माण की पारंपरिक तकनीकों में भविष्य की वास्तुकला की दृष्टि से क्रांति लाने के लिए तैयार किया है।
डॉ. फिशर की व्यावसायिक गतिविधियां हमेशा दो अवधारणाओं पर केन्द्रित रही हैं : एक औद्योगिक सोच, जो प्री-फैब इकाइयों के उपयोग से सम्बद्ध है और गतिशील आर्किटेक्चर, जिसके अनुसार पारंपरिक 3-आयामी डिजाइन एक चौथा आयाम पूरा करती है : समय।
”बिल्डिंग निर्माण में प्रौद्योगिकी का उपयोग”, कला के शहर, फ्लोरेंस में पलने-बढऩे की प्रतिक्रिया थी। लेकिन फ्लोरेंस एक ऐसा शहर भी है, जिसने संसार को विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा ऐसे आविष्कार दिए हैं जिनसे हमारा संसार बदल गया है।
बिल्डिंग्स को गति देना उस जीवन का सैंद्धांतिक उत्तर था, जो बड़ी तेजी से बदल रहा है लेकिन उसकी शुरुआत भूमध्यसागर पर डूबते हुए सूरज को देखते हुए हुई थी। डॉ. फिशर के अनुसार, समय जीवन का सबसे शक्तिशाली आयाम है, क्योंकि यह सापेक्षता से बड़ी मजबूती से जुड़ा हुआ है। उनकी नई गगनचुंबी इमारत द रोटेटिंग टॉवर को, जिसे ”जीवन द्वारा आकार दिया गया, समय द्वारा डिजाइन किया गया है, ”आर्किटेक्चर का एक नया युग” माना जाता है।

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