कर्ज़ के बोझ को बढ़ने न दें

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photo courtesy https://www.conservativereview.com/

बैंक आपको फ्लैट की कीमत का 85 प्रतिशत तक लोन के रूप में उपलब्ध करा सकते हैं। अगर आप न्यूक्लियर फैमिली वाले हैं तो मासिक किस्तों के भुगतान की राशि आपके हाथ में आने वाली सैलरी के 45 प्रतिशत से अधिक नहीं हो। अगर आपको डाउन पेमेंट करने में मुश्किल आ रही है तो अच्छा रहेगा कि आप घर खरीदने के लक्ष्य को कुछ समय के लिए टाल दें और इस खाई को पाटने के लिए बचत शुरू कर दें। घर की खरीददारी से पहले बिल्डर के पिछले रिकॉर्ड का पता कर लें कि वह समय पर फ्लैट डिलिवरी कर पाता है या नहीं।

एक निजी कंपनी में कार्यरत अमन कुमार (36) की जिंदगी बड़ी कठिन थी। वह पिछले तीन साल दिल्ली में अपनी पत्नी और बेटे के साथ रह रहे थे। पिछले दो साल से वह नोएडा के आस-पास में 1 बीएचके फ्लैट खरीदने की योजना बना रहे थे लेकिन यह सोच कर इसे बार-बार टाल देते थे कि प्रॉपर्टी बाज़ार में गिरावट आएगी। लेकिन दिन-प्रतिदिन कीमतों में बढ़ोत्तरी ही होती रही। किराए पर रहने वाले हजारों-लाखों परिवार का सपना होता है कि एक ऐसा घर हो जिसे वह अपना कह सकें।
निवेश
रियल एस्टेट की खरीदारी करना एक भावनात्मक निर्णय होता है और यह जि़न्दगी का सबसे बड़ा निवेश भी होता है। ऐसा बड़ा निर्णय लेने से पहले आपको विस्तार से पूरी प्रक्रिया के बारे में सतर्कता से सोचना चाहिए। घर खरीदने संबन्धी निर्णय लेने से पहले आपको निम्नलिखित कुछ मसलों पर विस्तार से विचार करना चाहिए। इस मामले में बजट का मामला सबसे महत्वपूर्ण होता है। इसके लिए एक बेहतर रणनीति बनाकर ही कार्य संपादित करना चाहिए। मौजूदा समय में 90 प्रतिशत से अधिक मकान होम लोन की मदद से खरीदे जाते हैं। बैंक आपको फ्लैट की कीमत का 85 प्रतिशत तक लोन के रूप में उपलब्ध करा सकते हैं लेकिन एक बात ध्यान में रखिए कि अगर आप एकल परिवार वाले हैं तो मासिक किस्तों के भुगतान की राशि आपके हाथ में आने वाली सैलरी के 45 प्रतिशत से अधिक नहीं हो। यह जितना कम हो सकता हो उतना ही अच्छा। उदाहरण के लिए अगर आपकी शुद्ध आय 50,000 रुपये प्रति माह है और मासिक खर्च 20,000 रुपये का है तो होम लोन के वर्तमान फ्लोटिंग रेट 11 प्रतिशत के अनुसार प्रति लाख मासिक किस्त 1136 रुपये बनती है और इस प्रकार आप 19 लाख रुपये का लोन ले सकते हैं जिसकी मासिक किस्त 21,590 रुपये बनेगी।
अगर आपको डाउन पेमेंट करने में मुश्किल आ रही है तो अच्छा रहेगा कि आप घर खरीदने के लक्ष्य को कुछ समय के लिए टाल दें और इस खाई को पाटने के लिए बचत शुरू कर दें। पहली बार घर खरीदने जा रहे अधिकांश व्यक्ति डाउन पेमेंट की राशि जुटाने के लिए पर्सनल लोन का सहारा लेते हैं जिसकी ब्याज दर 14 से 18 प्रतिशत होती है। बाद में उन्हें एहसास होता है कि दो-दो लोन की मासिक किस्तों का भुगतान करना कितना कठिन है। ऐसे लोगों की हमेशा यह कोशिश रहती है कि उनके बैंक खाते में पर्याप्त राशि रहे ताकि दोनों लोन की मासिक किस्तों के भुगतान में रुकावट पैदा न हो। मासिक खर्च के लिए घटी राशि के लिए वह क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का सहारा लेते हैं जिससे वह एक अजीब से कर्ज जाल में फंस जाते हैं।
गणना में अन्य लागतों को भी शामिल करें। बिल्डर से अंडर-कंस्ट्रक्शन या रेडी टु मूव फ्लैट की खरीदारी करते समय आपको कुल भुगतान के ब्रेकअप का पता चलता है। इसमें फ्लैट की लागत के अलावा स्टांप ड्यूटी शुल्क और रजिस्ट्रेशन, बिजली का मीटर, एक साल का मेंटिनेंस आदि शामिल आता है। लेकिन रीसेल वाले फ्लैट के मामले में आपको यह भी देखना होता है कि सोसायटी के कुछ पैसे या मासिक रख-रखाव के पैसे, पेंटिंग के खर्च, फर्नीचर आदि के पैसे बाकी तो नहीं हैं। बजट को अंतिम रूप देने से पहले इन सभी लागतों पर गौर फरमाना ज़रूरी होता है।
लोकेशन
लोकेशन की भूमिका भी अहम् होता है। एक बार बजट का निर्णय कर लेने के बाद आपको इस बात का आयडिया मिल सकता है कि इस बजट में किस तरह के फ्लैट मिल सकते हैं और किस क्षेत्र या इलाके में ऐसे फ्लैट उपलब्ध हैं। कभी कभार यह गणना उल्टी भी की जाती है। आप किसी खास इलाके या कॉलोनी में रहने की सोचते हैं और आप इसी हिसाब से अपना बजट तय कर सकते हैं। लोकेशन महत्वपूर्ण है क्योंकि पब्लिक/प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, स्कूल, शॉपिंग मॉल, रेलवे स्टेशन आदि घर से ज्यादा दूर नहीं होने चाहिए। ट्रांसपोर्ट की सुविधा जितनी लचर होगी आपके मासिक खर्च में आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी और ऑफिस आने-जाने का खर्च भी बढ़ेगा। अगर आपका बजट कम है तो आप शहर से कुछ दूर के हिस्से में एक बड़ा घर खरीद सकते हैं या सभी सुविधाओं से संपन्न क्षेत्र में एक छोटा घर ले सकते हैं।
बजट
रेडी फ्लैट या रीसेल या अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदें का मामला मुख्य रूप से बजट पर निर्भर करता है। अगर च्वाइस दिया जाए तो लोग ज्यादातर रेडी टु मूव नये फ्लैट या नये बने रीसेल फ्लैट को तरजीह देते हैं जहां सभी तरह की सुविधाएं हों और कनेक्टिविटी भी अच्छी हो। निश्चित रूप से ऐसे फ्लैट महंगे होते हैं। लेकिन अगर आपका कम बजट इसमें बाधक बन रहा है तो आप अंडर-कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी पर विचार कर सकते हैं क्योंकि आम तौर पर रेडी टु मूव फ्लैट की तुलना में यह सस्ता होता है। साथ ही आपको निर्माण चरण के साथ भुगतान करने का विकल्प भी मिलता है। लेकिन ऐसी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले आपको बिल्डर का पिछला रिकॉर्ड भी देखना चाहिए कि बिल्डर सही समय पर फ्लैट की डिलिवरी कर पाता है या नहीं।
सिबिल रिपोर्ट
आजकल सभी वित्तीय संस्थान आवेदक की क्रेडिट रिपोर्ट सिबिल के जरिये देखती हैं। क्रेडिट रिपोर्ट कजऱ् चुकाने के मामले में किसी व्यक्ति की विश्वसनीयता दर्शाता है। संक्षेप में कहें तो एक अच्छी क्रेडिट रिपोर्ट आवेदक के कजऱ् चुकाने की अच्छी क्षमता को दर्शाता है। आपको सिबिल से क्रेडिट स्कोर मंगवा कर इसकी जांच कर लेनी चाहिए। अगर दुर्भाग्यवश आपकी क्रेडिट रेटिंग कम है तो जिसकी वजह आपके पुराने बैंक द्वारा ब्यूरो को सही समय पर सूचना नहीं उपलब्ध कराना रहा है तो आप इस गलती में सुधार करवा सकते हैं। ताकि आप होम लोन की पात्रता हासिल कर पाएं। कार खरीदने के मामले में सोच-समझ कर निर्णय लेना चाहिए क्योंकि यह आपके जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है। घर खरीदने की तरफ कदम बढ़ाने में अपने पति या पत्नी और घर के बुजुर्गों को शामिल करने के अलावा अपने फाइनेंशियल प्लानर को भी शामिल करें।

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