इंटीरियर ट्रेंड में शीशा

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शीशे के बिना बिल्डिंग्स की सुन्दरता की कहानी अधूरी रह जाती है। इससे बिल्डिंग का ऊपरी संरचना हो या आंतरिक संरचना दोनों खिल उठता है। यह घर हो या ऑफिस हर जगह यह अपनी एक अलग छाप छोड़ता है। बड़े-बड़े कॉरपोरेट सेक्टर के ऑफिस इसके सहारे ही एक बेमिशाल रूप पैदा करता है।

शीशा का जिक्र करते ही इसकी संरचना और इसके आविष्कार के विषय में जानने की इच्छा होने लगती है। रेत और कुछ अन्य सामग्री को पिघलाकर शीशे यानि कांच का निर्माण किया जाता है। आज से करीब ढाई हजार ईसा पूर्व कांच का आविष्कार मिस्त्र या मैसोपोटामिया में हुआ था। पहली शताब्दी आते-आते फलस्तीन और सीरिया में एक खोखली छड़ में फूंक मारकर पिघले कांच को मनचाहे रूप में ढालने की कला विकसित हुई। शीशा का प्रयोग आज ही नहीं बल्कि विगत कई वर्ष पूर्व से ही देखने को मिलता है। जिसका उदाहरण फिल्म मुगले-ए-आजम, प्यार करना तो डरना क्या, जरूर याद होगा साथ ही शीशमहल    का वो सेट भी जहां पर मधुबाला पर यह गीत  …प्यार कि कोई चोरी नहीं की,  छूप -छूप कर आहें भरना क्या, फिल्माया गया था। पीरियड मूवी जोधा अकबर, जिसकी सेट की भव्यता का बड़प्पन प्रत्येक दर्शकों के जुबान पर थी। इस मूवी में   सेट  को बनाने में 22,12,221 कांच टुकड़ों   और आइनों का प्रयोग किया गया है। इस फिल्म    के प्रोमो में कांच के द्वारा की गयी फीनिशिंग की भव्यता देखने लायक थी। कांच के  मनचाहे रूप में ढालने की कला  से प्रभावित होकर, इसका प्रयोग प्रत्येक घरों में किया जाने लगा।
हर घर में शीशा के लिए जगह निश्चित होती है। क्योंकि शीशा की खासियत है कि   बिना कुछ बोले ही बहुत कुछ बोल जाता है। वर्तमान   के बदलते दौर में शीशा का प्रयोग तेजी से बढ़ा है। क्योंकि यह सस्ता और खूबसूरत होने के साथ इसे आसानी से एक-जगह से दूसरे स्थान पर ले जाने में लोगों को ज्यादा कठिनार्ई का सामना नहीं  करना पड़ता है। यही कारण है कि इसके कई गुणों के कारण लोग फर्नीचर और अन्य चीजों की अपेक्षा शीशा का प्रयोग करना ही बेहतर समझते हैं। वहीं आज कल घर को आकृष्टï रूप देने के लिए अधिकांश जगह शीशों का प्रयोग देखने को मिलते हैं। जहां कुछ समय पहले शीशे का इस्तेमाल वॉश रूम और ड्रेसिंग टेबल के रूप में किया जाता था। वहीं अब इसका प्रयोग घर को आकृष्टï रूप देने के लिए  इसका प्रयोग इंटीरियर डिज़ाइन में भी धड़ल्ले से किया जाने लगा है।
आइए जानते हैं कैसे शीशा से अपने घर में चार चांद लगाया जा सकता है—
1. अगर आपके पास घर में जगह की कमी है और आप चाहते हैं कि अपने घर के लुक को बड़ा आकार दें तो शीशे का प्रयोग कर घर को बड़ा दिखा सकते हैं।
2. अगर आपके कमरे में अगर कोई अलमारी रखी हो, जिसपर कि कांच के बने सजावटी सामान भी हो तो उसके पीछे की तरफ से शीशा  लगाएं। ऐसा करने से आपके कमरे की सुदंरता  और बढ़ जाएगी।
3.आप अपने डाइनिंग रूप में भी शीशे का प्रयोग  कर सकते हैं। डाइनिंग रूम में शीशे का  प्रयोग करते समय इस बात का ख्याल रखें  कि जब भी आप शीशा  का प्रयोग करें, उसे ठीक सामने लगाएं। ऐसा करने से आपके रूम में रोशनी बढ़ जाएगी।
4. इंटीरियर डिज़ायन में  भी इसे खास तवज्जों दी जाती है। शीशे के सहयोग से घर निखारने में सबसे ज्यादा मदद करता है उसका फ्रेम। शुरूआत में जहां लकड़ी के फ्रेम में ही शीशा पाया जाता था। वहीं अब बाजार में यह कई तरह के फ्रेम में उपलब्ध हो रहा है। इन फ्रेमों से शीशे में एक नयी जान आ जाती है। साथ ही यह आपके कमरे को एक नया लुक देने में भी मदद करता है। आजकल मार्केट में लाजवाब लहर के कटे शीशे भी उपलब्ध हैं, जो घर की सुन्दरता को बरकरार रखने में मदद करता है।
5.शीशा का महत्व तब और बढ़ जाता है जब इनके सामने कोई फूलों का पौधा रखा हो। इससे घर डिसेंट लुक में दिखाई देगा।
6.रोशनी की प्रतिबिंबत करने की क्वालिटी  के कारण यह घर  की चमक निखारने के  साथ ही आपके घर में गजब इफेक्ट पैदा करता है।

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