इंग्लैंड का गौरव -10 डाउनिंग स्ट्रीट

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photo courtesy-https://upload.wikimedia.org

मुकेश के झा

10 डाउनिंग स्ट्रीट इंग्लैंड की राजनीति में वही स्थान रखता है, जो भारत में प्रधानमंत्री का निवास स्थान 7 रेसकोर्स का है। यहां की राजनीति के केन्द्र में इसकी भूमिका सशक्त है। इंग्लैंड के पूर्व प्रधानमंत्री माग्रेट थैचर के समय 10 डाउनिंग स्ट्रीट राष्ट्रीय विरासत में सबसे कीमती रत्न बन चुका था। यह अपनी ऐतिहासिक महत्व के कारण आकर्षण के केन्द्र में है। खासकर इसका डिज़ायन और वास्तु ऐसा है कि यहां आने वाले को मन मोह लेता है। इसका इंट्रेंस द्वार दुनिया में सबसे खूबसरत इंट्रेंस द्वार में गिना जाता है।
नंबर 10 डाउनिंग स्ट्रीट इंग्लैंड के प्रधानमंत्री का निवास स्थान है। यह इंग्लैंड की सरकार का मुख्यालय भी है। यह प्रसिद्ध निवास स्थान लंदन के वेस्टमिनिस्टर सिटी में स्थित है। नंबर 10 लंदन के प्रसिद्ध घरों का पता भी होता है। यह नंबर जिन घरों के पते से जुड़ जाता है, वह अपने आप ही प्रसिद्ध हो जाता है। यह प्रधानमंत्री निवास होने के कारण सारे महत्वपूर्ण सरकारी कार्य यहां संपादित किये जाते हैं। एक प्रकार से ब्रिटेन सरकार की केन्द्रस्थली है, जहां सराकरी कार्य को संपादित करने के लिये इस निवास स्थान के साथ देश के प्रमुख सचिवों, सहायकों और सलाहकारों का कार्यालय भी स्थित है। इस निवास स्थान पर प्रधानमंत्री महत्वपूर्ण नेताओं के साथ भेंट व मुलाकात करते हैं। विदेशी प्रतिनिधियों से भी प्रधानमंत्री यहीं मिलते हैं। यह निवास स्थान वेस्टमिनिस्टर भवन, पार्लियामेंट और महारानी एलिजाबेथ II के बकिंघम प्लेस के नज़दीक ही स्थित है। यह नंबर 10 वस्तुत: तीन हाउसों के रूप में था। 1732 ई. में इंग्लैंड के प्रथम प्रधानमंत्री सर रॉबर्ट वॉलपोल को उस समय किंग जॉर्ज II ने राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा को देखकर यह भवन उनको समर्पित किया था। इसे सर रॉबर्ट वॉलपोल ने सहृदयता के साथ स्वीकार किया लेकिन शर्त यह थी कि इस भवन में देश के प्रथम लॉर्ड के ट्रेजरी के रूप में इसका कार्यालय होगा, उसके बाद ही व्यक्तिगत रूप से आप इसका प्रयोग कर सकते हैं। जब प्रधानमंत्री के नाम से बना वॉलपोल आयोग में विलियम केंट जुड़े तो इस भवन का विस्तार किया गया, जिसे वर्तमान रूप में 10 डाउनिंग स्ट्रीट के रूप में जाना जाता है। यह व्यवस्था एक तात्कालिक सफलता नहीं था। अपने प्रभावशाली आकार और सुविधाजनक स्थान होने के बावजूद इस भवन में इंग्लैंड के कुछ ही प्रधानमंत्रियों के नाम से जुड़ा। यह भवन समय के साथ विकास क्रम के सोपान पर चढ़ा। इस भवन को बेहतर बनाने के लिये इसे कई महत्वपूर्ण दौरों से गुजरना पड़ा। इस भवन को कई कारणों से बंद करने के प्रयास भी किये गये लेकिन वह अपने विराट ऐतिहासिक क्षणों का गवाह बन कर आज भी महिमा मंडित है। ब्रिटेन के इतिहास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं से जुड़कर यह धीरे-धीरे लोगों को अपनी ऐतिहासिक महत्व के कारण आकर्षण के केन्द्र में रहा है। 1985 ई. में उस समय के प्रधानमंत्री माग्रेट थैचर के समय 10 डाउनिंग स्ट्रीट एक राष्ट्रीय विरासत में सबसे कीमती रत्न बन चुका था।
नंबर-10 का फेमस फ्रंट डोर- इस भवन के ज्यादातर हिस्सों को 1735 ई. में विलियम केंट ने मॉडर्न लुक दिया। जब 10- डाउनिंग स्ट्रीट टाउनहाउस के साथ जोड़ा गया तो इसके कई चीज़ों को केंट ने अपने अनुसार ढाला। इस मॉर्डन लुक में सबसे बेहतर इसका फेमस फ्रंट डोर बना है, जिसे वर्तमान में दुनिया के सबसे बेहतर और सुसज्जित फ्रंट डोर की संज्ञा दी जाती है। 1766 ई. में इस भवन के रिनोवेशन के समय इस फ्रंट डोर को एक नये अंदाज़ में ढालने के लिये आज्ञा दी गयी थी लेकिन संभवत:1722 ई. तक इन बातों को तव्बजो नहीं दी गयी। इसकी भव्यता को ग्रेगोइन स्टाइल्स में वास्तुकार विलियम केंट ने ढाला, जिसके कारण यह देखने में और भी सुन्दर हो गया। इस डोर के फ्रंट में लगी ईंटे अपनी सुन्दरता के साथ सिंगल व्हाइट स्टोन से जुड़ा है, जो देखने में भले ही संर्किण लगे लेकिन इसमें अकल्पित सुन्दरता है। काले ओक से बनी छह पनैल्ड क्रीम कलर दरवाज़े जो अर्ध-वृत्ताकार फैनलाइट खिड़कियों से जुड़ा होने के कारण फ्रंट डोर की खूबसूरती को और बढ़ा देती है। खिड़कियों के पैनलों के शीर्ष और मध्य सेट के बीच में चित्रित संख्या दस है, जिसके केन्द्र में स्थित सफेद रंग अपनी एक अलग छटा बिखेरती है। यहां दो पैनलों के बीच में शेर के सिर के रूप में काले लोहे से बना एक हथौड़ा है, जिसके नीचे पीतल लेटर बॉक्स है। इस पीतल के बने लेटर बॉक्स पर फस्र्ट लॉर्ड ऑफ द ट्रेजरी शब्द उत्र्कीण है। इस फ्रंट डोर के साथ काले लोहे से बना बाड़, स्पाइक्ड न्यूअल पोस्ट्स के साथ जुड़ा हुआ है, जो डोर के दरवाज़े को सुव्यवस्थित बनाता है, जिसके कारण इसकी सुन्दरता देखते ही बनती है। फ्रंट डोर का बाड़ डबल स्र्वीलेड तोरण से जुड़ा हुआ है, इस निर्माण को एक आयरन गैस लैंप जो मुकुटनुमा आकार में इसे मज़बूती प्रदान करता है। यह निर्माण मुकुटनुमा आकार से जुड़कर एक ओर जहां फ्रंट डोर को मज़बूती प्रदान करती है, वहीं दूसरी ओर इसकी सुन्दरता को भी यह बढ़ा देती है। इस विश्व प्रसिद्ध डोर के साथ लगा हुआ इंट्रेस हॉल को काले और सफेद संगमरमर टाइल्स से चैकबोर्ड के रूप में सजाया गया है। इसका यह चौकारनुमा आकार संगमरमर से जुडऩे के कारण अपनी सुन्दरता को एक अनोखे अंदाज़ में प्रस्तुत करता है। यह अनोखा अंदाज़ ही इसे विश्व प्रसिद्ध बना दिया है। इसके बांये तरफ 11 नंबर के नाम,डोर से जुड़ा हुआ कमरा है, जहां चांसलर ऑफ द एक्सचैकर रेसीडेंस है।
द कैबिनेट रूम-इस प्रसिद्ध भवन में कैबिनेट रूम एक प्रमुख स्थान है, जिसकी विलियम केंट ने डिज़ायन तैयार की है। केंट के इस डिज़ायन में नम्बर10 का स्पष्टï प्रभाव है। यह कैबिनेट रूम विशाल खिड़की के साथ एक सरल, शानदार और आयताकार रूप लिये पहले था लेकिन इसके रूप को आधुनिक करने के साथ बढ़ाने का काम 1783 ई. में किया गया। कैबिनेट रूम की पूर्व की दीवार को हटाने के साथ सेकेट्री रूम के साथ कई नये निर्माण किये गये। द कैबिनेट रूम को पीलर्स के सहयोग से एक नया रूप दिया गया जिसके कारण इसकी भव्यता और बढ़ गयी है। कैबिनेट रूम को इंग्लैंड के कुछ प्रधानमंत्री जैसे Stanley Baldwin स्टैनले बॉल्डवीन ने अध्ययन कक्ष के रूप में प्रयोग किया, हां, कभी-कभी पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर कैबिनेट रूम टेबल का प्रयोग करते थे। इंग्लैंड की राजनीति में कैबिनेट रूम सर्वोच्च स्थान रखता है। ससंद सत्र के दौरान यहां हर बुधवार को प्रमुख विभागों के सचिव और मंत्रियों द्वारा महत्वपूर्ण विषयों पर फैसले लेते हैं। 1856 ई. के समय इस प्रसिद्ध कैबिनेट रूम को कौंसिल ऑफ चैम्बर कहा जाता था। यहां पर नियुक्त सचिव द्वारा महत्वपूर्ण निर्णयों और विचार-विमर्श का रिकॉर्ड रखने की जिम्मेवारी होती है। इस कैबिनेट रूम की भव्यता और गरीमा दोनों ही चरम पर है।
द ग्रेट किचिन रूम- यह 10 डाउनिंग स्ट्रीट का महत्वपूर्ण भाग है। अपनी खासियत और भव्यता के कारण यह स्थान आकर्षण के केन्द्र में है। इसके रूप और आकार में कई बार परिवर्तन भी किया गया है। 1783 ई. में इसका दूसरा रिनोवेशन किया गया था। इस भवन के बेसमेंट को एक विस्तृत रूप देकर ग्रेट किचिन का नाम इसे दिया गया, जो वर्तमान में दिखायी दे रहा है। संभवत: इस कार्य को रोबर्ट टेलर के तत्वाधान में किया गया था। यह ग्रेट किचिन एक विशाल धनुषाकार खिड़की जो गुम्बदाकार छत से जुड़ा हुआ है। अपनी विशालता के साथ यह कृति और भी इसे भव्य बनाता है। परम्परागत रूप से ग्रेट किचिन रूम के केन्द्र में एक बड़ी मेज है, 14 फीट लंबी, 3 फीट चौड़ी और 3 ईंच मोटी है,जो मेहबान-बाजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
द पिलर्ड रूम- इस रूम का एक अलग ही पहचान है। इसका आधुनिक नंबर 10 स्टेट ड्राइनिंग रूम तीन स्तर से लिंकड् है। 1796 ई.में इस रूम की विशालता का परवान वास्तुकार टेलर द्वारा चढ़ा। पिलर्ड रूम 37 फीट लंबी और 28 फीट चौड़ी है। यह गेस्ट रूम है, जहां विशेष समारोह के समय यहां आये मेहमानों को स्वागत किया जाता है ।
द स्टेट डायनिंग रूम – जब फे्रडरिक रॉबिन्सन 1823 ई. में यहां का चांसलर ऑफ एक्सचेकर होने के नाते अपने देश के लिये कुछ व्यक्तिगत रूप से निशानी छोडऩा चाहते थे। इसी कारण उन्होंने द स्टेट डायनिंग रूम के नाम से अलग रूम का निर्माण किया। इस कार्र्य के लिये रॉबिन्सन ने उस समय के बैंक ऑफ इंग्लैंड और अन्य प्रसिद्ध बिल्डिंगस् के प्रसिद्ध वास्तुकार सर जॉन सोएनी को इसे बनाने का कार्य सौंपा। इसे बनाने का कार्र्य 1825 ई. से शुरू हुआ और 1826 ई. में बनकर तैयार हो गया। इसे बनाने में उस समय करीब 2,000 पाउंड की लागत आयी थी। द स्टेट ऑफ डायनिंग रूम बड़ा होने के साथ सुन्दर ओक से बने चौखट और साज-सज्जा से अलंकृत पूरा रूम 10 डाउनिंग स्ट्रीट की शान है। यह अपनी शानदार गुबंदकार, धनुषाकार छत से इस रूप में अच्छादित है कि देखने में यह दो फ्लोर तक विस्तृत लगता है। द स्टेट डायनिंग रूम इस भवन का सबसे बड़ा रूम है, जो 42 फीट लंबा और 26 फीट चौड़ा है। यहां स्थित घोड़े नाल के आकार में बना डायनिंग टेबल पर एक साथ 65 से ज्यादा अतिथि भोजन का आनंद ले सकते हैं। इस डायनिंग टेबल पर पहली बार 4 अप्रैल, 1826 ई. में वास्तुकार सर जॉन सोएनी को गेस्ट ऑफ ऑनर की उपाधि के उपलक्ष्य में प्रयोग किया गया था।

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