पेस्ट कंट्रोल से करें कीड़े-मकोड़े की छुट्टी

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Pest-Control
photo courtesy http://www.pronexis.com/prodefense/

कीड़े-मकोड़े को भगाने के लिए पेस्ट कंट्रोल एक अच्छा साधन है लेकिन इसमें केमीकल होने की वजह से यह स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह भी हो सकता है। आजकल तमाम अच्छे पेस्ट कंट्रोलर इस बात पर जोर देते हैं कि पेस्टीसाइड को पूरे घर में छिड़कने के बजाय इसकी कम मात्रा को सही जगह पर रखा जाए ताकि इसका स्वास्थ्य पर कोई बुरा असर न पड़े।

आजकल घरों में कीड़े-मकोड़े की समस्या आम हो गई है। भले ही हम लाख साफ-सफाई क्यों ना बरतें, लेकिन ये जिद्दी कीड़े-मकोड़े घर से बहार जाने के लिए तैयार ही नहीं होते। अपने स्तर से तमाम घरेलू हथकंडे अपनाने के बाद भी इन्हें घर का कोना ही पसंद आता है और आपको इसे देख-देख कर कोफ्त सी होने लगती है। लेकिन अब आप परेशान न हो, क्योंकि आपकी परेशानियों का हल पेस्ट कंट्रोल के द्वारा ढूंढ़ निकाला गया है। पेस्ट कंट्रोल एक प्रकार की दवाई है, जिसका प्रयोग स्प्रे के रूप में किया जाता है। स्प्रे में केमिकल होने के कारण इससे घर में मौजूद कीड़े-मकोड़े का सफाया होता है और इससे कीड़े-मकोड़े से छुटकारा भी मिल जाता है। लेकिन इसे प्रयोग करते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी होगी, तभी आप  इससे बेहतर परिणाम मिल पाएंगे।

-घर में कराया गया पेस्ट कंट्रोल ट्रीटमेंट आमतौर पर एक महीने तक प्रभावी रहता है। पेस्ट कंट्रोल के लिए प्रोफेशनल हेल्प ली जानी चाहिए या नहीं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि घर में कीड़े-मकोड़े की स्थिति कैसी है। अर्थात कम है या ज्यादा है।

-अगर किचिन में एक-दो कॉकरोच दिखाई दे तो किसी प्रोफेशनल की मदद लेने की ज़रूरत नहीं है। ऐसे में स्प्रे से ही काम चल जाएगा।

-घर के फर्नीचर और फर्निशिंग सामान को पेस्ट कंट्रोल का भी हिस्सा बनाएं। लकड़ी के बने मेज कुर्सियों से लेकर लकड़ी के आलमाड़ी और वार्ड रोब आदि पर भी पेस्ट कंट्रोल का छिड़काव करवाएं।

-पेस्ट कंट्रोल में प्रयुक्त किए जाने वाले केमिकल नुकसानदेह होते हैं। इसलिए पेस्ट कंट्रोल कराने से पहले एजेंसी से अच्छी तरह से पूछताछ कर लें। ट्रीटमेंट में इस्तेमाल मैटीरियल और उसके साइड इफेक्ट्स के बारे में बेहिचक पूछें।

-पेस्ट कंट्रोल किसी एक्सपार्यड केमिकल का प्रयोग न हो और उनकी बोतलों पर लेवलिंग पूरी हो।

-इस बात का भी पता लगाएं कि इसे घरों में इस्तेमाल करने के लिए बनाया गया हो, न कि इंडस्ट्री के प्रयोग के लिए। एक अच्छा पेस्ट कंट्रोल ऑपरेटर इसमें प्रयोग किए जाने वाले केमिकल के बारे में छोटी से छोटी बात बता सकता है।

-स्प्रे करवाते समय घर के सभी खिड़की और दरवाजे को अच्छी तरह से बंद कर दें ताकि पेस्ट कंट्रोल का असर देर तक रहें।

-पेस्ट कंट्रोल करवाने से पहले ही खाने-पीने की चीज़ों को अच्छी तरह से  ढक कर रखें। अच्छा होगा कि इन्हें किसी एयरटाइट वाले डिब्बे में रखें।

-यदि आपके घर में सीलन की समस्या है तो पहले सीलन का समाधान करें क्योंकि सीलन वाले घरों में पेस्ट कंट्रोल प्रभावी नहीं होता है। अच्छा होगा कि जब आपको घर से तीन से घंटे के लिए  बाहर जाना हो, तभी पेस्ट कंट्रोल करवाएं।

सावधानी

-सिंक में पानी जमा न होने दें, क्योंकि कीड़े-मकोड़े के पनपने का कारण यहीं पानी का जमाव होता है। पेस्ट कंट्रोल से पहले पाइप लाइन में लीकेज वगैरह को भी चैक कर लें। क्योंकि मच्छर व तमाम छोट-मोटे कीड़े इन्ही लीकेज में पनपते हैं।

-पेस्ट कंट्रोल करवाते समय कोशिश करें कि घर का प्रत्येक कोना खाली हो। आमतौर पर कीड़े-मकोड़े को कोने बहुत पसंद आते हैं।

-एक बार पेस्ट कंट्रोल करवाने से कीड़े तो मर ही जाएंगे, लेकिन उनके अंडे शेष रह जाते हैं। इसे जड़ से खत्म करने निर्धारित सीमा के भीतर दोबारा से पेस्ट कंट्रोल करवाएं।

-कूड़े के डिब्बे को भी फिनाइल से साफ करें। गर्मी और बरसात के दिनों में मच्छर ज्यादा पनपते हैं। इसलिए साफ-सफाई का खास ध्यान रखें। घर में छुपे कीड़े जैसे कॉकरोच को भगाने के लिए आप यह उपाय भी कर सकते हैं।

-पेस्ट कंट्रोल करवाने के तुरंत बाद यदि बारिश हो जाती है तो केमिकल का असर तुरंत खत्म हो जाता है, अन्यथा पेस्ट कंट्रोल कम से कम एक महीने तक प्रभावी रहता है। वैसे अनुभवी पेस्ट कंट्रोल से पेस्टीसाइड करवाने से कीड़े-मकोड़े काफी हद तक जड़ से खत्म हो जाते हैं। अच्छा होगा कि पेस्ट कंट्रोल करवाने से पहले किसी वैसे जानकार से अनुभव हासिल करें। जिसने कि हाल -फिलहाल में घर में पेस्टीसाइड करवाया हो।

-छोटे बच्चों, एलर्जी व अस्थमा पेशेंट को घर में पेस्ट कंट्रोल करवाते समय घर से दूर रखें अन्यथा इसके केमीकल प्रभाव से उनके स्वास्थ्य को और भी नुकसान पंहुच सकता है।

-पेस्ट कंट्रोल करवाने के तीन-चार घंटे के बाद भी यदि घर से इसकी महक नहीं जा रही है। तो फिर इसके लिए रूम फ्रेशनर का इस्तेमाल करें।

कुछ घरेलु उपचार

चींटी :चिटियां का प्रकोप घर में सबसे पहले होता है। अगर आपके यहां भी ऐसा है और आप चिटियों से छुटकारा पाना चाहती हैं तो सबसे पहले किचिन को हमेशा साफ-सुथरा रखने की कोशिश करें। इसके साथ ही हफ्ते में एक बार किरोसीन तेल से पोछा लगाना नहीं भूलें। चिटियों को दूर रखने के लिए ज़मीन और दरवाजे के किनारे पर कोई दरार न रहने दें। सफाई के लिए पानी में सिरके को मिलाएं, इससे भी चींटी दूर रहेगी।

छिपकली :यदि आपके घर की दीवारों पर छिपकली अधिक संख्या में घूमती नज़र आती हैं तो इन्हें भगाने के लिए अपने घर के कोनों में खाली अंडे का शैल रख दे। इससे उनका आना कम हो जाएगा।

मच्छर : मच्छर को भगाने के लिए आप नीम, तुलसी और गंजनी की पत्तियों को अपने घर के आस-पास लगाएं। इस बात का ध्यान रहे कि इनको प्रभावित करने वाली चीजें घर पर ना रखें। गहरे रंग के कपड़े, परफ्यूम और हेयर स्प्रे से यह काफी आकर्षित होते हैं।

मक्खी :मक्खियों को दूर भगाने के लिए संतरे के छिलकों को खुले में रख दें।

कीट-पंतगे : कपूर में सल्फर नाम का तत्व पाया जाता है, जो कि कीट को दूर रखने के लिए बहुत ही  कारगर है। इसके अंदर एंटी बैक्टीरियल और एंटी फंगल तत्व पाए जाते हैं। अपने घर कपूर की दो-तीन गोलियां जलाएं, जिससे आपको कीटों से छुटकारा मिल सके। आधी कटी प्याज के आसपास कीड़े-मकोड़े फटकेंगे भी नहीं।

कॉकरोच :किचिन में छुपे कॉकरोच को भगाने के लिए बोरीक पाउडर को आटे में मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना लें और इसे किचिन के उन हिस्सों में रख दें, जहां पर कॉकरोच दिखाई दे रहे हो।

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