प्रॉपर्टी खरीदने के समय सात महत्वपूर्ण बातें

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House, noney and document.
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प्रॉपर्टी से जुड़े रह एक मामले को बेहतर तरीके से समझने में ही फायदा है। इससे आपका वर्तमान और भविष्य दोनों सुरक्षित रहता है। खासकर, प्रॉपर्टी खरीदने के समय उसके बारे में कानूनी जानकारी काफी मायने रखते हैं। यदि आप लोन लेने के बारे में सोच रहे हैं तो आपकी प्रॉपर्टी की सभी तरह की लीगल स्टेटस साफ-साफ होना चाहिये, क्योंकि किसी भी तरह के लोन के लिए प्रॉपर्टी को कानूनी तौर पर दुरुस्त होना जरूरी होता है। कोई भी बैंक होम लोन भी तभी उपलब्ध कराता है, जब ये सभी बातें लीगल स्टेटस के अनुसार होता है। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि लोन के लिये आवेदन करने के साथ-साथ कई अन्य तरह की उलझनों से उलझना नहीं पड़ता है। होम लोन के समय जो आमतौर डॉक्यूमेंट्स आप देते हैं, बैंक इस डॉक्यूमेंट्स की क्रॉस चेकिंग कराते हैं। बैंक के पास इस कार्य के लिये वकीलों का एक पैनल भी होता है, जो सब रजिस्ट्रार के दफ्तर से संपर्क में रहता है। ये पैनल सबमिट किए गए डॉक्यूमेंट्स से मिलान करता है। अगर पैनल को कुछ गड़बड़ नजर आता है, तो आवेदकों से उसका क्लैरिफिकेशन लिया जाता है। यहां पर हम आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों के बारे में बता रहे हैं। इस बात को गांठ बांध लें। इससे आपकी प्रॉपर्टी सुरक्षित और बेहतर रिटर्र्न देने वाली भी बन सकती है।
महत्वपूर्ण होता है-बंधक प्रमाणपत्र
इस क्रम में सबसे महत्वपूर्ण होता है-बंधक प्रमाणपत्र । इसे प्राप्त करने के लिये प्रॉपर्टी खरीदने के समय संभव है, कुछ ज्यादा मेहनत भी करनी पड़ सकती है। लेकिन यह नितांत ज़रूरी कागज़ात है। प्रॉपर्टी खरीदने के समय इसे आप सब रजिस्ट्रार कार्यालय से हासिल कर लेना चाहिए। बंधक प्रमाण पत्र के माध्यम से आपको उस जमीन से संबन्धित 15 साल का लेखा-जोखा मिल जाएगा। इससे आपको प्रॉपर्टी की पूरी बैकग्राउंड का पता चल जाएगा। जैसे इस बंधक प्रमाण पत्र से आपको यह भी पता लग जाएगा कि जमीन कितनी बार बेची-और खरीदी गई। सामान्यतौर पर जमीन बेचने वाले इस तरह की जानकारी देने से बचते हैं। इसलिए पहल आपको ही करनी होगी। इस फेहरिस्त में दूसरी सबसे महत्वपूर्ण बात पर भी ध्यान दें। जमीन से जुड़े जीतने भी आवश्यक डॉक्यूमेंट्स हो, उसकी प्रमाणित कापियां ही लें। प्रॉपर्टी से संबन्धित आपको सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जो भी डॉक्यूमेंट्स मिलें, उनकी प्रमाणित प्रतियां हासिल कर लें। इसमें उस प्रॉपर्टी पर जो भी खरीद-फरोख्त की गई होगी, उसका प्रमाण आपके हाथ में होगा। इससे आगे का रास्ता आपके लिए आसान हो जाएगा। प्रॉपर्टी खरीदने की समय तीसरी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि जो भी कागजात आपको दिये जा रहे हैं, उसकी चेकिंग करें। जांच-पड़ताल के समय इन कागजातों को अच्छी तरह से अध्ययन करें। पढ़ते समय इस बात का ध्यान रखें कि कहीं प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर कोई लोन आदि तो नहीं लिया गया है। इसके अलावा ये भी देखें कि प्रॉपर्टी पर कहीं कोई मुकदमा तो नहीं चल रहा है। किसी भी विवाद की स्थिति में उसमें पता लगाएं कि वह केस कहां और किस स्टेटस में है। इन सब मामलों में अपने साथ विधि के एक्सपर्ट को रखें। उनके साथ जाकर ही पूरी बात की जानकारी लें और व्यौरा जुटाएं इस कार्य के लिए उनको पहले से तैयार कर लेना चाहिए। अगर ऐसा आप नहीं कर पाएं तो उनसे सलाह-मशवीरा जरूर करें।
प्रॉपर्टी के लैंड यूज का पता भी करना महत्वपूर्ण
महत्वपूर्ण बात इस श्रेणी में शुमार है,वह है-लैंड यूज सर्टिफिकेट। आपको सब रजिस्ट्रार ऑफिस से पूरी जानकारी के ब्योरा इकट्ठा करने के बाद प्रॉपर्टी के लैंड यूज का पता भी करना चाहिए। कई बार देखने को मिला है कि रिहाइशी इलाके में कॉमर्शियल प्रॉपर्टी बना ली जाती है। नगरीय विकास प्राधिकरण से इसका लैंड यूज चेंज नहीं कराया जाता है। इस तरह की प्रॉपर्टी में बाद में काफी मुश्किल आती है। इसके लिए बेहतर ये रहता है कि आप स्थानीय प्राधिकरण से लैंड यूज सर्टिफिकेट हासिल कर लें।
प्रॉपर्टी के ले-आउट प्लान की जांच
यहां पर पांचवीं महत्वपूर्ण बात है- प्रॉपर्टी के ले-आउट प्लान की जांच। प्रॉपर्टी खरीदने के समय जो प्रॉपर्टी आप खरीद रहे हैं, उसके ले आउट प्लान को भी जांच-पड़ताल करें। इस मामले में गंभीरता से चैक करें। कई बार देखने में आता है कि डेवलपर्स इसके ले-आउट में चुपचाप बदलाव कर देते हैं। जानकार मानते हैं कि इससे संबन्धित बातों के लिये डेवलपर्स प्राधिकरण से इजाजत तक नहीं लेते हैं। ऐसी स्थिति में खरीदार को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अगर आप प्लाट खरीद रहे हैं, तब तो इसकी जांच करना और भी जरूरी हो जाता है। ले आउट को लेकर अक्सर प्राधिकरण दिशा-निर्देश जारी करते रहते हैं।
प्रॉपर्टी का मार्केट वैल्यू
प्रॉपर्टी खरीदने के समय जो एक और महत्वपूर्ण बात है, वह है-प्रॉपर्टी का मार्केट वैल्यू। यह छठी महत्वपूर्ण बात है, जिस पर आपको विशेष रूप से गौर करना चाहिये। जानकार प्रॉपर्टी का वैल्यू का भी ठीक से आकलन करना नितांत जरूरी मानते हैं। इस कार्य में सरकार से अधिकृत वैलुएटर की मदद ली जा सकती है। इनके सहारे आप पता कर सकते हैं कि मार्केट में प्रॉपर्टी का वास्तविक मूल्य क्या है। इस तरह से ओवरवैल्यूड प्रॉपर्टी खरीदने से आप बच जाएंगे।

प्रॉपर्टी के सभी कागजात है महत्वपूर्ण

अंत में 7 वीं सबसे ज़रूरी बात पर भी ध्यान दें। आप होम लोन के लिये संबन्धित प्रॉपर्टी पर होम लोन चाहते हैं, तो इसके लिए लीगल स्क्रुटनी रिपोर्ट अपने पास रखें। अगर ये प्रॉपर्टी बैंक में अप्रूव्ड हो इसके बाद भी इस तरह का प्रमाण पत्र हासिल कर लेना चाहिए। होम लोन की दशा में बैंक के पास जाने पर आपको काफी सहूलियत मिलेगी। इन सब बातों के अतिरक्त सभी जब आपके नाम प्रॉपर्टी आ जाए, तो प्रॉपर्टी बेचने वाले से उसके सारे कागज़ात ले लेने चाहिए। वैसे तो रजिस्ट्री के बाद आपको एक कॉपी मिल जाएगी। जो कागजात पूर्व मालिक पास उपलब्ध हों, उनकी भी मूल कॉपी आपके पास होनी चाहिए।

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