भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा टेस्ट मैच ड्रा

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विवेक कुमार सिंह

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेला गया तीसरा टेस्ट मैच ड्रा हो गया है यह ड्रॉ भारतीय गेंदबाजों पर सवाल खड़ा कर रहा है।इस ड्रा ने भारत को सीरीज में बढ़त लेने से रोक दिया। इस ड्रॉ ने पुजारा के दोहरा शतक को भी बेकार कर दिया। दूसरे टेस्ट में कंगारुओं को पटखनी देने के बाद उम्मीद थी कि भारत तीसरे टेस्ट में भी अपने प्रदर्शन को कायम रखेगा, ऐसा लगा कि सभी गेंदबाज फॉर्म में वापस आ गए हैं। खासकर रविचंद्रन अश्विन, जिससे उम्मीद और बढ़ गई। बेंगलुरु टेस्ट जीतने के बाद भारतीय टीम के कोच अनिल कुंबले ने यह दावा कर दिया था कि मैच 3 दिन चले या चार दिन जीतेंगे हम। रांची में तो टेस्ट मैच पूरे 5 दिन चला लेकिन फिर भी जीत नहीं पाए। इस ड्रॉ ने कोच कुंबले के विश्वास को भी तोड़ कर रख दिया। जिसने तीन से चार दिन में मैच जीतने की उम्मीद जताई थी। आपको बता दें कि बेंगलुरु में रविंद्र जडेजा और  आर अश्विन की जोड़ी का योगदान सर्वश्रेष्ठ रहा था। दोनों ने मिलकर बेंगलुरु में ऑस्ट्रेलिया के 20 में से 15 बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया था। लेकिन रांची में जडेजा का ये जोड़ीदार बुरी तरह फ्लॉप रहा। अश्विन ने दोनों पारियों में मिलाकर सिर्फ दो विकेट झटके, यही नहीं उनके प्रदर्शन का असर भी देखने को मिला, जब कप्तान ने अश्विन की बजाए जडेजा  से ज्यादा गेंदबाजी करवाई। इस मैच में जडेजा ने ना सिर्फ गेंद से कमाल किया बल्कि बल्ले से भी धमाल करते हुए 55 गेंदों में 5 चौके और 2 छक्के की मदद से ताबड़तोड़ 54 रन बनाए। भले ही और गेंदबाजों ने जडेजा का साथ ना दिया हो लेकिन जडेजा का जादू रांची में भी खूब चला और कंगारू टीम के नौ बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया। भारतीय टीम में खेल रहे तीन अन्य गेंदबाजों में से एक ने भी अगर जडेजा का साथ दिया होता तो मैच का नतीजा आज कुछ और होता और सीरीज में भारत बढ़त के साथ धर्मसाला में खेलने उतरता। फिलहाल सीरीज का अंतिम मुकाबला 25 मार्च से धर्मशाला में खेला जाएगा। जो इस मैच को जीतेगा सीरीज पर कब्जा जमाएगा। दोनों ही टीमों के पास गलतियों को सुधारने का पर्याप्त समय है। अगर धर्मशाला में भारत जीतता है तो लगातार 7 सीरीज जीतने का अनूठा कारनामा अपने नाम कर लेगा।

 

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