‘हृदय’ विकास को मंजूरी

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शहरी विकास मंत्रालय ने केन्द्रीय योजनाओं ‘धरोहर शहर विकास योजनाओं और संवर्धन योजना  (हृदय)  के तहत 16.27 करोड़ रुपये की लागत से गुजरात में 6 किलोमीटर लंबे बेट द्वारि‍का दर्शन सर्किट के विकास को मंजूरी दे दी। सचिव (शहरी विकास) राजीव गाबा की अध्यक्षता वाली हृदय राष्ट्रीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति ने गुजरात के द्वारिका जिले में प्रसिद्ध द्वारिकाधीश हवेली और हनुमान दांडी को आपस में जोड़ने वाले सर्किट को मंजूरी मिली है, जो हनुमान जी और उनके पुत्र मकरध्वज की मूर्तियों वाला एकमात्र मंदिर है। इस सर्किट के आसपास दो महत्व पूर्ण झीलें भी है, जिन्हें रणछोड़ तालाब और शंखुधर झील के नाम से जाना जाता है। दर्शन सर्किट के तहत जो कार्य शुरू किये जाने है, उनमें गलियों एवं पगडंडियों का विकास, समुद्र बीच के आसपास साइकिल चालन मार्ग बनाना, पौधरोपण, बेंच, विश्राम स्थलों, कपड़े बदलने के कमरों, पेयजल एवं शौचालय की सुविधाएं, शिल्प एवं खाद्य बाजार, संकेतकों को लगाना, एलईडी लाइटिंग की सुविधा, वेंडिंग स्थलों के लिए प्लाजा का इंतजाम करना इत्यादि शामिल हैं। 21 जनवरी, 2015 को शुरू की गई हृदय योजना के तहत अब तक 500 करोड़ रुपये की कुल लागत से 12 चिन्हित शहरों में धरोहरों से संबंधित बुनियादी ढांचे के विकास का कार्य शुरू किया जा रहा है, जिनमें द्वारिका-बेट द्वारिका भी शामिल है। सभी 12 मिशन शहरों के लिए 420 करोड़ रुपये के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

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