वीरान कुलधरा गांव, जहां है रूहानी ताकतों का साम्राज्य

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KULDHARA_HERITAGE_VILLAGE,_JAISALMER
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एक गांव कुलधरा जहां रहती थी खुशियों की जहां। थार मरुस्थल के बीच में बसा ये गांव जैसलमेर शहर से 17 किमी. की दूरी पर स्थित है। धन-वैभव से भरपूर ये गांव किसी जमाने में काफी प्रसिद्ध था। इसके आसपास के 84 गांव पालिवाल ब्राह्मणों से आबाद हुआ करते थे। लेकिन कहते हैं न कि खुशियों की दुनिया को नज़र बहुत जल्दी लगती है। ऐसा ही कुछ वाकया हुआ इस गांव में। इस गांव को रियासत का दीवान सलीम सिंह की बुरी नज़र लग गई। मान्यता है कि गांव के पुजारी की बेटी पर सलीम सिंह की बुरी नज़र पड़ी। दीवान सलीम सिंह फरमान जारी करते हुए कहा कि मुझे ये लड़की भा गई है और मुझे किसी हालात में शादी करनी है। उसने लड़की से जबरन शादी को लेकर गांव वालों को कुछ दिनों की मोहलत भी दी। ये बात गांव के लोगों को काफी नागवार गुजरी। गांव वालों ने अपनी आत्मसम्मान के लिए गांव की चौपाल पर बैठक की और पालिवाल ब्राह्मणों की 5000 से ज्यादा परिवारों ने अपने सम्मान के लिए रियासत छोडऩे का फैसला ले लिया। इस निर्णय के बाद ये गांव कुछ इस तरह वीरान हुआ कि आज भी कोई गांव की सरहदों में दाखिल नहीं होते। लोगों का मानना है कि गांव छोड़ते समय ब्राह्मणों ने इस जगह को श्राप दे दिया कि इस जगह पर कोई भी रहने में सक्षम नहीं होगा। तब से लेकर आज तक ये वीरान गांव कुलधरा एक अलग दुनिया बसा ली। जहां पर रूहानी ताकतों का साम्राज्य चलता है और रूहानी ताकतें अकसर यहां आने वालों को अपने होने का अहसास कराती हैं। भानगढ़ के किले की तरह इस गांव भी कोई बस नहीं पाया। भूतहा कुलधरा गांव राजस्थान में ही नही बल्कि विदेश में भी डरावना मंजर के कारण प्रसिद्ध है। अब कुलधरा को हॉन्टेड विलेज के रूप में जाना जाता है।

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