सरकार के निशाने पर बेनामी संपत्ति

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अब मोदी सरकार के निशाने पर बेनामी संपत्ति है। सरकार ने बेनामी संपत्ति रखने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने कार्रवाई तेज करने के लिए देशभर में 24 बेनामी निषेद्य इकाइयां (बीपीयू) का गठन किया है।  IT ने 23 मई 2017 तक 400 से अधिक बेनामी सौदे पकड़े हैं। 240 मामले में 600 करोड़ रुपये की संपत्ति भी जब्त करने का आदेश जारी किया है। बेनामी संपत्ति के मामले कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के हैं। इनमें कोलकाता की कई फर्जी कंपनियां भी शामिल हैं, जिन्होंने दूसरों के नाम से कई बेनामी संपत्ति के सौदे किए हैं। बेनामी सौदे में बैंक खाते, जमीन के प्लॉट, फ्लैट और ज्वैलरी शामिल है।

बेनामी संपत्ति के मामले में जबलपुर का मामला चौंकाने वाला है। पकड़ा गया शख्स एक ड्राइवर है, जो 7.7 करोड़ रुपये की जमीन का मालिक पाया गया। इसी प्रकार की कार्रवाई में मुंबई से भी फर्जी कंपनियां बनाकर कई अचल संपत्ति बनाने वाला एक शख्स भी पकड़ा गया है। राजस्थान के सांगानेर का मामला तो और भी चौंकाता है। यहां के एक ज्वैलर ने अपने एक पूर्व कर्मचारी के नाम 9 अचल संपत्ति कर रखीं थीं। इसके अलावा IT ने कालेधन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाते हुए बीते एक महीने में 10 वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के यहां भी छापेमारी की है।

आपको बता दें कि बेनामी लेन-देन (निषेद्य) संशोधन कानून, 2016 से प्रभाव में आया है। हालांकि यह कानून काफी पहले बन गया था लेकिन किसी भी सरकार ने इसे लागू नहीं किया था। इस कानून के तहत दोषी व्यक्ति को सात साल की कारावास और जुर्माने का प्रावधान है। इसमें चल-अचल प्रकार की वह सभी संपत्तियां शामिल की जाती है, जो किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर दर्ज हैं. जबकि असली मालिक कोई और होता है।

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