हरियाली के हरी-भरी दुनिया

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रियल एस्टेट का कारोबार खूब फल-फूल रहा है। एक से बढ़ कर एक नए-नए प्रोजेक्ट लॉन्च किए जा रहे हैं। डेवलपर्स अपने कस्टमर को रिझाने के लिए तरह-तरह के नए कॉन्सेप्ट भी ला रहे हैं। इन कॉन्सेप्ट में सबसे लोकप्रिय है ग्रीन होम कॉन्सेप्ट का। डेवलपर्स अपने प्रोजेक्ट के आस-पास हरियाली दिखा कर कस्टमर से यह कहने से नहीं चुक रहे हैं कि हमारा प्रोजेक्ट ग्रीन कॉन्सेप्ट पर बनाया जा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। मौजूदा समय में ग्रीन होम कॉन्सेप्ट पर निर्माण कुछेक प्रोजेक्ट में हो रहा है। वजह, आम धारणा बनी हुई है कि ग्रीन होम कॉन्सेप्ट पर बिल्डिंग निर्माण की लागत अधिक आती है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है। ग्रीन होम कॉन्सेप्ट पर निर्माण लागत साधारण निर्माण लागत से अधिक ज़रूर  है पर इसके दूरगामी फायदे हैं। आमदनी बढऩे से विलासिता पूर्ण रहन-सहन की मांग बढ़ी है। एक से बढ़ कर एक राजसी ठाठ-बाट से परिपूर्ण प्रोजेक्ट बन रहे हैं। घर की मांग को पूरा करने के लिए पर्यावरण का दोहन दिन दुना रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ता जा रहा है। वायुमंडल तेजी से प्रदूषित हो रही है। इस प्रदूषण को कम करना है तो ग्रीन होम कॉन्सेप्ट पर निर्माण करना होगा।  ग्रीन बिल्डिंग के लिए मानडंड क्या होना चाहिए, हम आपको यहां पर विस्तृत जानकारी देने जा रहे हैं। एक रिपोर्ट… …

मेट्रो सिटी में मॉर्डन कॉन्सेप्ट पर अपार्टमेंट का निर्माण किया जा रहा है। इसमें वो तमाम सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही है, जिससे इसमें रहने वालों की जि़न्दगी आराम से गुजरे। एक आरामदायक घर में ऐशो-आराम की सारी सुविधा उपलब्ध करायी जाती है। इसके लिए एसी, रेफ्रीजरेटर, गीजर आदि आम बात है, जो रहने वाले की लाइफ कमफर्ट बनाता है। इस दौड़ में कोई भी अपने कमफर्ट जीवन की सुविधा से समझौता नहीं करना चाहता। इस सुविधा को पाने के लिए बिजली की बहुत ज्यादा खपत होती है, जिसका बिल अदा करना कष्टकर हो जाता है। अब यदि आपको यह कहा जाए कि आपको ढ़ेर सारी सुविधा मिलेगी और इसके लिए आपको बिजली बिल भी बहुत कम भरना होगा तो कैसा महसूस करेंगे आप। ऐसे लोगों के लिए ग्रीन होम एक बेहतर उपाय है। इस तरह का घर आरामदायक जि़न्दगी तो उपलब्ध कराता है, साथ में ऊर्जा की खपत भी कम होती है। ग्रीन होम कॉन्सेप्ट को अपनाने से उन्हें अपना बजट तय करने में सहूलियत मिलती है।
बिल्डर और कस्टमर दोनों को ग्रीन होम के फायदे की जानकारी हैै, ग्रीन होम कॉन्सेप्ट पर बना हुआ घर उनके मासिक बजट में कटौती करता है। बजट के साथ हम प्रकृति को भी सेव करते है, जो आने वाली पीढ़ी के लिए भी संजीवनी का काम करेगा। इसलिए वर्तमान ट्रेंड में ग्रीन होम कॉन्सेप्ट की डिमांड बढ़ती जा रही है। इस कॉन्सेप्ट पर बना हुआ घर में इंटीरियर महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। ग्रीन होम बनाने के लिए जिस रॉ-मैटीरियल का इस्तेमाल किया जाता है, वह आमतौर पर बनने वाले होम से अलग होता है। घर के खिड़की, दरवाजे इस तरह से डिज़ाइन किए जाते हैं, जिससे बाहरी तापमान का असर घर के अंदर कम से कम हो पाए। इस कॉन्सेप्ट पर बने हुए घर की दीवारों को ठंडा रखने के लिए पानी की पाइप को दीवारों पर लगाया जाता है। पानी की पाइप से दीवारों से लगे होने से घर का तापमान नियंत्रित रहता है, जिसके कारण गर्मी में भी घर ठंडा रहता है और जिसके कारण आपके घर एसी चलाने की कम ज़रूरत पड़ती है।  एसी कम यूज होने से बिजली की खपत बहुत ही काम होती है, जिससे आपका बिल कम आता है और बजट नियंत्रित रहता है।
 
ग्रीन होम की परिभाषा क्या है?
 
ग्रीन होम की परिभाषा हम इस तरह से दे सकते हैं कि जो घर प्रकृति ऊर्जा को अधिक से अधिक उपयोग करता हो, इसमें रहने वाले आराम के साथ स्वस्थ जि़न्दगी जी रहे हो, उसी को ग्रीन होम कहा जाता है। हमारे देश में ग्रीन होम बिल्डिंग के प्रमाण पत्र ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल और एनर्जी एंड रिसोर्स संस्थान के द्वारा प्रदान की जाती है। यह संस्थान बिल्डिंग की रेटिंग करती है। इस रेटिंग का आधार उसमें लगने वाली ऊर्जा, प्रकृति के अनुरूप बनावट को देखते हुए दी जाती है। रेङ्क्षटग देख कर आसानी से पता लग जाता है कि यह बिल्डिंग कितना हद तक ग्रीन बिल्डिंग के कॉन्सेप्ट पर बनायी गयी है। बिल्डिंग के डिज़ाइन, कंस्ट्रक्शन और इसका असर प्रकृति पर क्या हो रहा है उसके आधार पर ही बिल्डिंग को ग्रीन बिल्डिंग कहा जाता है। बिल्डिंग को गोल्ड, प्लेटिनम और सिल्वर रेटिंग तब दी जाती है, जब यह पता चल जाता है कि इस में कितने पैरामीटर तक ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट को फॉलो किया गया है।
 
ग्रीन बिल्डिंग बनाना महंगा है?
 
 
ग्रीन बिल्डिंग के निर्माण के समय जिस मैटीरियल यूज किया जाता है, वह ट्रिटेड होता है।  इसके लिए निर्माण में नए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है। बिल्डिंग से निकलने वाले कचड़े और गंदा पानी को फिर से रिसाइकल कर उपयोग में लाए जाने की व्यवस्था की जाती है। ग्रीन बिल्डिंग में उच्च क्वालिटी के कांच (शीशे) का उपयोग किया जाता है, इससे फायदा यह है कि बाहर की गर्मी को अंदर आने से रोकता है, जिससे घर ठंडा रहता है। प्रकृति लाईट से घर रौशन हो और बल्ब और ट्यूबलाईट का इस्तेमाल कम हो, इसकी भी व्यवस्था की जाती है। इसके लिए घर का डिज़ाइन इस तरह से किया जाती है कि सूर्य के प्रकाश से घर का ज्यादा भाग प्रकाशित हो। बिजली खपत कम करने के लिए एलईडी लाईट का उपयोग किया जाता है, जिसका एक सामान्य लाईटिंग सिस्टम से कीमत तीन गुनी होती, पर इसके लगाने से एनर्जी की बहुत बचत होती है। शुरुआती दौर में यह कीमत आपको अधिक लगेगा, लेकिन यह पैसा कुछ सालों में बिजली के बचत कर आपको फायदा पहुंचाता है। ऐसा नहीं है कि जो भी चीज़ ग्रीन बिल्डिंग में लगाया जा रहा है, वह महंगा है। आप घर बनाते समय कम खर्च में बहुत कुछ ऐसा लगा सकते हैं, जो काफी हद तक आपके के घर को ग्रीन बिल्डिंग में बदल सकता है। देखा जाय तो एक आदर्श घर महंगे और सस्ते तरीकों का संयोजन होता। इसे बनाने में कई तरह की तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर, हम आपको एक ऐसे वस्तु के विषय में जानकारी दे रहे हैं,  जो ग्रीन बिल्डिंग घर में लगाना ही होता है। सोलर हीटर, यह सूर्य की रौशनी से पानी को गर्म करता है। सोलर हीटर के टैंक की क्षमता कार्य करता है। इस सिस्टम को लगाने में जो लागत आती है, वह तीन से चार साल में निकल आता है क्योंकि यदि आप बिजली से पानी गर्म करते हैं तो इतने पैसे बिजली के बिल जमा करने में चले जाते हैं।
फोटोवोल्टिक पैनल- यह सूर्य की रौशनी से बिजली उत्पन्न करता है। यह पैनल आपके बिजली ग्रीड फेल होने के समय बैकअप भी देता है। यह आपकी ऊर्जा की ज़रूरत को भलीभांति पूर्ति करता है।
मोटे दीवार के साथ कैविटी- इस तरह के दीवार निर्माण में कम से कम ईंट का उपयोग किया जाता है। दीवार के बीच में कैविटी डाल दी जाती है, जिससे दीवार कम गर्म होता है और आपके घर को ठंडा रखता है।
स्लैब और प्री-कास्ट- स्लैब और प्री-कास्ट तत्वों  के सहयोग से बनी छत में खर्च भी कम आती है और घर भी ठंडा रहता है। इससे आप करीब 20 से 25 प्रतिशत छत में लगने वाले पैसे की बचत कर सकते हैं।
रेन वाटर हारवेस्टिंग- वर्तमान समय में पानी की समस्या गंभीर हो चुकी है। इस समस्या से बचने का उपाय में सबसे पहले रेन वाटर हारवेस्टिंग का नाम सबसे ऊपर है। इस सिस्टम के सहारे हम बारिस की पानी को संरक्षित करते हैं। यह ग्रीन होम के कॉन्सेप्ट का एक महत्वपूर्ण घटक है। भविष्य में जल स्तर को संतुलित करने के लिए रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम काफी कारगर साबित होगा। इसके सहारे जहां ग्राउंड वाटर लेवल का रिचार्ज होता है, वहीं यह प्राकृतिक और वातावरण को संतुलित करने में महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाता है। हालांकि ग्रीन होम कॉन्सेप्ट अपने प्रारंभिक अवस्था में है। डेवलपर्स और सरकारी अथॉरिटी लोगों को इसके बारे में अवगत करा रही है। बहुत से डेवलपर्स अपने प्रचार माध्यम में इसे शामिल कर प्रोजेक्ट बेचने का जरिया भी बना रहे हैं।

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