अश्विन जडेजा की होड़ भारत के लिए फायदेमंद

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विवेक कुमार सिंह

भारतीय टीम इस समय दो स्पिनरों पर सबसे ज्यादा विश्वास करती है अश्विन और जडेजा। ये दोनों ऐसे खिलाड़ी हैं, जिनके टीम में होने पर टीम की आधी मुश्किलें कम हो जाती हैं, मतलब गेंदबाजी का सारा भार इन्हीं दोनों के कंधों पर होता है और तो और कई सालों से टेस्ट मैचों में विरोधी टीमों को समेटने का काम भी बखूभी निभाते हैं।  ये दोनों गेंदबाज इस समय विश्व के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजों में से एक हैं। दोनों में विश्व के नंबर एक गेंदबाज बनने की होड़ लगी हुई है। फिलहाल दोनों ही 892 रेटिंग अंक के साथ नंबर एक स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन फैसला इस सीरीज के बाद जरुर हो जाएगा कि दोनों में सर्वश्रेष्ठ कौन है? नवंबर 2011 में टेस्ट मैचों में पदार्पण करने वाले अश्विन अभी तक 48 मैचों की 89 पारियों में  270 विकेट ले चुके हैं। वहीं लगभग एक साल बाद ही टीम में पदार्पण करने वाले जडेजा ने 29 मैचों की 54 पारियों में 134 विकेट लिए हैं।  जडेजा का इकॉनमी  रेट भी अश्विन से बेहतर है, यही नहीं जहां सपाट पिच पर अश्विन विकेट के लिए तरसते नजर आते हैं, वही जडेजा की अंगुलियों का जादू सपाट पिचों पर भी चलता है। यह मानना होगा कि जडेजा को जितने मौके मिलने चाहिए उतने मिले नहीं हैं, जितना विश्वास अश्विन पर दिखाया गया है, शायद उतना जडेजा पर नहीं दिखाया गया है, शायद यही वजह है कि अश्विन से 1 साल बाद ही टीम में पदार्पण करने के बावजूद जडेजा ने टेस्ट मैच में अश्विन के 2339 ओवर के मुकाबले सिर्फ 1380 ओवर फेंके हैं। इसके बावजूद जडेजा अश्विन के नंबर एक स्थान को चुनौती देते नजर आ रहे हैं। वैसे यह दोनों की होड़ भारतीय टीम के लिए फायदेमंद साबित हो रही है। पहले यह होड़ सिर्फ बल्लेबाजों में देखने को मिलती थी लेकिन जडेजा और अश्विन कि होड़ बता रही है कि भारतीय टीम से मुकाबला विरोधियों के लिए बेहद मुश्किल होने वाला है| ऑस्ट्रेलिया सीरीज के बाद यह जरूर तय हो जाएगा कि दोनों गेंदबाजों में से सर्वश्रेष्ठ कौन है? लेकिन दोनों कि यह होड़ अगर ऐसे ही चलती रही तो भारतीय टीम से विरोधियों का मुकाबला बहुत ही मुश्किल होगा।

 

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