नेता जी कहिन …

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एक बार की बात है , जूते की बढ़ती लोकप्रियता और भड़ास के केन्द्र बन जाने के कारण एक व्यक्ति ने सोचा, क्यों ने इस चरण पादुका का इस्तेमाल चुनाव चिन्ह् के रूप में किया जाय । इस तथाकथित नेताजी को भाषण देना नहीं आता था, लेकिन उनके दोस्तों ने कुछ महत्वपूर्र्ण टिप्स देकर इसे मंच पर भाषण देने के लिए भेज दिया, फिर क्या था , यह मॉर्डन नेता ने जनता के सामने घुमाफिराकर जूते को बाद में केन्द्र बनाकर कैसा भाषण दिया। इसका एक बानगी आप भी सुनें।

एक नेता जी थे। उनकी इच्छा थी कि मैं भी संसद में पहुंचूं। नेता जी को किसी पार्टी से टिकट भी मिल गया। लोगों ने नेता जी से कहा-चुनाव नज़दीक है, अभी तक आपने क्यों कोई जनसभा आयोजित नहीं की। नेता जी बोले- मुझे भाषण देने तो आता ही नहीं। लोगों ने उन्हें समझाया-भाषण में कुछ नहीं है, सिर्फ मंच पर चढ़ जाइए और हैलो-हैलो कहिए, जहां नदियां नहीं है, वहां पुल बनवाने की घोषणा तथा अन्य बेवजूद की बात को कहते जाइए। अंत में चुनाव चिन्ह् बता दीजिए और हो गया भाषण। नेता जी ने जनसभा आयोजित की और मंच पर चढ़ गए और माइक थाम लिया। उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा – भाईयों और बहनों, मैं कोई नेता नहीं हूं और न कोर्ई अभिनेता, नेता तो अपने क्षेत्र के पूर्व विधायक मनमौजी राम थे, जो अपने सफेद शर्ट की जेब में गुलाब फूल लगाते थे । गुलाब तीन प्रकार का होता है। एक तो वह है, जो मनमौजी अपने सफेद शर्ट की जेब में लगाते थे। दूसरा गुलाब है, जो फिल्म अभिनेत्री मधुबाला अपनी जुड़े में लगाती थीं और तीसरा है, जिससे कन्नौज में गुलकंद बनता है। इस गुलकंद से खांसी जड़ से मिट जाती है। जड़ खरबूजे की काफी मज़बूत होती है। खरबूजे को देखकर खरबूजा का रंग बदलता है। रंग जर्मनी का अच्छा होता है परन्तु वहां युद्ध बहुत हुआ  है। युद्ध को अंग्रेज़ी में वार कहते हैं। वार बहुत भयानक होते हैं। वैसे तो भयानक तो शेर भी होता है लेकिन चालीस सेर का एक मन होता है। मन बहुत ही चंचल होता है। चंचल फिल्म अभिनेत्री मधुबाला की छोटी बहन का नाम था। उसने कई फिल्मों में बेहतरीन काम किया। उनके कई फिल्मों में तथाकथित वफादारों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस दुनिया में वफादारों की कोई कमी नहीं है लेकिन वैसे देखा जाय तो वफादार तो कुत्ता भी होता है, लेकिन कुत्ते के पास सींग नहीं होते। कुछ याद आ रहा है हमें। सींग तो भैंस के होते हैं। भैंस का चमड़ा काफी मज़बूत होता है और इस चमड़े से बेहतर जूते बनते हैं। मेरा चुनाव चिन्ह् जूता है। आप इस पर बटन दबाकर हमें भारी मतों से विजयी बनाएं। जनता जर्नादन की जय। जूते की जय हो। इस प्रकार नेता जी तालियों की गरगराहट के बीच अपना भाषण खत्म किए।

 

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