टॉप टेन रियल एस्टेट डेस्टीनेशन

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बढ़ते विकास के साथ रियल एस्टेट वक्त के साथ है। यह उन्नति की ओर अग्रसर है। यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी दुनिया पर ग्लोबल रंग का असर साफ देखा जा सकता है। विश्व के प्रमुख स्थानों पर इसने अपना रंग जमाना शुरू कर दिया है। आवास की बढ़ती ज़रूरत ने इसे एक संगठित क्षेत्र के रूप में उभारा है। किसी भी देश के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण रोल अदा करने वाला यह सेक्टर विश्व के हर कोने में अपनी पहुंच बना चुका है। इसके रूप-रंग पर आर्थिक दुनिया ने काफी हद तक अपना दबदबा कायम कर चुका है। यहां पर हम आपको विश्व के टॉप टेन रियल एस्टेट डेस्टीनेशन के बारे में बताने जा रहे हैं।

दुबई

शहरों का शहर दुबई संसार के हर कोने में रहने वाले लोगों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। हो भी क्यों न? प्रकृति की अनुपम सुन्दरता जो यहां पर है। फारस खाड़ी के दक्षिणी तट पर स्थित इस शहर का इतिहास काफी पुराना नहीं है। दुबई शहर का अस्तित्व 1799 ई. से माना जाता है। शेख मकतुम (Maktoum) बिन बुति अल के द्वारा 1833 ई. में दुबई शहर की स्थापना की गयी थी। 20 वीं सदी से पहले तक यह एक महत्वपूर्ण बंदरगाह के रूप में प्रसिद्ध था। दुबई का भौगोलिक बनाबट ही इसे दुनिया का महत्वपूर्ण व्यापारिक केन्द्र रूप में स्थापित किया है। साथ में तेल का प्रचुर भंडार होने से यहां की आर्थिक स्थिति बहुत ही मज़बूत है। फलस्वरूप रोजगार और बिज़नेस के ढेरों अवसर यहां पर हैं। विश्व के हर क्षेत्र से लोग यहां पर रोजगार और बिज़नेस के लिए आते हैं। धीरे-धीरे विकसित होने के कारण यहां की जनसंख्या दिन प्रति दिन बढ़ती चली गई। कालान्तर में यह शहर बिज़नेस हब के रूप में तब्दिल हो गया। इसी कारण रोजगार हो या बिज़नेस करने वाले सभी अपना आशियाना यहां चाहते हैं। स्वाभाविक है कि विकास ग्राफ में आगे बढऩे के कारण यहां का रियल एस्टेट का कारोबार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। साथ में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और तमाम ऐशो-आराम की सुविधा उपलब्ध होने से वर्तमान में दुनिया के अधिकतर रईश यहां पर अपना आशियाना ले रहे हैं। यहां पर बेहतर डिज़ाइन और कॉनसेप्ट के गगनचुम्बी इमारतें, मॉल, होटल इसे ग्लोबल शहर का दर्जा दिलाता है। इन गगनचुम्बी इमारत में स्थापत्य कला का बेहतरीन डिज़ाइन देखने को मिलता है। दुनिया का सबसे बड़ा गगनचुम्बी इमारत बुर्ज खलीफा (829.84 मीटर) यहीं पर है। वल्र्ड क्लास के शहर में शुमार होने से यहां पर्यटन उद्योग में भी तेज़ी से विकास हुआ है। दुनिया भर के पर्यटक यहां पर घूमने आते हैं। रियल एस्टेट की दुनिया में यह शहर आइकॉन बन कर उभरा है। शासन व्यवस्था चुस्त और दुरूस्त होने से भी यहां पर रहने वाले लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है। साथ में यह ऐसे स्थान पर है जहां से यूरोप, एशिया और अफ्रीका का सफर कम समय में और आसानी से किया जा सकता है। दुनिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और मॉल दुबई में है। पहला 7 स्टार होटल यही पर बनाया गया है।

आबूधाबी

आबूधाबी संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी है। टी सेप का इस आइलैंड को 2 दिसम्बर 1971 को शहर के रूप में पहचान मिली। मौसम पर नज़र डाले तो यहां का औसतन तापमान दिसम्बर से मार्च तक 20 से 22 डिग्री सेल्सियस रहता है। अगस्त सबसे गर्म महीना होता है। इस महीने में औसत तापमान 40 डिग्री होता है। संयुक्त अरब अमीरात का यह दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला नगर भी है। आबूधाबी को दुनिया के धनी शहरों में गिना जाता है। वल्र्ड के 50 मंहगे शहरों में इसका भी नाम आता है। इस छोटे आइलैंड पर कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों का मुख्यालय है। संयुक्त अरब अमीरात सेंट्रल बैंक और आबूधाबी एक्सचेंज बोर्ड यहीं पर है। व्यवस्थित नगर नियोजन यहां देखने को मिलता है। यहां पर अधिकतर गगनचुम्बी इमारत बनी हुई हैं। आबूधाबी के मास्टर प्लान 2030 में अधिक से अधिक गगनचुम्बी इमारत बनाने की बात कहीं गयी है। इससे आने वाले समय में और गगन चुम्बी इमारत देखने को मिलेगा। इस शहर के विषय में कहा जाता है कि इसका डिज़ाइन और निर्माण दुनिया को एकजुट करता है। आज आबूधाबी समृद्धि के शिखर पर है। गगनचुंगी इमारत, लग्जरी होटल और खूबसूरत पार्क इसके सुन्दरता में चार चांद लगाते है। प्राकृतिक सुन्दरता का यह अमीर प्रदेश है। यहां पर रियल एस्टेट का विकास बतीन,खलदीया, खलीफा सिटी ए, खलीफा ए सिटी बी, मैलगोरवी विलेज, मोहम्मद बिन जायद सिटी, मुशरिफ आदि जगहों पर जोर-शोर से किया जा रहा है। एक से एक खूबसूरत बिल्डिंग यहां पर बन रही है।

न्यूयॉर्क

संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्वोत्तर क्षेत्र का यह राज्य हडसन नदी के मुहाने पर स्थित है। आर्थिक रूप से मज़बूत इस राज्य में विकास हर क्षेत्र में दिखता है। मैनहट्टन न्यूयॉर्क शहर का व्यापार और वाणिज्यिक का केन्द्र है। यहां पर एक से बढ़ कर एक खूबसूरत गगनचूंबी इमारत बने हुए हैं।
अपर वेस्ट साइड– इस एरिया में नामचीन हस्तियों का घर है। प्रसिद्ध हॉलीवुड हिरो-हीरोइन, संगीतकार, बुद्धिजीवी और बड़े लेखक यहां पर रहते हैं।
अपर इस्ट साइड– यह एरिया शॅपिंग और खूबसूरत अपार्टमेंट के लिए जाना जाता है। यहां की बिल्डिंग की खासियत यह है कि गार्डन टेरेस पर बने होते हैं।
हार्लेम-यहां पर आपको अफ्रीकन-अमेरिकन दोनों तरह की सभ्यता का अद्भुत मेल देखने को मिलता है। बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर होने से शहरी लाइफ स्टाइल हाई क्लास की है। यहां पर रियल एस्टेट उद्योग ईस्ट विलेज, वेस्ट विलेज, ब्रोंक्स, ब्रुकले, क्वीन्स, स्टेन द्वीप, मिडटॉउन, मैनहट्टन जगहों पर तेज़ी से अपना पांव पसार रहा है। कीमत अधिक होने से एलीट वर्ग ही घर खरीद पा रहा है। इस क्षेत्र के घरों में तरह तरह के खूबसूरत डिज़ाइन देखने को मिलता है। यहां की गगनचुंबी इमारत का डिज़ाइन भव्यता का बेहतरीन नमूना पेश करता है।

लंदन

टेम्स नदी पर स्थित यह इंग्लैंड की राजधानी के साथ यह यूरोपीय संघ का सबसे बड़ा शहरी क्षेत्र है। वैश्विक स्तर का यह शहर कला, वाणिज्य, शिक्षा, मनोरंजन, फैशन, वित्त, अनुसंधान, विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ रियल एस्टेट में अग्रणी है। जीडीपी के मामले में यह पांचवा शहर है। दुनिया के हर कोने से यहां शैलानी धूमने के लिए आते हैं। यहां पर विश्व प्रसिद्ध 43 विश्वविद्यालय हैं, जिसमें दुनिया के हर कोने से छात्र पढऩे आते हैं। लंदन में दुनिया के हर कोने के लोग रहते हैं। करीब तीन सौ भाषा यहां पर बोली जाती है। विविध क्लचर का अदभुत संगम यहां पर देखने को मिलता है। दुनिया भर के रईशों का यहां पर अपना बंगला है। अधिकतर घर पोर्टलैंड पत्थरों से निर्मित है। सेन्ट्रल लंदन में बहुतेरे गगनचुम्बी इमारत देखने को मिलती है।
हैम्पस्टेड– यह लंदन के सबसे ऊंचे स्थान पर है। यहां का वातावरण रमणीय है। इस एरिया में रेजीडेंसियल घर बहुत है।हाईगेट– यह पहाड़ी पर बसा हुआ है। यहां से समूचे लंदन का नज़ारा देखा जा सकता है। यहां पर गांव के वातावरण का अहसास होता है। यहां पर रहने के लिए स्विस कॉर्टेज़, हाइड पार्क, किंगस्टन ब्रिज, सेंट जॉन्स वुड, जैसे प्रसिद्ध स्थान है।
शंघाई

जनसंख्या के मामले में यह दुनिया का नम्बर वन सिटी है। यह पूर्वी चीन के यांग्त्ज़ी नदी के डेल्टा पर स्थित है। पिछले दो दशक से इसके इंफ्रास्टक्चर में तेज़ी से विकास हुआ है। इसे वैश्विक शहर का दर्जा दिया गया है। वाणिज्य, फैशन, प्रौद्योगिकी और रियल एस्टेट यहां का प्रमुख उद्योग है। यह ईस्ट और वेस्ट का व्यापार को जोड़ता है। यहां पर स्थापत्य शैली के बेहतरीन नमूने के कई इमारत देखने को मिलती है। यहां पर प्रसिद्ध आर्ट डेको शैली की इमारतें बड़ी संख्या बन रही है। टू और थ्री स्टोरी बिल्डिंग यहां पर अधिक संख्या में बनी हुई है। शहर में सोवियत नियो-क्लासिकल वास्तुकला से सुसज्जित सुन्दर घर देखने को मिलते हैं। शंघाई के पुडॉन्ग जि़ला में गगनचुंबी इमरातों की विस्तृत श्रृंखला है। शंघाई में 2008 के बाद 400 मीटर से ऊंचे इमारत भी बन रहे हैं। बड़े-बड़े रियल एस्टेट कंपनियां यहां पर अपना प्रोजेक्ट डेवलप कर रही है। एक साल में यहां पर प्रॉपर्टी के दाम में 20 प्रतिशत का इजाफा देखा गया है। Xuhui, Luwan, Jing An, Huangpu, ChangNing, Gubei New Area, HongQiao, Pudong New Area, JinQiao में रियल एस्टेट का बाज़ार प्रगति के पथ पर अग्रसर है।

बीजिंग

बीजिंग जिसे पीकिंग भी कहा जाता है, यह चीन की राजधानी है। यह सिटी चीन की राजनीति, संस्कृति और शिक्षा का हब है। विश्व के तकरीबन सभी बड़ी कंपनियों का मुख्यालय यहां पर है। बीजिंग के अन्दर 14 अर्बन और सब अर्बन जिलें हैं। यहां की इंफ्रास्ट्रक्चर उम्दा है और रेल, हवाई और सडक़ का बेहतर तालमेल है। यहां पर पिछले एक दशक में रियल एस्टेट क्षेत्र में जबरदस्त उछाल आया है। घर खरीदना करीब 50 प्रतिशत तक महंगा हो गया है। सरकार घर के दाम कम करने के लिए कई उपाय की है। पर ज़मीन का आधिपत्य स्थानीय सरकार के पास होने से अधिक सफलता नहीं मिल पाई है। कई जगह घर की कीमत में 100 फीसदी की बढ़ोतरी दजऱ् की गई है। रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि यहां पर रियल एस्टेट का असमान उछाल है जो आने वाले समय में कम हो सकता है। इसके बावजूद वल्र्ड के करीब 1,000 रियल एस्टेट कंपनियां जो यहां पर अपना प्रोजेक्ट बना रही है। बीजिंग के इन इलाको में रियल एस्टेट पूरे शवाब पर है- Dongcheng, Maizidian west road, No 89 Jianguoroad Chaoyang District, Shangjialou Chaoyang District Beijing China, No 1 Baijiazhuang Chaoyang, Chaoyang, No 3 Xidawang Road Chaoyang District, No 33 Wangjing Guangshun North Road Chaoyang, No 23 Jianguo Road Chaoyang , Yi No 9 Jinrongjie Xichen, East Third Ring Yanshaqiao Chaoyang, Wangjing Residential Community, Beijing Financal Street, Zhongguancun, Beijing Guomao…

सिंगापुर

सिंगापुर विश्व के प्रमुख बंदरगाहों और व्यापारिक केंद्र में से एक है। यह दक्षिण एशिया में मलेशिया तथा इंडोनेशिया के बीच में स्थित है। सिंगापुर को सिंहों का पुर कहा जाता है। यहां पर विभिन्न धर्म और सम्प्रदाय के लोग एकजुट होकर रहते हैं। मुख्य रूप से यहां चाइनीज तथा अंग्रेज़ी दोनों भाषाएं प्रचलित हैं। आकार में मुंबई से छोटे इस देश में बसने वाली करीब 35 लाख की आबादी में चीनी, मलय व 8 प्रतिशत भारतीय लोग रहते हैं। अर्थशास्त्रियों ने यहां की अर्थव्यवस्था को आधुनिक चमत्कार की संज्ञा दी हैं। यहां जो सबसे अच्छी बात है वह यहां का यातायात साधन है। रोड, रेल और हवार्ई मार्ग का जाल सुन्दर और व्यवस्थित ढंग से बिछा हुआ है। सिंगापुर का प्रमुख पर्यटन स्थलों की बात की जाए तो दर्जा ऑर्चर्ड रोड डिस्ट्रिक्ट को जाता है। यहां पर बहुमंजि़ली शॅापिंग सेंटर्स और होटल्स की भरमार है। यहां का नाइट सफारी प्रसिद्ध है। विश्व का प्रमुख व्यापार केन्द्र होने और तकरीबन सभी नामी कंपनियों का यहां पर मुख्यालय होने से यहां की अर्थव्यवस्था का आप अनुमान लगा सकते हैं। यहां पर यह सभी कारक रियल एस्टेट कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचा रहा है। एक से एक खूबसूरत गगनचुंबी इमारत यहां पर देखने को मिलती है। यहां के ऑर्चर्ड, टैन्गलिन, हॉलैन्ड, रिवर वैली, क्लेमेन्टी, वेस्ट कोस्ट, फोर्ट रोड, ईस्ट कोस्ट, अपर ईस्ट कोस्ट, वुडलैंड्स जैसे स्थान मुख्य स्थान रेजीडेंशियल हब बन रहे हैं।

मेल्बर्न

रहने के लिहाज से मेल्बर्न बेहतरीन शहर है। यह शहर आस्ट्रेलिया के दक्षिणी-पूर्वी छोर पर समुद्र तट पर बसा हुआ है। यह अत्यंत रमणीक एवं सुंदर नगर है। मेल्बर्न विक्टोरिया राज्य की राजधानी है। विक्टोरिया राज्य में विश्व का 13 प्रतिशत अर्थात आठवें हिस्से से कुछ अधिक ही डेयरी उत्पाद होता है। मेल्बर्न शहर इसके उपनगरों से मेट्रो ट्रेन एवं ट्रामों से जुड़ा हुआ है। आधे घंटे के अंदर मेट्रो ट्रेन से मुख्य शहर में पहुंचा जा सकता है। मेल्बर्न के मुख्य शहर को छोडक़र इसके उपनगरों में बहुमंजिली इमारतें कम ही देखने को मिलती है। यहां के मकानों में ईंटों का प्रयोग बहुत कम किया जाता है। ईंट केवल बाहर की दीवारों पर लगाई जाती हैं। घर के अंदर का हिस्सा लकड़ी और प्लाईवुड का बना होता है। नीचे फर्श पर भी प्लाईवुड लगाया जाता है जिससे ठंड से आदमी बच सके। यहां के एक तीन बेडरुम एवं ड्राइंग रुम डाइनिंग वाले मकान में 10 हज़ार से अधिक ईंटों का प्रयोग नहीं होता। घर के बाहर की चारदीवारी या अहाता भी लकड़ी का बना होता है। यहां का प्रत्येक मकान ऊपर खपड़े से छाया जाता है। खपड़े के नीचे प्लाईवुड या लकड़ी की सीलिंग रहती है एवं अंदर से देखने से यह नहीं लगता कि यह खपड़े का मकान है। वैसे यहां के खपड़े देखने में अच्छे लगते हैं और भारत के मैंगलोर टाइल्स की तरह होते हैं। मेल्बर्न शहर के अधिकांश लोग इन उपनगरों में बने मकानों में रहते हैं। इन उपनगरों के रिहायशी इलाकों में या इनके शॉपिंग सेंटर में सडक़ों की बहुत अच्छी व्यवस्था है। मुख्य रेजीडेंसियल हब-एसटी किल्डा, क्लिफ्टन हिल, साउथ यारा, टूरक, पोर्ट मेल्बर्न, कार्लटन, क्यू, फिट्जराय आदि।

दिल्ली (एनसीआर)


भारत की राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के क्षेत्र नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुडग़ांव, सोनीपत, गाजियाबाद रियल एस्टेट की दुनिया का अपने में समेटने को तैयार है। यमुना नदी के किनारे बसा दिल्ली का अपना गौरवशाली इतिहास है। दिल्ली राजनीतिक, सांस्कृतिक एवं वाणिज्यक क्षेत्र का केन्द्र बिंदु है। दिल्ली के महाद्वीपीय जलवायु में ग्रीष्म एवं शीत ऋतु में बहुत अंतर होता है। दिल्ली शिक्षा का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। यहां विकास हर क्षेत्र में साफ-साफ दिखता है। चाहे वह सुरक्षा हो, शिक्षा, अवागमन हो, लाइफ स्टाइल हो या आय के मामले में। इससे यहां पर आने वाले समुचे देश के लोग रहते हैं। सभी अपने लिए एक अदद आशियाने चाहते हैं। दिन-प्रतिदिन यहां पर घर की मांग बढ़ती जा रही है। कमोवेश यह हाल नोएडा, गुडग़ांव, गाजि़याबाद, फरीदाबाद और आस पास के सटे हुए एरिया में सभी जगह है। इन सभी क्षेत्रों में अर्फोडेबल हाउस की मांग बहुत ज्यादा है। 25 से 30 लाख के मकान की मांग सबसे अधिक है। दिल्ली में ज़मीन उपलब्ध न होन से लोगों का पलायन पास के इन एरिया में हो रहा है। बड़े बड़े टॉउनशिप बनाए जा रहे हैं। इस क्षेत्र से जुड़े हुए जानकार का कहना है कि आने वाले 10 सालों में यह डिमांड जस का तस बना रहेगा। कीमत में बढ़ जाने से मध्यमवर्गीय परिवार का घर का सपना पूरा होने में परेशानी आ रही है।

मुंबर्ई

भारत के पश्चिमी तट पर स्थित मुंबई भारतीय राज्य महाराष्टï की राजधानी है। मुंबई बन्दरगाह भारतवर्ष का सर्वश्रेष्ठï सामुद्रिक बन्दरगाह है। यूरोप, अमेरिकी, अफ्रीका आदि पश्चिमी देशों से जलमार्ग या वायुमार्ग से इसका सीधा संबन्ध है। भारत का यह सबसे बड़ा वाणिज्यक केंद्र है। इसकी समूचे भारत के सकल घरेलू उत्पाद में 5 प्रतिशत की भागीदारी है। भारत के अधिकांश बैंक एवं सौदागरी कार्यालयों के प्रमुख कार्यालय एवं कई महत्वपूर्ण आर्थिक संस्थान एवं अनेक भारतीय कंपनियों तथा बहुराष्ट्रीय कंपयिों के मुख्यालय अवस्थित है। मुंबई भारत की सबसे बड़ी नगरी है। यह देश का महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है। मुंबई की सांस्कृतिक परंपरागत उत्सवों, खान-पान, संगीत, नृत्य और रंगमंच का समिश्रण है। इस शहर में विश्व के अन्य राजधानियों की अपेक्षा बहुभाषी और बहुआयामी जीवनशैली देखने को मिलती है। जिसमें विस्तृत खानपान मनोरंजन और रात्रि रौनक शामिल है। मुंबई शहर की इमारतें गौथिक शैली, इंडो सेरेनिक, आर्ट डेको और अन्य समकालीन स्थापत्य शैलियों का संगम है। ब्रिटिश काल की अधिकांश इमारतें, जैसे विक्टोरिया टर्मिनस और बंबई विश्वविद्यालय गौथिक शैली में निर्मित हैं। इनके वास्तु घटकों में यूरोपीय प्रभाव साफ दिखाई देता है, जैसे जर्मन गेबल, डच शैली की छतें, स्विस शैली में काष्ठ कला, रोमन मेहराब साथ ही परंपरागत भारतीय घटक भी दिखते हैं। कुछ इंडो सेरेनिक शैली की इमारतें भी हैं, जैसे गेटवे ऑफ इंडिया। आर्ट डेको शैली के निर्माण मैरीन ड्राइव और ओवल मैदान के किनारे दिखाई देते हैं। मुंबई में मायामी के बाद विश्व में सबसे अधिक आर्ट डेको शैली की इमारतें मिलती हैं। नये उपनगरीय क्षेत्रों में आधुनिक इमारतें अधिक दिखती हैं। मुंबई में अब तक भारत में सबसे अधिक गगनचुम्बी इमारत हैं। आज-कल रियल एस्टेट मुंबई के इन स्थानों पर रॉकेट की रफ्तार से दौड़ रहा है-कुर्ला, बोरीवली, वीखरोली, घाटकोपर, मलाड, जोगेश्वरी, गोरेगांव, चेम्बुर, मतुन्गा, मालबार हिल, नरीमन पाइन्ट, घनसोली, खरगर।

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