नितिन गडकरी ने बिहार में कई सीवर परियोजनाओं को आधारशिला रखी

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Nitin Gadkari lays foundation stone for many sewerage infrastructure projects in Bihar Google Image

 

जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण, सड़क यातायात और राजमार्ग एवं नौवहन मंत्री नितिन गडकरी ने बिहार के छपरा में 2785.23 करोड़ रुपये की सीवर परियोजनाओं की आधारशिला रखी. इन परियोजनाओं से गंगा किनारे बसे 13 शहरों के सीवर का 32 करोड़ लीटर पानी गिरने से रुकेगा. बिहार के ये 13 शहर – पटना, छपरा, सोनपुर, दानापुर, मनेर, फुलवारी शरीफ, बख्तियारपुर, फतुहा, मोकामा, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर और भागलपुर हैं.  दीघा में प्रतिदिन 10 करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. इसमें 288 किलोमीटर का सीवर नेटवर्क शामिल है.  कंकड़बाग में प्रतिदिन 5 करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. इसके अतिरिक्त 150 किलोमीटर लम्बे सीवर नेटवर्क तैयार करने को मंजूरी दी गई.  जहां फुलवारी शरीफ में प्रतिदिन 60 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. वहीं बख्तियारपुर में प्रतिदिन एक करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई

इसके अलावा फुलवारी शरीफ में प्रतिदिन 70 लाख लीटर की संयुक्त क्षमता वाले दो अतिरिक्त सीवर उपचार संयंत्र, एक पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने की 4 परियोजनाओं तथा बीच के 3 पंपिंग स्टेशनों की भी आधारशिला रखी गई है. . बख्तियारपुर में भी एक मुख्य पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने की 6 परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई है. फतुहा में सीवर परियोजनाओं को परवान चढ़ाते हुए यहां पर भी प्रत्येक दिन 70 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. यहां पर 5 सीवर पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने की 19 परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी गई.  मोकामा में प्रतिदिन 80 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र और 3 पंपिंग स्टेशनों की आधारशिला रखी गई.  दानापुर में प्रतिदिन 2.5 करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई। इसके अलावा 1 सीवर पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने की 2 परियोजनाओं, 4.1 किलोमीटर लम्बी मेन सीवर लाइन और 2.8 किलोमीटर लम्बी मेन लाइन की भी आधारशिला रखी गई.

मनेर :  मनेर में प्रतिदिन 65 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. इसके अलावा 1 सीवर पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने की 2 परियोजनाओं और 3 किलोमीटर लम्बी मेन सीवर लाइन की भी आधारशिला रखी गई है.

छपरा :  छपरा में प्रतिदिन 3.2 करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. इसके अलावा 5 सीवर पंपिंग स्टेशन, बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने के लिए 31 नालों, 8 घाटों की मरम्मत और विकास तथा 2.3 किलोमीटर लम्बी मेन सीवर लाइन की भी आधारशिला रखी गई.

सोनपुर :  सोनपुर में प्रतिदिन 35 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र की आधारशिला रखी गई. इसके अलावा बहाव रोकने और उनका मार्ग बदलने के लिए 4 नालों तथा 3.576 किलोमीटर लम्बा बहाव रोकने वाले सीवर की भी आधारशिला रखी गई.

बेगूसराय :  बेगूसराय में प्रतिदिन 1.7 करोड़ लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र और 98 किलोमीटर लम्बे सीवर नेटवर्क की आधारशिला रखी गई है.

खगड़िया :  खगड़िया में प्रतिदिन 45 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र, 2 सीवरेज पंपिंग स्टेशन और जल बहाव को रोकने और उसका मार्ग बदने के लिए नाला बनाने की 3 परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई।

मुंगेर :  मुंगेर में प्रतिदिन 30 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र और 174.5 किलोमीटर लम्बे सीवर नेटवर्क की आधारशिला रखी गई।

भागलपुर :  भागलपुर में प्रतिदिन 45 लाख लीटर सीवर के पानी को साफ करने की क्षमता वाले सीवर उपचार संयंत्र और 10 पंपिंग स्टेशनों की आधारशिला रखी गई.

इस अवसर पर बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी.सारण के सांसद राजीव प्रताप रूडी, बिहार के नगर विकास एवं आवास मंत्री  नंद किशोर यादव, बिहार के सड़क निर्माण मंत्री और अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहे. कार्यक्रम के दौरान  नितिन गडकरी और अन्य विशिष्टजनों ने सोनपुर में 19.75 करोड़ रुपये की लागत से 6 घाटों का उद्घाटन किया. इन घाटों में परिधान बदलने के कमरे, शौचालयों और बैठने के लिए चबूतरों की सुविधा भी है.

बिहार में 18 शहरों के लिए 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली नमामि गंगे सीवर संरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है. इस समय गंगा किनारे बसे शहरों की वर्तमान सीवर उपचार क्षमता केवल 64 मिलियन लीटर प्रतिदिन है. इसे नमामि गंगे परियोजनाओं के तहत लगभग 10 गुना बढ़ाकर 643 एमएलडी किया जा रहा है.     

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