टेबल से लगे घर प्यारा-प्यारा

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प्रवीन कुमार
कन्हौरा,ज़िला रेवाड़ी

इंटीरियर की बात हो और उसमें से टेबल नदारद हो। तो फिर बात हजम नहीं होती। फिर चाहें वह सेंटर टेबल हो, डाइनिंग टेबल हो या फिर घर के किसी कोने में विराजमान साइड टेबल, जिस पर आपकी पंसदीदा तस्वीर या फिर कोई फूलदान रखा हो। असल में टेबल ही वह फर्नीचर है, जिससे आपके कमरे के अन्य फर्नीचरों की खूबसूरती भी बढ़ती है। और इस तरह से आपके घर को एक बेहतर लुक मिलता है।

फर्नीचर बनाता है घर को खास
एक घर को सुंदर दिखने में कई सारी चीज़ों का योगदान होता है और इस योगदान में फर्नीचर का अपना एक अलग ही अंदाज़ है। फर्नीचर जैसे की बेड, सोफा, टेबल व कई सारे फर्नीचर घर को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ उसे स्टाइलिश भी बनाते हैं। लेकिन यही फर्नीचर यदि सही नहीं हो या फिर इसका चयन सोच-समझ कर नहीं करने से जहां घर का लुक खराब हो जाता है, वहीं वह हमारे लिए भी असुविधाजनक बन जाता है। एक टेबल को लें। कई बार यह आपके घर के स्पेश से इतना बड़ा हो जाता है कि आपको चलने-फिरने में कठिनाई का सामना करना पड़ता है, वहीं कई बार इतना छोटा होता है कि उस पर ढंग से नाश्ता भी नहीं लग पाता है। ऐसा न हो इसलिए ज़रूरी है कि हम टेबल खरीदते समय कुछ बातों को ध्यान रखें।
सेंटर टेबल

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बात पहले सेंटर टेबल की। क्योंकि घर छोटा हो या फिर बड़ा, अमूनन हर घर में एक सेंटर टेबल आपको दिख जाएगी। कुछ अरसा पहले तक सेंटर टेबल्स पर लकड़ी व सनमाइका लगे होते थे, वहीं आज मैटल बेस और शीशे के टॉप वाली टेबल्स की भरमार है। लकड़ी के बने भी हैं तो उस पर खास किस्म की कलाकारी नज़र आ रही है।
कुछ में आकृतियों के बेस पर शीशा रखकर भी डिज़ाइन उकेरे जा रहे हैं, ताकि यह किसी भी प्रकार के सोफे से मैच कर जाएं। बदलते समय के साथ-साथ सेंटर टेबल का कॉन्सेप्ट भी बदल गया है। पहले जहां सेंटर टेबल केवल आयाताकार शेप में होती थी, वहीं अब चकौर, राउंड और ओवल शेप में भी काफी पंसद की जा रही है। साथ ही साथ सेंटर टेबल पर फूलदान की जगह ले ली है गुड लक प्लांट ने। हालांकि इन दिनों शहरों के छोटे फ्लैट सिस्टम ने सेंटर टेबल की उपयोगिता और भी बढ़ा दी है। क्योंकि कम स्पेस वाले जिन घरों में डाइनिंग टेबल नहीं रखे जा सकते हैं वहां सेंटर टेबल पर नाश्ते के अलावा दो से तीन लोगों का खाना आसानी से लगाया जा सकता है।
यदि आपके घर में छोटी-मोटी पार्टी फंक्शन है तो इस पर भोजन रखकर बुफे का इंतजाम बखूबी कर सकती हैं। यदि आपके ड्रांइग रूम में कारपेट बिछा हो तो सेंटर टेबल के नीचे पहिए होने चाहिए, ताकि मेहमानों को नाश्ता सर्व करने की स्थिति में उसे आसानी से खिसकाया जा सके।
डाइनिंग टेबल


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डाइनिंग टेबल भी लकड़ी के अलावा मैटल बेस और शीशे के आकर्षक मैटेरियल में आने लगी हैं। छोटे कमरे के लिए गोल और चकौर टेबल सही रहती है, जबकि बड़े कमरे के लिए आयताकार टेबल का चुनाव किया जा सकता है। यदि आपका मूड अपने मेहमानों को कैंडल लाइट डिनर कराकर सरप्राइज देने का इरादा है, तो फिर इसके लिए आप शीशे के टेबल का चुनाव करें। साथ ही साथ आपके पास में शीशे की ही एक बढिय़ा डीनर सेट भी होना चाहिए। लेकिन इस तरह की टेबल के लिए आपको विशेष देखभाल की ज़रूरत होगी। क्योंकि इस तरह के टेबल पर मेजपोश नहीं बिछाया जाता है और अगर उस पर स्क्रैच के निशान आ गए तो उसकी सारी खूबसूरती खत्म हो जाती है। डाइनिंग टेबल पर फालतू के पानी की बोतल और अन्य सामान न रखें। यदि फूल रखने की शौकिन हैं तो नकली की जगह असली फूल रखें। इससे कमरें में जीवंतता आती हैं । टेबल मैट्स रखें तो उसका प्रॉपर यूज करें। नमकदानी, नैपकीन जैसी आवश्यक चीज़ें टेबल पर रखना न भूलें।

अन्य टेबल
यदि आपकी बैठक छोटी है तो फिर इस स्थिति में आप सर्विस टेबल का उपयोग कर सकती हैं। इसका एक फायदा यह है कि आपको किचिन से रूम के चक्कर बार-बार नहीं लगाने होंगे, या फिर आप एक खास अंदाज में टेबल की शोभा बढ़ा सकती हैं। इसके तहत एक के नीचे दूसरे टेबल को रखा जा सकता है और ज़रूरत होने पर उन्हें खींचकर बाहर निकाला जा सकता है। यदि आपके कमरे में बैठने की व्यवस्था कुछ इस तरह की है कि एक तरफ सोफे का पिछला हिस्सा दिखाई दे रहा हो तो आप वहां पर कुछ छोटे टेबल का इस्तेमाल कर सकती हैं। जिससे वह हिस्सा दिखाई नहीं पड़ता है। कमरे में डेप्थ दिखाना चाहती है तो इसके लिए मिरर वाले टेबल का इस्तेमाल करें। इसी तरह से छोटे-छोटे आकार के कॉनर टेबल आपके घरों को भव्यता प्रदान करते हैं। उस पर सजे फूल या फोटो फ्रेम हर किसी ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं।
ध्यान देने लायक बातें
1-टेबल का चयन हमेशा अपने कमरे के स्पेस को ध्यान में रखते हुए लें।
2-अलग-अलग जगहों के लिए जैसे घर, बॉलकनी, लॉन में इस्तेमाल के लिए भिन्न भिन्न साइज के टेबल लें।
3-टेबल के डिज़ाइनों में आपको ढेरों वैरायटी मिल जाऐगी। इनमें पारंपरिक से लेकर मॉर्डन जमाने तक की। अत: अपने घर के सजावट की शैली को घ्यान में रखते हुए टेबल का चुनाव करें।
4-हैवी सोफे के साथ हैवी सेंटर टेबल और हल्की सोफे के साथ हल्की सेंटर टेबल जंचती हैं।
5-कार्नर टेबल का साइज हमेशा छोटा रखें।
6-टेबल का चुनाव करते समय उसकी हाइट को इग्नोर न करें। ऐसा न हो कि आप सोफे में नीचे धंसे हो टेबल उससे उंची हों।
7-सेंटर टेबल पर ज्यादा कुछ सजाने की गलती न करें।
8-सेंटर टेबल पर न्यूज़ पेपर और मैगज़ीन रखना न भूलें, ताकि मेहमान के आने पर आपके इंतजार में वह बोर न होने पाएं।
9-सेंटर टेबल पर यदि कोई मेजपोश इस्तेमाल करती हैं तो उसकी साफ-सफाई का भी पूरा घ्यान रखें। ऐसा न हो कि बड़े जतन से आपके बनाए नाश्ते गंदे से मेजपोश पर सजते ही खाने वाले के मुंह के स्वाद को बिगाड़ दें।
कीमत
सेंटर टेबल की कीमत उसकी डिज़ाइनिंग,आकार और उसमें इस्तेमाल किए गए मैटेरियल से निर्धारित होती हैं। सेंटर टेबल की कीमत जहां 500 रू से शुरू होती हैं वहीं डाइनिंग टेबल की कीमत 1500 से।
साफ-सफाई
यदि आपका टेबल लकड़ी की है तो इसे सूखे कपड़े से रोज साफ करें। रोज साफ करने से फर्नीचर गंदा नहीं होता है। इसकी लम्बी उम्र के लिए इसे नमी से बचाएं। कभी-कभी गीले कपड़े से भी साफ करना चाहिए, जिससे की इसमें चमक बनी रहे। टेबल खरीदने से पहलें उसकी लकड़ी को भी एक बार अवश्य जांच लें। कच्ची प्लाई हमेशा सफेद होती है जो कि बाद में भूसे की तरह झरती है। इसलिए हमेशा लाल प्लाई वाला टेबल लें। लकड़ी के टेबल में छेद नजर आने पर वुडर्गाड जैसी दवा तीन चार बार मच्छर मारने वाले पंप से छिड़काव करें।

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