डिजिटल भुगतान के लिए राष्ट्रीय अभियान

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया और कम नकद वाली अर्थव्यवस्था के अभियान को एक नई गति देते हुए केंद्रीय संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने नई दिल्ली में हुए समारोह में व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की ओर प्रेरित करने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत की। यह अभियान व्यापारियों के शीर्ष संगठन कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और केंद्र सरकार के संचार मंत्रालय के अंग नाइलेट द्वारा देश भर में संयुक्त रूप से चलाया जायेगा। इस अभियान के अन्तर्गत देश भर में 5 क्षेत्रीय सम्मेलन, 30 राज्यस्तरीय सम्मेलन और 100 डिजिधन कैंप देश के विभिन्न शहरों के प्रमुख बाज़ारों में लगाने की योजना बनायीं गयी है। समारोह में बोलते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा की व्यापारी देश की अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत किला है, जो अपनी विरासत को संभालते हुए स्वयं ही समय के अनुसार अपने व्यापार में जरूरी बदलाव करता आया है। इस कड़ी में डिजिटल भुगतान को अपनाना व्यापारी के लिए कोई मुश्किल भरा काम नहीं है और इस से देश में ईमानदार अर्थव्यवस्था का विकास होगा। उन्होंने कहा की डिजिटल भुगतान के लिए सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को इसका नोडल दायित्व सौंपा गया है और इस वर्ष 2500 करोड़ ट्रांजेक्शन डिजिटल भुगतान के द्वारा करने का लक्ष्य रखा गया है। श्री प्रसाद ने कहा की व्यापारी देश में अकेला ऐसा खम्बा है जो प्रतिदिन बहुत बड़ी संख्या में अपने ग्राहकों को ट्रेनिंग देते हुए भारत को बदलने की क्षमता रखता है। डिजिटल भुगतान देश को सारी दुनिया में अग्रिम पंक्ति में खड़ा कर देगा। इस अवसर पर नाइलेट के महानिदेशक डॉ.अश्वनी कुमार शर्मा, एम.ई.आई.टी.वाई के सयुंक्त  सचिव संजीव मित्तल और संचार मंत्रालय के बड़े अधिकारी सहित बड़ी संख्या में दिल्ली और दिल्ली के आसपास के शहरों के व्यापारी भी मौजूद थे। समारोह में एचडीएफसी बैंक सहित अन्य बैंक, वित्तीय संस्थानों, मास्टरकार्ड और डिजिटल भुगतान तकनीक प्रदान करने वाली अनेक कंपनियों के अधिकारी भी शामिल हुए। इस अवसर पर बोलते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा की संचार मंत्रालय के साथ संयुक्त रूप से इस अभियान में जुड़ते हुए कैट देश भर के व्यापारियों को डिजिटल तकनीक से जोड़ेगी जिससे अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी वहीँ दूसरी ओर तेजी से बदलते व्यापारिक वातावरण के साथ देश का व्यापारी वर्ग भी अपने आपको जोड़ सकेगा। क्योंकि व्यापारी समुदाय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी है इस नाते से डिजिटल तकनीक से जुड़ने पर स्वाभाविक रूप से देश की अर्थव्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

उन्होंने कहा की डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जाना समय की मांग है लेकिन यह भी सत्य है की डिजिटल भुगतान से जुड़े ट्रांसैक्शन शुल्क के कारण लोग डिजिटल भुगतान को अपनाने से बचते हैं। उन्होंने यह भी कहा की यह आवश्यक है की सरकार डिजिटल भुगतान पर लगने वाले शुल्क को सब्सिडी के रूप में सीधे बैंकों को दे जिससे इस शुल्क का बोझ व्यापारियों और उपभोक्ताओं पर न पड़े वहीँ दूसरी ओर प्रत्येक डिजिटल भुगतान पर इंसेंटिव स्कीम भी दी जाएं। इस से निश्चित रूप से जहां  सरकार का कर का आधार बढेगा वहीँ दूसरी ओर नकदी छापने पर रिज़र्व बैंक का होने वाला खर्च भी काफी कम होगा। कैट बीते 2015 से मास्टरकार्ड के साथ मिलकर देश भर में डिजिटल पेमेंट को अपनाने के प्रति एक अभियान चलाये हुए है जिसके अंदर अब तक 100 से अधिक ट्रेनिंग वर्कशॉप आयोजित की गयी हैं जिनमें 5 लॉक्स से अधिक व्यापारियों को डिजिटल भुगतान की ट्रेनिंग दी चुकी है।

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