फूलों से ज़िन्दगी की बगिया महक उठे

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Indoor Garden Flower
photo courtesy http://alternative-planting.blogspot.in

(इंटीरियर एक्सपर्ट सीमा झा की साइंटिस्ट प्रज्ञा रंजन से बातचीत पर आधारित)

घर की सजावट में फूल के प्रयोग से प्राकृतिक वातावरण का एहसास होता है, खासकर गर्मी के दिनों में तो यह और भी ज़रूरी हो जाता है। इससे जहां कमरे की सजावट में जीवंतता और विविधता आती है,वहीं तन और मन भी प्रफुल्लित हो जाता है।

खुशबू

फूलों की खुशबू आपको तरोताजा करने के अलावा आपके घर के माहौल को भी तरोताजा बनाती हैं। यह न सिर्फ अपनी खुशबू से बल्कि अपने आकर्षक रूप-रेखा से भी हर किसी के मन को मोह लेती है। आज बाज़ार में इतने वैरायटी के फूल आ गए हैं कि दिल करता है कि उसकी खूबसूरती बस देखते ही रह जाएं लेकिन ऐसा तभी हो सकता है, जब उन्हें अपने घर में सजा लें। इससे आप हमेशा फूलों के नज़दीक तो रहेंगे ही साथ ही साथ आपके घर के इंटीरियर में भी चार-चांद लग जाएगा। इन फूलों को आप घर के डेकोरेशन और मौसम के हिसाब से बदल भी सकते हैं।

सही फूलों का चुनाव

फूलों का चुनाव करते समय घर की सजावट का ज़रूर ख्याल रखें। घर में मौजूद अन्य एसेसरीज, कर्टेन के कलर व दीवारों की कलर को ध्यान में रखते हुए फूलों का चुनाव करें। डिफरेंट कलर वाले फूलों को सजाते समय उनके कलर कॉम्बीनेशन पर भी ध्यान दें। फूलों के चुनाव में गलती होने पर घर की सजावट खराब हो सकती है।

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स्पेश का रखें ध्यान

फूल लगाते समय स्पेश का भी ध्यान रखें। इसके लिए समान्यत: ऐसे जगहों का चुनाव करें , जहां पर आप अक्सर समय गुजारते हों। जैसे की किचिन , गेस्टरूम, बालकनी व डाइनिंग टेबल आदि। इन जगहों पर फूल व पत्तों का इस्तेमाल घर को और भी सुंदर बनाने के लिए किया जा सकता है। डाइनिंग टेबल की सजावट के लिए जहां फूलों की टोकरी या चौड़े मुंह वाले फ्लावर पॉट का इस्तेमाल सही रहता है, वहीं कॉनर्र टेबल पर लंबे और चौड़े दोनों शेप वाले फ्लावर पॉट का इस्तेमाल किया जा सकता है। इनहाउस फ्लावर व प्लांटस लगाते समय कमरे के आकार पर भी ध्यान दें। ऐसा न हो कि कमरे का आकार तो छोटा है, लेकिन आपने बड़े आकार वाले फूलों के पौधों का चयन कर लिया है।

फ्लावर पॉट

फूल को रखने के लिए इस्तेमाल में आने वाले फ्लावर पॉट पर भी ध्यान देना बहुत ज़रूरी हो जाता है,क्योंकि फूलों की उम्र इसी पॉट पर निर्भर करती है। प्राय: आजकल मार्केट में एक से बढ़कर एक फ्लावर पॉट मिलते हैं जैसे कि पीतल, कॉपर, ब्रास, कांच इत्यादि। चीनी मिट्टी के पॉट को सबसे बेहतर माना जाता है क्योंकि अन्य पॉट के अपेक्षा चीनी मिट्टी की मोटाई अधिक होती है और जितनी अधिक मोटार्ई होती है और फूलों को ढंग से खिलने में मदद पहुंचता है। साथ ही इसमें जमा पानी से घर के वातावरण को भी ठंडा रखता है। एक खासियत इसकी यह भी है कि यह देखने में भी सुंदर लगता है। जबकि मिट्टी के पॉट में आज कल ट्रेंड में कम है तथा अन्य पॉट में पानी जल्दी गर्म हो जाते हैं।

जार

रंग-बिरंगे चाइनीज पौधों को कांच की बोतल या जार में पानी डाल कर इन हाउस रख सकते हैं। कोशिश करें कि सजावट के लिए ऐसे फूलों का चुनाव करें, जो लंबे समय तक तरोताजा रहते हों। सजावट के लिए फूलों के साथ-साथ किसी अन्य पौधों के तने व पत्तों का इस्तेमाल किया जा सकता है। लंबी स्टिक वाले पौधों जैसे कि गुलाब, सूरजमुखी आदि के लिए पतले और लंबे पॉट का यूज करें। फूलों को आप अपनी कल्पनाशक्ति के आधार पर कोई भी पंसदीदा शेप जैसे कि राउंड, स्क्वायर, वी, यू आदि शेप में अरेंज करके फ्लावर पॉट में सजा सकते हैं।

लिविंग एरिया

चौड़े कंटेनर में पानी भर कर उसमें ताजे फूलों को डालने से फूलों की महक कमरे मे अधिक समय तक बरकरार रहती है। सजावट के लिए आप उसमें रंग-बिरंगे फ्लोटिंग कैंडल और स्टोंस का भी प्रयोग कर सकती हैं। आप चाहे तो बेत के बनें बॉस्केट में कट फ्लावर के लिए प्रयोग की जाने वाली स्पंज का भी प्रयोग कर सकते हैं। इससे भी फूल लंबे समय तक तरोताजा  रहते हैं। लिविंग रूम में फूलों की सजावट के लिए कांच के पारदर्शी पॉट का प्रयोग करना बेहतर होगा लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि यह पॉट गर्म बहुत जल्दी होता है। अत: इसके लिए रूप टेम्पेरचर को मीनिमम तापमान पर रखना होगा।

ध्यान देने वाली कुछ बातें :

-जिस फूल को आप सजाने के लिए जा रहे हैं उसका तना हरा और साफ-सुथरा होना चाहिए।

– जिस पानी में उसे रखना है, वह भी बिल्कुल फ्रेश होना चाहिए।

-तना और कली कहीं से भी टूटा व लटकता हुआ नहीं होना चाहिए।

-कटिंग किए हुए फूलों को फ्लावर डिश में रखने तक ठंडे जगह में रखना चाहिए।

-जिस भी पॉट में फ्लावर को रखना हो, वह क्लीन होना चाहिए तथा जिस औजार से फ्लावर को कटिंग करना हो, वह भी क्लीन होना चाहिए।

-फूलों को अधिक समय तक ताज़ा रखने के लिए वॉश सॉल्यूशन का इस्तेमाल करें। यह आपको किसी भी मार्केट में आसानी से मिल जाएगा।

-इस बात का ध्यान रखें कि पानी के अंदर सिर्फ तना हो न कि फूल और उसके पत्ते।

-फूल के डंठल को पानी में रखने से पहले एक बार फिर से एक या दो इंच फ्रेश कट कर लेना चाहिए।

-फूल को कभी भी सूर्य की सीधी रौशनी में न रखें।

-पानी को हर दूसरे दिन बदलते रहें।

-जब भी पानी को चेंज करें,उसके साथ-साथ फूल के तनें को भी फ्रेश कट करते रहें।

सजावट के लिए आप इन फूलों का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि यह ज्यादा दिन तक फ्रेश रहते हैं।

कॉर्नेशन-यह 7 से लेकर 14 दिनों तक रहती है।

डैल्फिनिअम-यह भी दो हफ्तें तक फ्रेश रहती है।

ग्लैडीओलस-7 से लेकर 14 दिन तक।

लैवेंडर-10 दिन।

लीलीज-7 से लेकर 14 दिन।

सनफ्लावर-6 से लेकर 12 दिन।

गुलाब-6 से लेकर 12 दिन

लीबीयम, जरबेरा आदि का भी चुनाव कर सकते हैं।

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