व्यस्थित हो फ्लैट का इंटीरियर

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अगर आप जमीन खरीद कर मकान बनवाने के बजाय फ्लैट में रहना पसंद करते हैं तो उसे व्यवस्थित करते समय आपको इन बातों का ध्यान रखना चाहिए मुख्यद्वार से मकान में प्रवेश करते ही वहां पर्याप्त मात्रा में प्रकाश की व्यवस्था होनी चाहिए। इसलिए यहां सफेद या पीली स्प्रेड लाइट का इस्तेमाल करें।
लॉबी या ड्राइंगरूम इंटीरियर
लॉबी या ड्राइंगरूम के पूर्वोत्तर दिशा में सुंदर-सा एक्वेरियम या फाउंटेन लगाएं। ड्राइंगरूम, लॉबी या डाइनिंग एरिया में दीवारों पर प्राकृतिक दृश्यों की पेंटिंग्स का प्रयोग करना वास्तु के अनुसार शुभ माना जाता है। जल से संबंधित चित्रों को उत्तरए उगते सूरज का चित्र पूर्व, पर्वत श्रृंखलाओं का पोट्रेट दक्षिण और पेड़-पौधों के सुंदर चित्रों को पश्चिम दिशा की दीवार पर सजाएं।
बेहतर फर्नीचर का इस्तेमाल
ड्राइंग-डाइनिंग एवं लाबी में यथासंभव वर्गाकार एवं आयताकार टेबल का प्रयोग करेंए जिनके कोने हलकी सी गोलाई लिए हुए हों क्योंकि चुभने व तीखे कोने वाले फर्नीचर नकारात्मक ऊर्जा के स्रोत माने जाते हैं। डाइनिंगरूम की टेबल पर सफेद, गुलाबी, नारंगी या हरे रंग के टेबल मैट का प्रयोग करने से सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। डाइनिंग टेबल पर फ्रूट बास्केट रखना चाहिए। इससे स्वास्थ्य एवं प्रसन्नता से संबंधित सकारात्मक ऊर्जा में वृद्धि होती है।
भक्ति में है शक्ति
घर की पूर्वोत्तर दिशा में पूजा का स्थान बनाएं और देवी.देवताओं के चित्र व मूर्तियों को पूर्व दिशा की दीवार के साथ रखें, ताकि पूजा करते समय आपका मुख भी पूर्व दिशा की ओर हो। मंदिर पर धातु की परत नहीं चढवानी चाहिए। लकड़ी या पत्थर के मंदिर से ही घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है। भगवान का आसन हमारे बैठने के स्थान से कम से कम 6 इंच ऊंचा होना चाहिए व कोई भी मूर्ति 9 इंच से बडी नहीं होनी चाहिए। किचन में काले रंग के काउंटर.टॉप का इस्तेमाल न करें। यह ध्यान रखें कि खाना पकाते समय आपका मुख सदा पूर्व दिशा की ओर हो व सिंक उत्तर दिशा में हो। कैबिनेट व कपबोर्ड आदि रसोई की पश्चिम व दक्षिण दीवारों पर होना चाहिए। वाटर-फिल्टर को उत्तर या उत्तर-पूर्वी दिशा की दीवारों के साथ रखें।
बेड इंटीरियर है खास
बेड की आकृति सदा सामान्य होनी चाहिए। आडे-तिरछे डिजाइन के सिरहाने वाले बेड वास्तु के अनुसार नकारात्मक कोटि के होते हैं। रॉट आयरन की तुलना में लकडी का बेड बेहतर होता है। बेडरूम की दीवारें फूलों की पेंटिंग्स से सजाएं। इसके दक्षिण दिशा की दीवार पर लाल रंग के फ्रेम में अपनी फेमिली फोटो लगाएं। इससे परिवार के सदस्यों के संबंधों में मधुरता आती है। बेडरूम में पानी से संबंधित कोई भी शो-पीस, पेंटिंग आदि नहीं होनी चाहिए। साथ ही यहां धातु एवं प्लास्टिक से बनी सजावटी वस्तुओं का प्रयोग कम होना चाहिए।बेडरूम के वार्डरोब को हमेशा पश्चिम या दक्षिण दिशा की दीवारों के साथ इस प्रकार फिक्स करवाएं कि वह सदा पूर्व या उत्तर दिशा में ही खुले। अपने बेड के पास क्रिस्टल का कोई शोपीस रखें। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है। बच्चों के बेडरूम में गहरे भूरे, स्लेटी या काले रंग का प्रयोग न करें। लडकों के कमरे के लिए हलके हरे या नीले और लड़कियों के लिए गुलाबी या बैगनी रंग का इस्तेमाल करना चाहिए। क्रीम या ऑफ व्हॉइट कलर दोनों के लिए अच्छे रहते हैं। बेड कुछ इस प्रकार व्यवस्थित करें कि सोते समय बच्चों का सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में हो। स्टडी टेबल हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा में रखने का प्रयास करें। सीढियों के नीचे के खाली स्थान में लकडी या प्लाइवुड का एनक्लोजर बना कर इस स्थान का प्रयोग शू रैक, झाडू, डस्टबीन, पुराने अखबार, गैस सिलेंडर आदि रखने के लिए करें। घर की बालकनी को पौधों से हरा-भरा बनाए रखें और वहां पुराने-फालतू सामान इकट्ठा न करें।

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