ये वादियां ये फिजाएं बुला रही हैं तुम्हें…

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प्रसिद्ध चीनी दार्शनिक लओत्से का कहना  था कि प्रकृति की ओर लौटो। वर्तमान में यह कथन रियल एस्टेट के लिए अक्षरश: साबित हो रहा है। प्राकृतिक सौन्दर्य से लवरेज स्थानों में आशियाना की दुनिया रफ्तार पकड़ चुकी है। इसमें नित्य नए स्थान जुड़ रहे हैं। खासकर, भारतीय पर्वतीय इलाकों में इसकी पौ-बारह हो चुकी है। यदि जानकारों की मानेें तो लोग शहरी जीवन से ऊब कर शांति  और सुकून की तलाश में इस ओर रूख कर रहे हैं। जहां कुछ समय पहले तक इन स्थानों को सैर-सपाटा के लिए ही जाना जाता था, वहीं यह स्थान रियल एस्टेट के लिए हब बन चुका है।

समय के साथ मनुष्य के सोच और रहन-सहन में भी परिर्वतन आया है। प्रकृति की सुन्दरता से लगाव हर  इंसान में होता है। अगर इस सुन्दरता  में रहने का अवसर मिले तो फिर क्या कहना। आज के भीड़-भाड़ और प्रदूषण से दबे शहर में शहरवासियों को यह सोचने पर मज़बूर किया है कि आशियाना ऐसे जगह पर बनाया जाए, जहां खुला वातावरण हो, पर शहरी कोलाहल नहीं हो। शहर के भीड़-भाड़ से भरी जि़न्दगी से लोग अब ऊब से गए हैं। ऐसे में ऐसे जगह पर घर की तलाश शुरु हो गयी है, जहां पर शांति, स्वच्छ आबोहवा और प्रकृति के बिल्कुल करीब हो। पर्वतीय क्षेत्र इसके लिए उपयुक्त जगह के रुप में उभड़ा है।  मकान.कॉम के द्वारा किए गए एक सर्वे में यह सामने आया है। यह सर्वे एक जून से 23 जून 2011 तक करीब 4800 लोगों के ऊपर किया गया था। इस सर्वे में भारत के सभी बड़े शहरों को शामिल किया गया। इस सर्वे में 26 से 35 साल के उम्र के लोगों ने भाग लिया था। सर्वे में अधिकतर लोगों का मानना था कि वह पर्वतीय क्षेत्र में निवेश के लिए नहीं बल्कि रहने के लिए घर खरीदना चाहते हैं।

पैसा… नो प्रॉब्लम
भारत की आर्थिक स्थिति मज़बूत होने से पैसे का कोई इश्यू नहीं है। बिज़नेस ै मैन से लेकर कामगार युवा अच्छी खासी रकम अर्जित कर रहे हैं। काम का बोझ और हेक्टीक लाइफ स्टाइल से बोर होकर हर कोई शांति और सुकून की जि़न्दगी चाह रहा है। वे निवेश ऐसे स्थान पर करना चाह रहे हैं, जहां पर जि़न्दगी शांति से  व्यतित कर सकें। हिल स्टेशन इसके लिए माकूल जगह बन कर उभड़ा है। यहां की प्राकृतिक सुन्दरता, शांति और स्वच्छ वतावरण सभी को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। इस क्षेत्र में निवेश के लिए बैंक से लोन में किसी भी प्रकार की समस्या नहीं है। बैंक आसानी से लोन दे रहा है। इसको देखते हुए निवेशकों की संख्या में नित वृद्धि हो रही है। निवेशकों को देखते हुए यहां पर रियल एस्टेट का कारोबार तेज़ी से बढ़ रहा है। नौकरी पेशा के लोग यहां पर रिटायरमेंट के बाद बसने की योजना बना रहे है। बिज़नेस तबके के लोग छुट्टिïयां और साल में एक से दो बार यहां आ ही जाते हैं। इसे देखते हुए वे यहां पर घर खरीद रहे हैं। आने वाले समय में यहां पर भी हाईराइज बिल्डिंग बनते दिखेंगे।
मार्केट में भी मांग बढ़ी है..
रियल एस्टेट में भी हिल स्टेशन की घर मांग जोरों पर है। रियल्टी क्षेत्र छोटे से बड़े शहर तक अपना पांव पसार ही चुका है। अब यह हिल स्टेशन की ओर रुख किया है। डेवलपर्स भी हिल स्टेशन पर सेकेंड होम को फोकस कर रहे हैं। हिल स्टेशन के आस-पास का एरिया गुलजार होना शुरु भी हो गया है। ज्यादातर निवेशक ऐसी जगह पर अपना घर चाह रहे हैं, जहां से कुल्लू, मनाली, शिमला, नैनीताल आदि से 30 से 40 मिनट में पहुंचा जा सके। यहां पर डेवलपर्स निवेशको के बजट के देखते हुए अफोर्डेबल रेंज से लेकर लग्जुरियस मकान भी बना रहे हैं और निवेशक भी इसे हाथो-हाथ ले रहे हैं। डेवलपर्स इसे बड़ा बाज़ार बनता हुआ देख कर तरह-तरह के स्कीम लॉन्च कर रहे हैं।
क्या-क्या सुविधा की डिमांड है?
अभी सेकेंड होम का कॉन्सेप्ट यहां पर है। ज्यादातर लोग या तो छुट्टिïयां या घूमने के लिए वर्तमान में घर खरीद रहे हैं। पर वह इस घर के अन्दर वह सभी सुविधा चाह रहे हैं, जो एक स्थायी  घर के अन्दर होता है। निवेशको का पहला डिमांड लोकेशन का है। हर कोई हॉट लोकेशन पर ही रहना चाह रहा है, जहां से पर्वत, बर्फ, पानी औ हरियाली का पूरा-पूरा आनंद लिया जा सके। इसके अलावे कम्यूनिकेशन, पावर बैकअप तो होना ही चाहिए। पीने का पानी सप्लाई और सुरक्षा के दृष्टिï से भी सही हो। बाज़ार के जानकारों का मानना है कि यहां पर 2 से तीन बेडरूप के घर की मांग सबसे ज्यादा होगी।
मांग क्यों बढ़ी है?
होटल या रिज़ौर्ट लेने में ढ़ेर सारा पैसा खर्च होता है। ज्यादा तर लोग आर्थिक रुप से समृद्ध होते हैं। उनका मानना है कि यदि उनका अपना घर हो तो उनका पैसा भी कम खर्च होगा और अधिक दिनों तक यहां पर रह भी सकते हैं। अपना घर होने से आजादी भी रहेगी और जब दिल करेगा वे यहां पर आ कर रह सकते हैं।

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