कैसे जाने कौन है बेहतर ब्रोकर?

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photo courtesy http://www.masterakademi.net/

मि.अमन एक मल्टी नेशनल कंपनी में उच्च पद पर कार्यरत हैं। वे एक घर खरीदने की प्लानिंग काफी दिनों से कर रहे हैं। लेकिन उनको यह समझ में नहीं आ रहा है कि कहां उनके बजट के हिसाब से बेहतर लोकेशन पर अच्छा घर मिलेगा। इस मामले में उन्होंने अपने जान-पहचान के लोगों से भी बातचीत की, लेकिन किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पाए। मि. अमन ने आशियाना के सपने को साकार करने के लिए एक प्रसिद्ध ब्रोकर कंपनी से संपर्क किया। आज उनको एक बेहतर घर मिल चुका है, वह भी उनके बजट के मुताबिक। इस प्रकार की समस्यों से सिर्फ अमन जैसे लोग ही नहीं दो-चार हो रहे हैं, बल्कि कई ऐसे लोग हैं, जो अपने बजट के हिसाब से घर लेना चाहते हैं, पर सही जानकारी नहीं होने पर वे घर ले नहीं पाते हैं। इसके पीछे मुख्य कारण प्रॉपर्टी संसार के विषय में बेहतर जानकारी नहीं होना होता है। एक अदद आशियाने के सपने को साकार करने में प्रॉपर्टी ब्रोकर आपको कैसे मदद कर सकता है, आइए बताते हैं।

कौन है बेहतर ब्रोकर?

प्रॉपर्टी बाज़ार में बूम होने के कारण इस सेक्टर में दूसरे सेक्टर के लोग जुड़ रहे हैं। ऐसे लोगों को इस सेक्टर के विषय में एबीसी जानकारी नहीं है। दूसरी ओर एक आम निवेशक अपने सपने का आशियाना जल्द से जल्द चाहता है। पर उसे यह पता नहीं होता कि वह किस से मिले और किस प्रोजेक्ट में निवेश करें। इसके लिए वह रियल एस्टेट ब्रोकर से मिलता है। ब्रोकर उसे अपने बातों की कला-कौशल से किसी तरह से इम्प्रेस करने की कोशिश करता है। निवेशक को यह पता नहीं चल पाता कि ब्रोकर जो बोल रहा है वह सही या गलत। ब्रोकर कस्टमर को लालच देता है कि आप जो प्रॉपर्टी लेना चाहते हैं, उसका मार्केट में यह रेट चल रहा है, पर मैं आपको इस रेट में प्रॉपर्टी दिला दूंगा। वह यह भी कहने से नहीं हिचकता कि आप जिस एरिया में प्रॉपर्टी सर्च कर रहे है, वहां पर तेज़ी से कीमत बढ़ रही है। एक ब्रोकर इन पैतरों को इस लिए इस्तेमाल करता है कि आप जल्द से जल्द उसके बताएं प्रोजेक्ट में निवेश कर लें और उसको उसका कमीशन मिल जाए। वैसे भी एक आम कस्टमर के लिए किसी प्रोजेक्ट में क्या रेट चल रहा है इसकी जानकारी करना टेढ़ी खिर है। ऐसे में उसे ब्रोकर की कही बातों पर विश्वास के अलावे और दूसरा कोई रास्ता नहीं होता। आम कस्टमर या तो मीडिया में आयी खबर, विज्ञापन का सहारा लेते है। पर इस माध्यम से सही जानकारी नहीं मिल पाती। आज-कल प्रॉपर्टी सर्च करने में ऑन-लाइन साइट बड़ी भूमिका अदा कर रहा है। पर यहां पर आपको सही जानकारी मिले ऐसा नहीं कहा जा सकता। हम अपने ओर से किसी भी निवेशक को यही सलाह देना चाहते है कि आप निवेश से पहले खुद से होम-वर्क करें। किसी एक ब्रोकर के सहारे न बैठें। मार्केट में पता करें कि कौन सा ब्रोकर सही है। उसने पहले जिन लोगों के साथ काम किया है, उनका क्या राय है। डेवलपर्स कंपनी में जा कर खुद से पता करे। वहां पर आपको प्रोजेक्ट के विषय में काफी कुछ जानने को मिल जाता है। ब्रोकर कई बार ऐसी बात बताते है जो जो उस प्रोजेक्ट में नहीं होता। ऐसे समय में आप जब निवेश कर देते हैं तो आप अपने को ठगा महसूस करते हैं।

प्रोजेक्ट क्वालिटी

मार्केट में अनगिनत ब्रोकर बैठे हैं। पर कुछ को ही प्रोजेक्ट के विषय में तह तक की जानकारी होती है। जब भी आप किसी ब्रोकर से मिले तो सबसे पहले प्रोजेक्ट की बात करें। प्रोजेक्ट के विषय में पूरी जानकारी इक्ट्ठा करें। यदि कोई ब्रोकर इसकी जानकारी नहीं दे पता है तो उसके साथ कभी भी नहीं जुड़े। ज्यादातर ब्रोकर मुख्य रूप से रेट पर ध्यान दिलाना चाहता है। पर ऐसा अक्सर देखने में आता है कि एक ही एरिया में दो प्रोजेक्ट बन रहे होते हैं और उनके कीमत में बहुत कम के अन्तर होता है पर एक प्रोजेक्ट का दूसरे प्रोजेक्ट की तुलना में क्वालिटी कंस्ट्रक्शन बहुत बढिय़ा होता है और मिलने वाली सुविधाएं भी अधिक होती हैं। ऐसे में आपकी थोड़ी समझदारी आपको बड़ा लाभ देता है।

एनआरआई के लिए

हमारे देश के रियल एस्टेट में सिर्फ देश के ही नहीं विदेशों में बैठे एनआरआई परिवार अपना पैसा लगाते हैं। उनके लिए बड़ा सवाल यह होता है कि वह किस ब्रोकर से जुड़े जो उनके पैसे को सही स्थान पर निवेश कराएं। इनके लिए यह सम्भव नहीं होता है कि वह खुद से यहां आकर प्रॉपर्टी सर्च करें। उनको ब्रोकर की बातों पर यकिन करना ही होता है। ब्रोकर जो कहता है, वह मानना उनकी मजबूरी होती है। यदि ऐसे में गलत ब्रोकर मिल जाता है तो वह मिसगाइड करता है, जिससे निवेशक को बड़ा नुकसान हो जाता है। इससे बचने के लिए मार्केट में जो रिपुटेड नाम है, उनसे ही जुडऩा चाहिए। जिनका काम करने का लम्बा अनुभव है, उनके साथ क्वालीफाइड टीम काम कर रही है। रियल एस्टेट का अच्छा अनुभव है। वह काम प्रोफेशनल तरीके से करते है। जिन लोगों को वह पहले निवेश कराया है उनका क्या राय है यह जरूर जानने का प्रयास करे।

ब्रोकर कैसे सुधारे अपनी छवि

ब्रोकर को चाहिए कि वह निवेशक को निवेश सम्बन्धी सलाह दे वह पूरी ईमानदारी, निष्पक्षता, पारदर्शी और प्रोफेशनल हो। कस्टमर को यह जरूर सुनिश्चत करे कि आप यदि हमसे जुड़ रहे हैं तो हम प्रोजेक्ट के पजेशन तक आपकी सभी समस्याओं का समाधान करेंगे।।कभी भी विवाद वाली प्रॉपर्टी किसी भी कस्टमर को नहीं ऑफर करे। यदि आप ऐसा करते है तो आपकी साख मार्केट में गिर जाएगी और आप लम्बे समय तक काम नहीं कर पाएंगे। अपनी कंपनी का विज्ञापन देते समय आप जो एक्चुअल में कर रहे है उसी को प्रकाशित करें। उस विज्ञापन में सच्चाई होनी चाहिए। हमेशा यह कोशिश करनी चाहिए कि कस्टमर को किसी भी कीमत में नुकसान न हो। यदि किसी प्रोजेक्ट में आपको नुकसान होता भी है तो उसका भार अपने कस्टमर पर कभी भी नहीं डालें। मार्केट के साथ चले, जल्द कमाने के लिए अनाप-सनाप फीस की मांग न करें। आप अपने को खुद जज करे कि आपने जो काम किया है उसका मेहताना क्या होनी चाहिए।

ट्रेंड सेट

रियल एस्टेट में कारोबार में ब्रोकर सेल और परचेज पर कमीशन लेते हैं। यह कमीशन प्रॉपर्टी के वैल्यू के हिसाब से लिया जाता है। ऐसे में मार्केट से हट कर ट्रेंड सेट किया जा सकता है। ब्रोकर अपने कमीशन को कम कर अपने कस्टमर को फायदा पहुंचा कर किया जा सकता है। डेवलपर्स से निगोशिएट कर अधिक से अधिक रियायत ले कर ऐसा किया जा सकता है। ऐसे में आप एक ओर कस्टमर को मुनाफा कराते है वहीं दूसरी ओर अपनी साख मार्केट में भी बनाते है।

ब्रोकर से एप्रोच

जब आप उस प्रॉपर्टी के लिए ब्रोकर से एप्रोच करते हैं तो वह कई बहाने बनाता है। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ दिल्ली-एनसीआर में करीब 60 हजार ब्रोकर काम कर रहे है। इसमें से बहुत कम ने अपने कंपनी को रजिस्टर्ड तक नहीं किया हुआ है। इसमें से कुछ ब्रोकर ऐसे हैं जो रियल एस्टेट कारोबार में मोटा मुनाफा देख कर आ गए हैं। इन्हे खुद नहीं पता होता कि कौन सी प्रॉपर्टी सही है, तो निवेश की क्या सलाह देंगे। ऐसा नहीं है ब्रोकर कम्युनिटी में ऐसे भी कई ब्रोकर हैं जो कस्टमर और डेवलपर्स के बीच सेतु का काम कर रहे हैं और इस सेक्टर को पारदर्शी बनाने में अपनी अहम भूमिका अदा कर रहे है। वैसे सरकार जल्द ही रेगुलेटर लाने की बात कह रहे हैं। यदि रेगुलेटर आता है तो इस सेक्टर में काम करना भी आसान होगा और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पर एक सलाह हम आपको जरूर देना चाहेंगे कि समझदारी में ही होशियारी है। कोई भी कदम उठाने से पहले उसको बारीकि से समझ ले फिर करें। ऐसा यदि करते है तो आप कहीं भी ठगे नहीं जा सकते हें।

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